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पदक से देश की झोली खाली, अब पहलवानों से उम्मीद भारी

Mon, 15 Aug 2016 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 15 Aug 2016 02:37 AM IST
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योेगेश्वर दत्त - फोटो : getty
रियो ओलंपिक में अभी तक एक भी मेडल नहीं मिलने से देश की झोली खाली है। ऐसे में अब सारी उम्मीद पहलवानों पर टिक गई है। ओलंपिक की इस जंग में प्रतिद्वंद्वी को मात देने के लिए सोमवार को हमारे पहलवान दम दिखाएंगे। इधर देश में आजादी का जश्न मनाया जा रहा होगा और उधर रियो में रविंद्र खत्री मेडल के लिए दंगल में होंगे। इसके बाद ओलंपिक में हर दिन पहलवान मेडल के लिए अपना दम दिखाते नजर आएंगे।  
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रियो ओलंपिक में कुश्ती की पहली जंग की शुरुआत 15 अगस्त को देश की ओर से ग्रीको रोमन में 85 किग्रा. भार वर्ग में झज्जर के पहलवान रविंद्र खत्री करेंगे। अगले दिन 98 किग्रा. में जींद के पहलवान हरदीप सिंह भिड़ेंगे। जबकि 17 अगस्त को भिवानी की महिला पहलवान विनेश फौगाट 45 किग्रा और रोहतक की साक्षी मलिक 58 किग्रा में दम दिखाएंगी। विनेश की बहन बबीता 18 अगस्त को 53 किग्रा में लड़ेंगी। डोपिंग के कारण विवादों में रहे यूपी के नरसिंह यादव फ्री स्टाइल के 74 किग्रा और यूपी के पहलवान संदीप तोमर 57 किग्रा में 19 अगस्त को दंगल में उतरेंगे। ओलंपिक के आखिरी दिन 21 अगस्त को लंदन ओलंपिक के मेडलिस्ट सोनीपत के पहलवान योगेश्वर दत्त 65 किग्रा में दम दिखाएंगे। इनसे हरियाणा को ज्यादा उम्मीद है, क्योंकि इनमें छह पहलवान यहीं के रहने वाले हैं। यूपी के संदीप तोमर रोहतक में कुश्ती के दांवपेंच सीखते हैं।
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विदेशी पहलवानों की वीडियो देखकर की प्रैक्टिस

ओलंपिक में क्वालीफाई करने के बाद पहलवानों ने प्रैक्टिस में कोई कसर नहीं छोड़ी। दंगल के हर दांवपेंच की कई-कई घंटे प्रैक्टिस की तो अपने से तगड़े पहलवान के साथ कई घंटे रोजाना पसीना बहाते रहे। साई सेंटर में कैंप के दौरान उन विदेशी पहलवानों की वीडियो देखकर प्रैक्टिस की जो ओलंपिक में उनके भार वर्ग में क्वालीफाई कर चुके थे। कुश्ती कोच कहते हैं कि डिफेंसिव होने की जगह अग्रेसिव होकर खेलने वाले पहलवान को फायदा मिल सकता है, क्योंकि उसको ज्यादा अंक दिए जाते हैं।  
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ओलंपिक में पहलवानों से पदक की काफी उम्मीद है। योगेश्वर दत्त के पास पुराना अनुभव और तकनीक है। विनेश भी काफी अच्छा खेलती है। अन्य पहलवान भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वह देश को मेडल दिला सकते हैं।
- आरके हुड्डा, उपाध्यक्ष भारतीय कुश्ती संघ
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