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Rohtak News: शिक्षकों ने सरकार से मांगी पदोन्नति
Sat, 17 Feb 2024 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 17 Feb 2024 01:05 AM IST
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एमडीयू के राधाकृष्णन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक संघ। स्रोत: एमडीयू
रोहतक। एमडीयू शिक्षक संघ की अहम बैठक शुक्रवार को राधाकृष्णन ऑडिटोरियम में हुई। यहां शिक्षकों की पदोन्नति, पांच दिन का कार्यदिवस सप्ताह, मेडिकल फैसिलिटी व अन्य मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार से इन्हें शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।
संघ के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की शुरुआत करने साथ कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम की करीब 65 शिक्षकों की पदोन्नति शीघ्र करने की मांग उठाई। पिछले 15 माह से यह पदोन्नति रुकी हुई है। इसके अलावा सरकार की ओर से नवंबर 2006 तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने वाले कॉलेज शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना के तहत शामिल कर लिया गया है। योजना को कॉलेजों तक सीमित न करके विश्वविद्यालय शिक्षकों को भी योजना का लाभ दिया जाए।
सरकार ने पिछले दिनों कैशलेस मेडिकल सुविधा कर्मचारियों के लिए लागू की। इसका लाभ विश्वविद्यालय कर्मचारियों को नहीं दिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए शिक्षकों को शत प्रतिशत विमान किराया और होटल में ठहरने के लिए दो दिन का अतिरिक्त भुगतान विश्वविद्यालय की ओर से दिया जाए। परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र बनाने व जांचने का शुल्क बढ़ाने के साथ प्रैक्टिकल एवं अन्य ड्यूटी के लिए विश्वविद्यालय के बाहर से आने वाले एक्सटर्नल एग्जामिनर्स का डीए बंद कर विश्वविद्यालय में रुकने व खाने की सुविधा का इंतजाम विश्वविद्यालय की ओर से किया जाए।
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प्रधान ने कहा कि अगले साल से पीएचडी में प्रवेश के दौरान जिन भी सुपरवाइजर्स ने अपनी सीट दी होगी, उन सभी को पीएचडी में प्रवेश की कमेटी में मेंबर के तौर पर शामिल किया जाए। सी-पास गुरुग्राम एवं गणित विभाग में स्वपोषित स्कीम के तहत लगे शिक्षकों को पीजीबीओएस (पोस्ट ग्रेजुएट बोर्ड ऑफ स्टडीज) एवं यूजीबीओस (अंडर ग्रेजुएट बोर्ड ऑफ स्टडीज) एवं फिजिकल साइंस बोर्ड का सदस्य बनाया जाए।
विश्वविद्यालय में मकान अलॉट करते समय वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से मानी जाए। पिछले दो साल से रुके माइनर प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू किए जाएं। विश्वविद्यालय में कई तरह के कुत्तों की भरमार है। इनका टीकाकरण किया जाए। इन मुद्दों पर प्रशासन 10 दिन में कार्रवाई करे। ऐसा नहीं होने पर शिक्षक संघ कड़ा कदम उठाने को विवश होगा।
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संघ के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की शुरुआत करने साथ कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम की करीब 65 शिक्षकों की पदोन्नति शीघ्र करने की मांग उठाई। पिछले 15 माह से यह पदोन्नति रुकी हुई है। इसके अलावा सरकार की ओर से नवंबर 2006 तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने वाले कॉलेज शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना के तहत शामिल कर लिया गया है। योजना को कॉलेजों तक सीमित न करके विश्वविद्यालय शिक्षकों को भी योजना का लाभ दिया जाए।
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सरकार ने पिछले दिनों कैशलेस मेडिकल सुविधा कर्मचारियों के लिए लागू की। इसका लाभ विश्वविद्यालय कर्मचारियों को नहीं दिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए शिक्षकों को शत प्रतिशत विमान किराया और होटल में ठहरने के लिए दो दिन का अतिरिक्त भुगतान विश्वविद्यालय की ओर से दिया जाए। परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र बनाने व जांचने का शुल्क बढ़ाने के साथ प्रैक्टिकल एवं अन्य ड्यूटी के लिए विश्वविद्यालय के बाहर से आने वाले एक्सटर्नल एग्जामिनर्स का डीए बंद कर विश्वविद्यालय में रुकने व खाने की सुविधा का इंतजाम विश्वविद्यालय की ओर से किया जाए।
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प्रधान ने कहा कि अगले साल से पीएचडी में प्रवेश के दौरान जिन भी सुपरवाइजर्स ने अपनी सीट दी होगी, उन सभी को पीएचडी में प्रवेश की कमेटी में मेंबर के तौर पर शामिल किया जाए। सी-पास गुरुग्राम एवं गणित विभाग में स्वपोषित स्कीम के तहत लगे शिक्षकों को पीजीबीओएस (पोस्ट ग्रेजुएट बोर्ड ऑफ स्टडीज) एवं यूजीबीओस (अंडर ग्रेजुएट बोर्ड ऑफ स्टडीज) एवं फिजिकल साइंस बोर्ड का सदस्य बनाया जाए।
विश्वविद्यालय में मकान अलॉट करते समय वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से मानी जाए। पिछले दो साल से रुके माइनर प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू किए जाएं। विश्वविद्यालय में कई तरह के कुत्तों की भरमार है। इनका टीकाकरण किया जाए। इन मुद्दों पर प्रशासन 10 दिन में कार्रवाई करे। ऐसा नहीं होने पर शिक्षक संघ कड़ा कदम उठाने को विवश होगा।