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शिक्षा का उपयोग सकारात्मक दिशा में करें विद्यार्थी : प्रो. राजबीर
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रोहतक। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना या फिर नौकरी प्राप्त करना ही नहीं, शिक्षा का सही उद्देश्य सामाजिक उत्थान, राष्ट्र निर्माण व मानव कल्याण के लिए सार्थक योगदान देना है। विश्वविद्यालय में प्राप्त शिक्षा का उपयोग सकारात्मक दिशा में करना विद्यार्थियों का कर्तव्य है। यह कहना है महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह का। वे बुधवार को टैगोर सभागार में आयोजित स्नातकीय (यूजी) पाठ्यक्रम इंडक्शन प्रोग्राम का उद्घाटन कर रहे थे।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नव प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का रास्ता प्रशस्त करने का मंत्र दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न क्षमता संवर्धन सुविधाओं व मंचों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान अर्जन के साथ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, यूनिवर्सिटी आउटरीच व स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में विद्यार्थी अवश्य भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक स्वास्थ्य तथा तंदुरुस्ती पर फोकस करने की सलाह विद्यार्थियों को दी। महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर बने विश्वविद्यालय में आध्यात्मिक व नैतिक विकास के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
एमडीयू कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा ने विश्वविद्यालय के स्थापना वर्ष 1976 से लेकर वर्तमान समय तक की विश्वविद्यालय की विकास यात्रा की प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रदेश ही नहीं, राष्ट्र में विशेष स्थान है। कुलसचिव ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए एबिलिटी गुणा एफर्ट्स गुणा एटीट्यूड का गणितीय फार्मूला विद्यार्थियों को दिया।
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कार्यक्रम के प्रारंभ में निदेशक सीसीपीसी प्रो. दिव्या मल्हान ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के अंत में चीफ वार्डन गर्ल्स प्रो. सपना गर्ग ने आभार जताया। कार्यक्रम में मंच संचालन डाॅ. कविता हुड्डा, शोधार्थी राजीव व हिना अहलावत ने दिया। उद्घाटन सत्र में संगीत विभाग के छात्र रोहित व राजीव ने शानदार गीत प्रस्तुति दी। विशाल ने गिटार पर संगत दी।
बुधवार सुबह इंडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत यज्ञशाला में प्रात:कालीन हवन से हुई। वैदिक व महर्षि दयानंद अध्ययन केंद्र निदेशक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने यज्ञ संचालन किया। कार्यक्रम का संयोजन डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने किया। उद्घाटन सत्र में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान व निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन की विशेष उपस्थिति रही। डीएसडब्ल्यू विभाग डीन एकेडमिक अफेयर्स व आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में इंडक्शन प्रोग्राम 27 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में संकाय अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, चार वर्षीय/पंच वर्षीय समेकित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थीगण शामिल रहे।
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कुलपति ने विश्वविद्यालय की विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नव प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का रास्ता प्रशस्त करने का मंत्र दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न क्षमता संवर्धन सुविधाओं व मंचों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान अर्जन के साथ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, यूनिवर्सिटी आउटरीच व स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में विद्यार्थी अवश्य भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक स्वास्थ्य तथा तंदुरुस्ती पर फोकस करने की सलाह विद्यार्थियों को दी। महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर बने विश्वविद्यालय में आध्यात्मिक व नैतिक विकास के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
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एमडीयू कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा ने विश्वविद्यालय के स्थापना वर्ष 1976 से लेकर वर्तमान समय तक की विश्वविद्यालय की विकास यात्रा की प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रदेश ही नहीं, राष्ट्र में विशेष स्थान है। कुलसचिव ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए एबिलिटी गुणा एफर्ट्स गुणा एटीट्यूड का गणितीय फार्मूला विद्यार्थियों को दिया।
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कार्यक्रम के प्रारंभ में निदेशक सीसीपीसी प्रो. दिव्या मल्हान ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के अंत में चीफ वार्डन गर्ल्स प्रो. सपना गर्ग ने आभार जताया। कार्यक्रम में मंच संचालन डाॅ. कविता हुड्डा, शोधार्थी राजीव व हिना अहलावत ने दिया। उद्घाटन सत्र में संगीत विभाग के छात्र रोहित व राजीव ने शानदार गीत प्रस्तुति दी। विशाल ने गिटार पर संगत दी।
बुधवार सुबह इंडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत यज्ञशाला में प्रात:कालीन हवन से हुई। वैदिक व महर्षि दयानंद अध्ययन केंद्र निदेशक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने यज्ञ संचालन किया। कार्यक्रम का संयोजन डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने किया। उद्घाटन सत्र में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान व निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन की विशेष उपस्थिति रही। डीएसडब्ल्यू विभाग डीन एकेडमिक अफेयर्स व आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में इंडक्शन प्रोग्राम 27 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में संकाय अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, चार वर्षीय/पंच वर्षीय समेकित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थीगण शामिल रहे।