{"_id":"689122d476a20e47790baf86","slug":"teachers-became-servantsexam-results-kept-shining-rohtak-news-c-17-roh1020-702712-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: शिक्षक बने सेवादार...चमकता गया परीक्षा परिणाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: शिक्षक बने सेवादार...चमकता गया परीक्षा परिणाम
Tue, 05 Aug 2025 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 05 Aug 2025 02:45 AM IST
विज्ञापन
महम खंड के गांव इमलीगढ़ के मिडिल स्कूल का भवन। संवाद
महम (रोहतक)। ऐसा स्कूल जहां शिक्षक सेवादार भी हैं। डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय व सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शिक्षकों ने खुद रंगरोगन कर स्कूल को संवारा है। आंगन भी साफ-सुथरा, दीवारों पर पेंटिंग और टाइलों से फर्श चमचमा रहा है। यहां विद्यार्थियों के लिए शिक्षण में सहायक हर जरूरी सुविधा उपलब्ध है। यह सब सुविधाएं निजी स्कूल में नहीं बल्कि जिले के इमलीगढ़ गांव के राजकीय मिडिल विद्यालय में हैं। अब यह स्कूल दूसरों के लिए नजीर पेश कर रहा है।
राज्य शिक्षक अवॉर्ड से सम्मानित अजमेर सिंहमार स्कूल में बच्चों के आदर्श हैं। उन्हें वर्ष 2012 में जींद जिले के गांव कमाच खेड़ा स्कूल में रहते यह सम्मान मिला था। सुविधाएं ही नहीं, यहां की पढ़ाई भी शानदार है। पिछले कुछ वर्षों से परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आ रहा है। यहां 24 घंटे बिजली सुविधा रहती है। बिजली सप्लाई में बाधा होने पर चार बैटरी वाला बड़ा इन्वर्टर लगा है।
स्कूल के शिक्षकों ने अपनी मेहनत से यहां सुधार का कदम उठाया। लोगों ने सुधार देखा तो खुद भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। शिक्षकों व समाजसेवियों ने मिलकर स्कूल को संवारने का प्रयास किया। यही वजह है कि अब निजी स्कूलों के मुकाबले बेहतर नजर आता है।
विज्ञापन
शिक्षकों ने यहां की व्यवस्था के साथ परीक्षा परिणाम भी सुधारा। यहां उनकी मदद के लिए न सफाईकर्मी हैं, न चौकीदार या सेवादार। यह केवल उनकी इच्छा शक्ति व कुछ कर गुजरने के जुनून के कारण संभव हुआ।
छात्रों के लिए शिक्षक खुद भरकर लाते हैं पेयजल
शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में सफाई कर्मी, चौकीदार, क्लर्क व चपरासी नहीं हैं। इनका काम शिक्षकों को ही मिल-बांटकर करना पड़ता है। छात्रों के लिए पेयजल भी शिक्षक खुद जलघर से भरकर लाते हैं। स्कूल में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। लिपिक का कार्य भी शिक्षक खुद करते हैं।
-- -- -- -- -- -
स्टेट अवाॅर्ड मिलने के बाद बढ़ गई रुचि
शिक्षक अजमेर सिंहमार ने बताया कि वर्ष 2012 में जींद के कमाच खेड़ा स्कूल में रहते समय स्टेट अवाॅर्ड मिला था। इसके बाद स्कूल को चमकाने में रुचि बढ़ती चली गई। इमलीगढ़ स्कूल में स्थानांतरण होने पर यहां भी प्रयास जारी रहा।
नेता व समाजसेवी कर रहे स्कूल का सहयोग
स्कूल के मुख्याध्यापक अशोक कुमार, इंचार्ज हरिराम सैनी, विज्ञान शिक्षक विकास कुमार ने बताया कि स्कूल का ग्रामीणों के अलावा नेता व समाजसेवी भी सहयोग कर रहे हैं। स्कूल में राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा को आमंत्रित किया गया था। उनके सामने कमरे बनवाने की मांग रखी। उन्होंने ग्रांट उपलब्ध कराई और शानदार कमरे का निर्माण हुआ।
