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बार चुनाव : वोट बनवाने के लिए फर्जी शपथ पत्र जमा कराए, वकील बोले- हमें पता ही नहीं

Sat, 25 Jan 2025 01:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2025 01:57 AM IST
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Submitted fake affidavit to get votes in bar elections, lawyer said - we don't even know
24सीटीके11 जिला बार में शपथ पत्रों की जांच करते चुनाव अधिकारी एडवोकेट प्रदीप मलिक। अमर उजाला2
जिला बार की मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में 25 के करीब ऐसे शपथ पत्र मिले हैं, जो किसी अन्य ने जमा करवा दिए। चुनाव अधिकारी ने कॉल करके जब संबंधित वकील से पूछा तो उन्होंने किसी भी तरह का शपथ पत्र जमा कराने से ही इन्कार कर दिया।
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जमा हुए शपथ पत्रों की गहराई से जांच चल रही है। किसी ने किसी कारण से 600 के करीब वोट कम हो सकते हैं। फाइनल मतदाता सूची 7 फरवरी को पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल जारी करेगी।
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बार काउंसिल की तरफ से प्रदेश में एक साथ जिला बार के 28 फरवरी को चुनाव करवाए जा रहे हैं। रोहतक में भी मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया चल रही है। 15 जनवरी तक बार एसोसिएशन का मतदाता बनने के लिए 2536 वकीलों ने शपथ पत्र व सदस्यता फीस जमा करवाई थी। चुनाव अधिकारी एडवोकेट प्रदीप मलिक व ओपी चाहर की टीम शपथ पत्रों की जांच कर रही हैं। चुनाव अधिकारी प्रदीप मलिक ने बताया कि शपथ पत्रों की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में 25 के करीब शपथ पत्र ऐसे मिले, जो संबंधित वकील ने जमा ही नहीं करवाए।
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एक वकील ने यह कहा कि उसे पता ही नहीं, किसने उनके नाम का शपथ पत्र दे दिया। जांच के बाद ऐसे शपथ पत्र रद्द किए जा रहे हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि किसी ने एक ही मोबाइल नंबर से ज्यादा लोगों की फीस जमा तो नहीं करवा दी। अगर ऐसा मिला तो वोट रद्द कर दिए जाएंगे। दूसरा, एक वकील एक ही जगह वोट डाल सकता है। ऐसे में महम के 74 वकीलाें ने कहा है कि वे महम बार में मतदान करेंगे। ऐसी स्थिति में उनका वोट रोहतक से काट दिया जाएगा। इसी तरह सांपला एसडीएम कोर्ट व तहसीलदार की कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की भी वोट की जांच की जा रही है। सरकारी वकील व लॉ प्रोफेसर को भी वोट डालने की अनुमति नहीं मिलेगी।

सीओपी नंबर नहीं मिला तो कट जाएगा वोट
चुनाव अधिकारी ने बताया कि शपथ पत्र के ऊपर सीओपी नंबर लिखना अनिवार्य है। नियमों तहत 2010 के बाद लॉ करने वालों के लिए यह अनिवार्य है कि उन्होंने दो साल के अंदर ऑल इंडिया लॉ परीक्षा पास करें। परीक्षा पास करने पर सीओपी नंबर मिलता है। अगर नंबर नहीं मिला तो वोट डालने का अधिकार नहीं होगा।
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