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एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका अहम : कुलपति
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) और सरस्वती महिला महाविद्यालय पलवल ने आठ दिवसीय ऑनलाइन कार्यक्रम का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। यह एनईपी ओरिएंटेशन एंड सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एमएमटीटीपी) के तहत मंगलवार को आरंभ हुआ। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने इसका उद्घाटन किया।
कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का आधार है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों, आधुनिक शिक्षण और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है।
ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं। यह कार्यक्रम 21 से 28 जुलाई तक चलेगा। इसमें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से 100 से अधिक शिक्षाविद भाग ले रहे हैं। विशेषज्ञ एनईपी-2020 के विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों को जानकारी दे रहे हैं।
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पहले सत्र में जेएनयू नई दिल्ली के प्रो. दीपेंद्र नाथ दास ने राष्ट्र निर्माण की चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने उच्च शिक्षा, नैतिक मूल्यों, अनुसंधान और पर्यावरण चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला।
दूसरे सत्र में जेएनयू के प्रो. संजय भारद्वाज ने अनुसंधान विकास और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक नेतृत्व और समावेशी शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी बात की। कार्यक्रम में एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. मनीष गर्ग, प्राचार्या डॉ. वंदना त्यागी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) और सरस्वती महिला महाविद्यालय पलवल ने आठ दिवसीय ऑनलाइन कार्यक्रम का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। यह एनईपी ओरिएंटेशन एंड सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एमएमटीटीपी) के तहत मंगलवार को आरंभ हुआ। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने इसका उद्घाटन किया।
कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का आधार है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों, आधुनिक शिक्षण और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है।
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ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं। यह कार्यक्रम 21 से 28 जुलाई तक चलेगा। इसमें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से 100 से अधिक शिक्षाविद भाग ले रहे हैं। विशेषज्ञ एनईपी-2020 के विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों को जानकारी दे रहे हैं।
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पहले सत्र में जेएनयू नई दिल्ली के प्रो. दीपेंद्र नाथ दास ने राष्ट्र निर्माण की चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने उच्च शिक्षा, नैतिक मूल्यों, अनुसंधान और पर्यावरण चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला।
दूसरे सत्र में जेएनयू के प्रो. संजय भारद्वाज ने अनुसंधान विकास और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक नेतृत्व और समावेशी शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी बात की। कार्यक्रम में एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. मनीष गर्ग, प्राचार्या डॉ. वंदना त्यागी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।