उद्योगपति विजय मित्तल व उनके बेटे सुनील मित्तल, दीपक मित्तल ने स्कूल के सुंदरीकरण पर 11 लाख रुपये खर्च किए। इसी प्रकार नगर पालिका के पूर्व प्रधान लालजी राम के पुत्र सुनीत गोयत ने 1.31 लाख की लागत से स्कूल में रंगरोगन कराया।
संदीप सैनी ने स्कूल में 51 हजार रुपये से रसोई व मिट्टी भरत का कार्य कराया। मास्टर बलजीत सिंह ने 31 हजार रुपये से स्कूल में भित्ति चित्र बनवाए। इस प्रकार स्कूल का सुंदरीकरण किया गया। अब स्कूल दूसरों के लिए उदाहरण बन गया है।
-- -- -- --
स्कूल में 8 कमरे और रसोई
स्कूल में आठ कमरे, दो रसोई, एक पुस्तकालय व दो शौचालय हैं। छात्रों की कुल संख्या 230 हैं। यहां 10 शिक्षक हैं। प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूल में दो-दो रसोइये हैं। स्कूल में दो शौचालय, ड्राइंग शिक्षक, चपरासी, चौकीदार व लिपिक की जरूरत है। इनके आने से व्यवस्था और बेहतर बनेगी।
-- -- -- -- -- -- -- -
स्कूल में खेल मैदान नहीं, विद्यार्थी जीतकर ला रहे पदक
स्कूल में खेल का मैदान नहीं है। इसके बावजूद विद्यार्थी खेलों में पदक जीतकर ला रहे हैं। हाल ही में गांव फरमाणा में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में स्कूल के खिलाड़ियों ने वाॅलीबॉल में अंडर 14 आयु वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
स्कूल की टीम समय-समय पर आयोजित होने वाली जिलास्तरीय डांस, सांझी, विज्ञान, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में जिले में स्थान पाती है। स्कॉलरशिप के लिए जिले में 18 छात्रों का चयन हुआ। इनमें अकेले इमलीगढ़ स्कूल के सात छात्र शामिल हैं।
-- -- --
इमलीगढ़ मिडिल स्कूल के स्टाफ सदस्यों ने मिलकर अच्छा कार्य किया है। स्कूल में जब भी जाते हैं, छात्रों की संख्या अच्छी मिलती है। शिक्षक अभिभावक समझ कर पढ़ाई व अन्य गतिविधियां कराते हैं। स्कूल में विभागीय जरूरत को पूरा किया जाएगा।
- सरिता खनगवाल, खंड शिक्षा अधिकारी, महम।
-- -- -- -- -- -
स्कूल का माहौल अच्छा है। यहां साफ-सफाई व अन्य चीजें बेहतर हैं। स्टाफ सराहनीय कार्य कर रहा है। छात्रों की पढ़ाई नियमित हो रही है।
- भूप सिंह, अभिभावक।
-- -- -- --
राजकीय मिडिल विद्यालय इमलीगढ़ का रिपोर्ट कार्ड
विद्यार्थियों की संख्या : 230
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 11
शिक्षकों के पद रिक्त : 01
स्कूल में कमरे : 08
विज्ञापन
राज्य शिक्षक अवॉर्ड से सम्मानित अजमेर सिंहमार स्कूल में बच्चों के आदर्श हैं। उन्हें वर्ष 2012 में जींद जिले के गांव कमाच खेड़ा स्कूल में रहते यह सम्मान मिला था। सुविधाएं ही नहीं, यहां की पढ़ाई भी शानदार है। पिछले कुछ वर्षों से परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आ रहा है। यहां 24 घंटे बिजली सुविधा रहती है। बिजली सप्लाई में बाधा होने पर चार बैटरी वाला बड़ा इन्वर्टर लगा है।
विज्ञापन
स्कूल के शिक्षकों ने अपनी मेहनत से यहां सुधार का कदम उठाया। लोगों ने सुधार देखा तो खुद भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। शिक्षकों व समाजसेवियों ने मिलकर स्कूल को संवारने का प्रयास किया। यही वजह है कि अब निजी स्कूलों के मुकाबले बेहतर नजर आता है।
विज्ञापन
शिक्षकों ने यहां की व्यवस्था के साथ परीक्षा परिणाम भी सुधारा। यहां उनकी मदद के लिए न सफाईकर्मी हैं, न चौकीदार या सेवादार। यह केवल उनकी इच्छा शक्ति व कुछ कर गुजरने के जुनून के कारण संभव हुआ।
छात्रों के लिए शिक्षक खुद भरकर लाते हैं पेयजल
शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में सफाई कर्मी, चौकीदार, क्लर्क व चपरासी नहीं हैं। इनका काम शिक्षकों को ही मिल-बांटकर करना पड़ता है। छात्रों के लिए पेयजल भी शिक्षक खुद जलघर से भरकर लाते हैं। स्कूल में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। लिपिक का कार्य भी शिक्षक खुद करते हैं।
स्टेट अवाॅर्ड मिलने के बाद बढ़ गई रुचि
शिक्षक अजमेर सिंहमार ने बताया कि वर्ष 2012 में जींद के कमाच खेड़ा स्कूल में रहते समय स्टेट अवाॅर्ड मिला था। इसके बाद स्कूल को चमकाने में रुचि बढ़ती चली गई। इमलीगढ़ स्कूल में स्थानांतरण होने पर यहां भी प्रयास जारी रहा।
नेता व समाजसेवी कर रहे स्कूल का सहयोग
स्कूल के मुख्याध्यापक अशोक कुमार, इंचार्ज हरिराम सैनी, विज्ञान शिक्षक विकास कुमार ने बताया कि स्कूल का ग्रामीणों के अलावा नेता व समाजसेवी भी सहयोग कर रहे हैं। स्कूल में राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा को आमंत्रित किया गया था। उनके सामने कमरे बनवाने की मांग रखी। उन्होंने ग्रांट उपलब्ध कराई और शानदार कमरे का निर्माण हुआ।
उद्योगपति विजय मित्तल व उनके बेटे सुनील मित्तल, दीपक मित्तल ने स्कूल के सुंदरीकरण पर 11 लाख रुपये खर्च किए। इसी प्रकार नगर पालिका के पूर्व प्रधान लालजी राम के पुत्र सुनीत गोयत ने 1.31 लाख की लागत से स्कूल में रंगरोगन कराया।
संदीप सैनी ने स्कूल में 51 हजार रुपये से रसोई व मिट्टी भरत का कार्य कराया। मास्टर बलजीत सिंह ने 31 हजार रुपये से स्कूल में भित्ति चित्र बनवाए। इस प्रकार स्कूल का सुंदरीकरण किया गया। अब स्कूल दूसरों के लिए उदाहरण बन गया है।
स्कूल में 8 कमरे और रसोई
स्कूल में आठ कमरे, दो रसोई, एक पुस्तकालय व दो शौचालय हैं। छात्रों की कुल संख्या 230 हैं। यहां 10 शिक्षक हैं। प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूल में दो-दो रसोइये हैं। स्कूल में दो शौचालय, ड्राइंग शिक्षक, चपरासी, चौकीदार व लिपिक की जरूरत है। इनके आने से व्यवस्था और बेहतर बनेगी।
स्कूल में खेल मैदान नहीं, विद्यार्थी जीतकर ला रहे पदक
स्कूल में खेल का मैदान नहीं है। इसके बावजूद विद्यार्थी खेलों में पदक जीतकर ला रहे हैं। हाल ही में गांव फरमाणा में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में स्कूल के खिलाड़ियों ने वाॅलीबॉल में अंडर 14 आयु वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
स्कूल की टीम समय-समय पर आयोजित होने वाली जिलास्तरीय डांस, सांझी, विज्ञान, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में जिले में स्थान पाती है। स्कॉलरशिप के लिए जिले में 18 छात्रों का चयन हुआ। इनमें अकेले इमलीगढ़ स्कूल के सात छात्र शामिल हैं।
इमलीगढ़ मिडिल स्कूल के स्टाफ सदस्यों ने मिलकर अच्छा कार्य किया है। स्कूल में जब भी जाते हैं, छात्रों की संख्या अच्छी मिलती है। शिक्षक अभिभावक समझ कर पढ़ाई व अन्य गतिविधियां कराते हैं। स्कूल में विभागीय जरूरत को पूरा किया जाएगा।
- सरिता खनगवाल, खंड शिक्षा अधिकारी, महम।
स्कूल का माहौल अच्छा है। यहां साफ-सफाई व अन्य चीजें बेहतर हैं। स्टाफ सराहनीय कार्य कर रहा है। छात्रों की पढ़ाई नियमित हो रही है।
- भूप सिंह, अभिभावक।
राजकीय मिडिल विद्यालय इमलीगढ़ का रिपोर्ट कार्ड
विद्यार्थियों की संख्या : 230
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 11
शिक्षकों के पद रिक्त : 01
स्कूल में कमरे : 08

महम खंड के गांव इमलीगढ़ के मिडिल स्कूल का भवन। संवाद

महम खंड के गांव इमलीगढ़ के मिडिल स्कूल का भवन। संवाद