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Rohtak News: एमडीयू के हॉस्टल में गंदा पानी पीने और गंदगी के बीच रहने को मजबूर छात्र
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16-ढोलागिरी हॉस्टल के वॉश बेसिन के हालात। स्रोत- छात्र
- फोटो : Archive
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के ब्वॉयज छात्रावासों में छात्र लगातार गंदा पानी पीने और हॉस्टल में साफ-सफाई न होने से परेशान हैं। हॉस्टल 7 ढोलागिरी, 9 माउंट आबू और 10 एवरेस्ट में रहने वाले छात्रों का कहना है कि पीने का पानी बदबूदार और पीने लायक नहीं है। इसके साथ ही गंदे वॉशरूम ने हालात को और गंभीर बना दिया है। छात्र बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।
छात्रों ने कई बार वॉर्डन और सुपरवाइजर से शिकायत की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले पर छात्र जब चीफ वार्डन से मिले तो उनको सोमवार तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया।
पीने के पानी से बदबू, खरीदकर पानी पी रहे छात्र
छात्र पूर्व ने बताया कि हॉस्टल में आने वाले पानी से तेज बदबू आती है, जिससे उसे पीना और उपयोग करना भी मुश्किल है। कई छात्र बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं। बदबूदार पानी के उपयोग से बीमारियों खतरा भी बढ़ गया है, जिससे छात्रों में डर और नाराजगी है।
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सफाई व्यवस्था ठप, वॉशरूम की हालत खराब
हॉस्टल के वॉशरूम की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। बेसिन और यूरिनल में जमी गंदगी से पता चल रहा है कि लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। छात्र अमित राज ने कहा कि सफाई कर्मचारी केवल फर्श साफ कर चले जाते हैं। शौचालयों की सफाई को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इस कारण से हमें यूरिन इंफेक्शन होता है।
एक्सपर्ट व्यू
डॉ. मंदीप वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि बदबूदार या दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है। गंदे पानी से डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और स्किन इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि पानी से बदबू आ रही है तो उसे बिना उबाले या फिल्टर किए बिल्कुल नहीं पीना चाहिए। लंबे समय तक ऐसे पानी का इस्तेमाल करने से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में है। छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और सोमवार तक समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. सुधीर कुमार, चीफ वार्डन बॉयज हॉस्टल
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छात्रों ने कई बार वॉर्डन और सुपरवाइजर से शिकायत की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले पर छात्र जब चीफ वार्डन से मिले तो उनको सोमवार तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया।
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पीने के पानी से बदबू, खरीदकर पानी पी रहे छात्र
छात्र पूर्व ने बताया कि हॉस्टल में आने वाले पानी से तेज बदबू आती है, जिससे उसे पीना और उपयोग करना भी मुश्किल है। कई छात्र बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं। बदबूदार पानी के उपयोग से बीमारियों खतरा भी बढ़ गया है, जिससे छात्रों में डर और नाराजगी है।
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सफाई व्यवस्था ठप, वॉशरूम की हालत खराब
हॉस्टल के वॉशरूम की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। बेसिन और यूरिनल में जमी गंदगी से पता चल रहा है कि लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। छात्र अमित राज ने कहा कि सफाई कर्मचारी केवल फर्श साफ कर चले जाते हैं। शौचालयों की सफाई को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इस कारण से हमें यूरिन इंफेक्शन होता है।
एक्सपर्ट व्यू
डॉ. मंदीप वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि बदबूदार या दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है। गंदे पानी से डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और स्किन इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि पानी से बदबू आ रही है तो उसे बिना उबाले या फिल्टर किए बिल्कुल नहीं पीना चाहिए। लंबे समय तक ऐसे पानी का इस्तेमाल करने से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में है। छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और सोमवार तक समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. सुधीर कुमार, चीफ वार्डन बॉयज हॉस्टल

16-ढोलागिरी हॉस्टल के वॉश बेसिन के हालात। स्रोत- छात्र- फोटो : Archive