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Rohtak News: तीन माह के इलाज से टीबी का उपचार संभव, छह महीने में पूर्ण स्वस्थ

Sat, 25 Oct 2025 02:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2025 02:48 AM IST
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TB can be cured with three months of treatment, and fully recovered in six months.
संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। सरकार व स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से अब टीबी (क्षय रोग) का इलाज पहले से आसान और तेज हो गया है। अब केवल तीन महीने में टीबी का इलाज संभव है जबकि छह महीने तक के इलाज से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। हर दिन करीब 25 टीबी मरीज सामने आ रहे हैं और सालाना करीब 600 मरीज पंजीकृत हो रहे हैं। इनमें निजी अस्पतालों व अन्य जिलों से आने वाले मरीज भी शामिल हैं। सरकार की ओर से सभी टीबी मरीजों को निशुल्क इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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निजी अस्पतालों में भी मिल रहा सरकारी इलाज का लाभ
जिला टीबी अस्पताल की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. इंदु सिंह ने बताया कि अगर किसी मरीज का इलाज निजी अस्पताल में भी चल रहा है तो उसे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाता है। मरीज को निक्षय पोर्टल पर रजिस्टर किया जाता है। इससे वह किसी भी स्थान से मुफ्त जांच और दवा प्राप्त कर सकता है। सरकार की ओर से प्रत्येक टीबी मरीज को 1000 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता भी दिया जाता है।
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ये लक्षण दिखे तो कराएं टीबी की जांच
टीबी के पांच मुख्य लक्षण हैं-लगातार बुखार रहना, खांसी और बलगम आना, सीने में दर्द, वजन का कम होना, कमजोरी महसूस होना। इनके अलावा भी लक्षण हो सकते हैं। ये लक्षण दिखते ही जांच कराएं ताकि बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
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डॉ. इंदु सिंह के अनुसार, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) वाले लोगों में टीबी होने का खतरा अधिक रहता है। शुगर, कैंसर और एचआईवी से ग्रस्त मरीजों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि ये बीमारियां शरीर की इम्युनिटी को कम करती हैं।

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ऐसे गोद ले सकते हैं टीबी मरीज

टीबी मरीजों की मदद के लिए निक्षय मित्र योजना के तहत लोगों को गोद लेने का अवसर दिया गया है। डॉ. इंदु सिंह ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत मरीज गोद लिए जा चुके हैं। कोई भी व्यक्ति निक्षय पोर्टल पर आवेदन कर सकता है या सीधे टीबी अस्पताल से संपर्क कर सकता है। इसके तहत मरीज को अपनी क्षमता अनुसार पोषण सामग्री, राशन या सहायता दी जा सकती है। समय-समय पर ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित भी किया जाता है।


खांसने, छींकने या सांस छोड़ने से फैलती है टीबी
टीबी हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है जो खांसने, छींकने या सांस छोड़ने से फैलती है। एक टीबी मरीज एक साल में करीब 20 लोगों को संक्रमित कर सकता है। हमेशा मास्क या रूमाल का उपयोग करें। इनकाे प्रतिदिन धोकर दोबारा प्रयोग करें। टीबी छूने से नहीं फैलती। जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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