रोहतक। ओशोधारा मैत्री सिंह रोहतक के साधकों ने निरति योग व बाल प्रज्ञा प्रोग्राम में हिस्सा लिया। समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया ने अंतिम दिन स्पेशल सेशन लिया। इसमें देश-विदेश व विशेष रूप से कोऑर्डिनेटर आचार्य शिवम की अध्यक्षता में जम्मू कश्मीर से आए हुए 120 से ज्यादा साधक लाभान्वित हुए। समर्थगुरु ने संत कबीर के माध्यम से व्याख्या करते हुए कहा कि ''नानक ऐसी मरनी जो मरै ता सद जीवणु होई'', अर्थात गुरु की कृपा से जो मनुष्य जीवित मरने की कला जान लेता है वह प्रभु की रजा को समझता है। समर्थगुरु ने साधकों को समाधि की गहराई में उतारा। इस मौके पर जनक, अजय, संजय वर्मा, विदुषी, जानवी, संजना, सीमा तिवारी, किरण, योगेश, अरुणिमा, मोनिका आदि मौजूद रहे।