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सचिन ने कहा, रणजी में ऐसी भीड़ कभी नहीं देखी
रोहतक/ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2013 11:15 PM IST
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क्रिकेट के ‘भगवान’ के नाम से चर्चित सचिन तेंदुलकर को अपने कॅरियर के
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अंतिम पड़ाव पर खेलते देखने के लिए लाहली के चौ. बंसीलाल स्टेडियम में
बुधवार को भारी भीड़ उमड़ी। स्टेडियम में पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
वहीं, मास्टर ब्लास्टर की 79 रन की नाबाद शानदार पारी पर हर ओर बस सचिन-सचिन ही सुनाई दे रहा था। अमूमन जिस प्रदेश में रणजी मैच होता है, वहां के दर्शक अपनी जीत की हार या जीत पर प्रतिक्रिया देते हैं। लाहली में इसके उल्ट नजारा देखने को मिला। हरियाणा की चार विकेट से हार के बावजूद हरियाणा के क्रिकेट प्रेमियों ने जश्न मनाया। जश्न था मास्टर ब्लास्टर सचिन के कॅरियर के आखिरी रणजी मैच में उनको शानदार शॉट मारते हुए देखने का।
सचिन तेंदुलकर ने मैच समापन पर बेहतर मेजबानी के लिए हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, सुरक्षा के लिए हरियाणा पुलिस और समर्थन के लिए हरियाणा के दर्शकों का आभार जताया। सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने वास्तव में दिखा दिया कि मेजबानी कैसे की जाती है।
उन्होंने इसके लिए विशेष तौर पर बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष एवं हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अनिरुद्ध चौधरी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रणजी ट्राफी मैच में पहली बार इतनी भीड़ देखी गई है, जिससे लगता है कि हरियाणा के लोगों में क्रिकेट के प्रति जुनून है। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रणबीर महेंद्रा ने कहा कि सचिन ने उनसे बातचीत में दोबारा किसी कार्यक्रम में लाहली जरूर आने का वादा किया है।
पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष रणबीर महेंद्र ने कहा कि हार-जीत तो लगी रहती है। बेशक हमारी हरियाणा की टीम मैच हार गई, लेकिन सचिन की रणजी मैच की अंतिम यादगार पारी के सामने यह गम भी खुशी में बदल गया। वहीं, हरियाणा रणजी टीम के सदस्य रहे लोकेश शर्मा ने कहा कि चोट की वजह से वह मुंबई के खिलाफ मैच नहीं खेल सका। उसे इस बात का मलाल जिंदगी भर रहेगा कि सचिन के आखिरी रणजी मैच में मौका मिलने के बावजूद वह खेल नहीं सका। उन्होंने कहा कि लाहली में हरियाणा की टीम हार के बावजूद सचिन के शानदार 79 रन का जश्न मना रही थी।
चरखी दादरी के एससीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल नर सिंह चाहर और निदेशक वीरेंद्र फोगाट ने कहा कि सचिन को खेलते देखने के लिए वे विद्यार्थियों सहित लाहली आए थे। उनके चेहरे पर हरियाणा की हार का जरा भी गम नहीं था। उन्होंने कहा कि यह पल ताउम्र याद रहेगा।
भगवान को कभी हराया नहीं जा सकता : जडेजा
हरियाणा रणजी टीम के कोच व कप्तान अजय जडेजा ने कहा कि सचिन को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है और भगवान को कभी हराया नहीं जा सकता। हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने इस ऐतिहासिक मैच को यादगार रखने के लिए सचिन तेंदुलकर के साथ पूरी टीम का समूह फोटो भी खिंचाया। सचिन तेंदुलकर ने अपने किसी भी प्रशंसक को निराश नहीं किया। जहां कोई भी सचिन को अपने साथ फोटो खिंचवाने की प्रार्थना करते, वे उसे स्वीकार करते हुए साथ खड़े हो जाते थे।
वहीं, मास्टर ब्लास्टर की 79 रन की नाबाद शानदार पारी पर हर ओर बस सचिन-सचिन ही सुनाई दे रहा था। अमूमन जिस प्रदेश में रणजी मैच होता है, वहां के दर्शक अपनी जीत की हार या जीत पर प्रतिक्रिया देते हैं। लाहली में इसके उल्ट नजारा देखने को मिला। हरियाणा की चार विकेट से हार के बावजूद हरियाणा के क्रिकेट प्रेमियों ने जश्न मनाया। जश्न था मास्टर ब्लास्टर सचिन के कॅरियर के आखिरी रणजी मैच में उनको शानदार शॉट मारते हुए देखने का।
सचिन तेंदुलकर ने मैच समापन पर बेहतर मेजबानी के लिए हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, सुरक्षा के लिए हरियाणा पुलिस और समर्थन के लिए हरियाणा के दर्शकों का आभार जताया। सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने वास्तव में दिखा दिया कि मेजबानी कैसे की जाती है।
उन्होंने इसके लिए विशेष तौर पर बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष एवं हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अनिरुद्ध चौधरी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रणजी ट्राफी मैच में पहली बार इतनी भीड़ देखी गई है, जिससे लगता है कि हरियाणा के लोगों में क्रिकेट के प्रति जुनून है। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रणबीर महेंद्रा ने कहा कि सचिन ने उनसे बातचीत में दोबारा किसी कार्यक्रम में लाहली जरूर आने का वादा किया है।
पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष रणबीर महेंद्र ने कहा कि हार-जीत तो लगी रहती है। बेशक हमारी हरियाणा की टीम मैच हार गई, लेकिन सचिन की रणजी मैच की अंतिम यादगार पारी के सामने यह गम भी खुशी में बदल गया। वहीं, हरियाणा रणजी टीम के सदस्य रहे लोकेश शर्मा ने कहा कि चोट की वजह से वह मुंबई के खिलाफ मैच नहीं खेल सका। उसे इस बात का मलाल जिंदगी भर रहेगा कि सचिन के आखिरी रणजी मैच में मौका मिलने के बावजूद वह खेल नहीं सका। उन्होंने कहा कि लाहली में हरियाणा की टीम हार के बावजूद सचिन के शानदार 79 रन का जश्न मना रही थी।
चरखी दादरी के एससीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल नर सिंह चाहर और निदेशक वीरेंद्र फोगाट ने कहा कि सचिन को खेलते देखने के लिए वे विद्यार्थियों सहित लाहली आए थे। उनके चेहरे पर हरियाणा की हार का जरा भी गम नहीं था। उन्होंने कहा कि यह पल ताउम्र याद रहेगा।
भगवान को कभी हराया नहीं जा सकता : जडेजा
हरियाणा रणजी टीम के कोच व कप्तान अजय जडेजा ने कहा कि सचिन को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है और भगवान को कभी हराया नहीं जा सकता। हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने इस ऐतिहासिक मैच को यादगार रखने के लिए सचिन तेंदुलकर के साथ पूरी टीम का समूह फोटो भी खिंचाया। सचिन तेंदुलकर ने अपने किसी भी प्रशंसक को निराश नहीं किया। जहां कोई भी सचिन को अपने साथ फोटो खिंचवाने की प्रार्थना करते, वे उसे स्वीकार करते हुए साथ खड़े हो जाते थे।