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Rohtak News: फिल्मों के सेट बनाने की कला सीख रहे सुपवा के छात्र
Wed, 20 May 2026 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 20 May 2026 12:06 AM IST
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16-सुपवा में वर्कशॉप के दौरान फिल्मी सेट तैयार करने के टिप्स सीखने वाले छात्रों के साथ बॉलीवुड
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रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) में इन दिनों फिल्म और टेलीविजन फैकल्टी के छात्रों को फिल्मों के सेट तैयार करने की कला सिखाई जा रही है। इसके लिए बॉलीवुड के प्रॉडक्शन डिजाइनर राहुल बाला विशेष वर्कशॉप ले रहे हैं।
फैकल्टी कोऑर्डिनेटर महेश टीपी ने बताया कि राहुल बाला ने एफटीआईआई पुणे और कॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्ली से फोटोग्राफी और प्रॉडक्शन डिजाइन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वे कई चर्चित फिल्मों और वेब सीरीज में प्रॉडक्शन डिजाइनर के रूप में काम कर चुके हैं। इनमें सोहम शाह फिल्म की चमकीला, वेब सीरीज अखाड़ा और जीना अभी बाकी है शामिल हैं। बच्चों की शॉर्ट फिल्म दूरबीन का सह निर्माण और शूट भी किया था। इस फिल्म को एनडीएफएफ-2021 में सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी पुरस्कार मिला था।
फिल्म निर्माण की बारीकियों से कराया परिचय
वर्कशॉप में राहुल बाला ने छात्रों को बताया कि किसी भी फिल्म का सेट तैयार करना केवल सजावट का काम नहीं होता बल्कि यह निर्देशक की सोच को वास्तविक रूप देने की प्रक्रिया होती है। सबसे पहले प्रॉडक्शन डिजाइनर निर्देशक के विजन को समझकर सेट का ब्लूप्रिंट तैयार करते हैं। इसमें महल, घर, सड़क, दरवाजों की डिजाइन, रंगों का संयोजन और दीवारों की बनावट तक की योजना बनाई जाती है।
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फिल्मों में दिखाई देने वाली भव्यता के पीछे पूरी टीम की महीनों की मेहनत छिपी होती है। ऐसे प्रशिक्षण छात्रों को फिल्म उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर देते हैं और उनके रचनात्मक कौशल को नई दिशा प्रदान करते हैं।- डाॅ. अमित आर्य, कुलपति, सुपवा
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फैकल्टी कोऑर्डिनेटर महेश टीपी ने बताया कि राहुल बाला ने एफटीआईआई पुणे और कॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्ली से फोटोग्राफी और प्रॉडक्शन डिजाइन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वे कई चर्चित फिल्मों और वेब सीरीज में प्रॉडक्शन डिजाइनर के रूप में काम कर चुके हैं। इनमें सोहम शाह फिल्म की चमकीला, वेब सीरीज अखाड़ा और जीना अभी बाकी है शामिल हैं। बच्चों की शॉर्ट फिल्म दूरबीन का सह निर्माण और शूट भी किया था। इस फिल्म को एनडीएफएफ-2021 में सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी पुरस्कार मिला था।
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फिल्म निर्माण की बारीकियों से कराया परिचय
वर्कशॉप में राहुल बाला ने छात्रों को बताया कि किसी भी फिल्म का सेट तैयार करना केवल सजावट का काम नहीं होता बल्कि यह निर्देशक की सोच को वास्तविक रूप देने की प्रक्रिया होती है। सबसे पहले प्रॉडक्शन डिजाइनर निर्देशक के विजन को समझकर सेट का ब्लूप्रिंट तैयार करते हैं। इसमें महल, घर, सड़क, दरवाजों की डिजाइन, रंगों का संयोजन और दीवारों की बनावट तक की योजना बनाई जाती है।
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फिल्मों में दिखाई देने वाली भव्यता के पीछे पूरी टीम की महीनों की मेहनत छिपी होती है। ऐसे प्रशिक्षण छात्रों को फिल्म उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर देते हैं और उनके रचनात्मक कौशल को नई दिशा प्रदान करते हैं।- डाॅ. अमित आर्य, कुलपति, सुपवा