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दुकानदार हत्याकांड : 10 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम, आक्रोशित ग्रामीणों ने रोहतक-भिवानी मार्ग जाम किया
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। भाली गांव में हुए दुकानदार हत्याकांड में वारदात के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। वीरवार को शाम छह बजे तक पोस्टर्माटम न होने से नाराज ग्रामीणों ने दोपहर ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक रोहतक-भिवानी रोड जाम किए रखा। एसडीएम राकेश सैनी व एएसपी महम हिमेंद्र मीना मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाबुझकर जाम खुलवाया। अब पुलिस घटनास्थल के वारदात के समय के मोबाइल डंप उठाकर हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बुधवार को भाली गांव निवासी अजीत ने शिकायत दी थी कि उसका चाचा बलराज उर्फ पप्पू (52) ने गांव में ही किराने की दुकान कर रखी थी। साथ ही खेतीबाड़ी का कार्य करता था। शाम करीब पौने सात बजे गांव निवासी जयबीर ने बताया कि उसके चाचा बलराज उर्फ पप्पू को गांव के बाहर शराब ठेके के नजदीक किसी ने गोली मार दी है। वह मौके पर पहुंचा, उसका चाचा लहूलुहान हालत में पड़ा था, जिसे सात से आठ गोलियां मारी गई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने वारदात अंजाम दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है।
शाम छह बजे तक नहीं हुआ पोस्टमार्टम, सड़क पर उतरे ग्रामीण
बुधवार रात को ही पुलिस ने शव को पीजीआई के डेड हाउस में रखवा दिया था। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाना था। इसके लिए पुलिस ने डॉक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल के गठन की मांग की। पैनल तो गठित हो गया, लेकिन शाम छह बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र ने बताया कि डॉक्टर व्यस्त होने के कारण दिक्कत आई।
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ढाई बजे सड़क पर सैकड़ों ग्रामीण, गांव में पुलिस चौकी खोलने की मांग
समय पर पोस्टमार्टम न होने के साथ-साथ हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज भाली के सैकड़ों ग्रामीण ढाई बजे रोहतक-भिवानी राजमार्ग पर पहुंचे और रोड जाम कर दिया। सड़क के बीचोंबीच भाली चौक पर वाहन खड़े कर दिए गए। लोग वाया कलानौर व मोखरा रोहतक पहुंचे। सूचना पाकर एसडीएम राकेश सैनी व एएसपी महम हिमेंद्र मीना मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। तक जाकर साढ़े चार बजे जाम खुल सका।
ये रखी ग्रामीणों ने पांच मांगें
-हत्यारों को जल्द पकड़ा जाए
-गांव में पुलिस चौकी खोली जाए
- शराब ठेके को गांव से बाहर किया जाए
- पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाए
- परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए
एसडीएम के सामने पांच मांग रखी गई हैं। इसके लिए कमेटी गठित कर आवेदन करने के लिए कहा है। जल्द कमेटी बनाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलेंगे।
जोगेंद्र बुधवार, सरपंच गांव भाली।
ग्रामीण समय पर पोस्टमार्टम न होने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज थे। साथ ही अन्य मांगें भी रखी गई हैं। सरकार द्वारा तय नियमों के तहत कदम उठाए जाएंगे।
राकेश सैनी, एसडीएम रोहतक
हत्यारों तक पहुंचने के लिए डंप उठाएगी पुलिस, अभी नहीं लग रहा सुराग
दुकानदार बलराज उर्फ पप्पू हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस कई दृष्टिकोण पर काम कर रही है। इसके लिए घटनास्थल के मोबाइल डंप भी उठाए जाएंगे। साथ ही मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं।
इंस्पेक्टर जितेंद्र, प्रभारी थाना बहुअकबरपुर
10 साल पहले भी हुआ था गांव में ब्लाइंड मर्डर
पीजीआई के डेड हाउस पहुंचे भाली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में करीब 10 साल पहले भी एक युवक की हत्या हुई थी। उसका छह माह बाद खुलासा हो सका था। इतना ही नहीं, जो युवक बाद में पकड़े गए, वह घर पर सांत्वना देने भी आए थे। अब बलराज उर्फ पप्पू की हत्या किसने की, समझ में नहीं आ रहा। क्योंकि बलराज का किसी से झगड़ा नहीं था। देसी शराब लेने ठेके पर जरूर आता था।
स्कूल के पास लगे कैमरे में दिखी कार
उधर, पुलिस ने वीरवार को गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। स्कूल के पास लगे एक कैमरे में वारदात के तुरत बाद एक कार गांव की तरफ आती दिखाई दे रही है। कार तेजी से निकली है, इस लिए उसके नंबर स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं। फिर भी पुलिस अपने स्तर पर सुराग ढूंढने का प्रयास कर रही है।
3 फीट दूरी से मारी 32 बोर की गोलियां
जांच में पुलिस को पता लगा है कि हत्यारों ने बलराज को मात्र तीन फीट दूर से 32 बोर के पिस्तौल से आठ गोली मारी हैं। एक गोली सिर, एक कंधे, बाकी छाती व पेट में लगी हुई हैं। इससे लग रहा है कि हत्यारों को गहरी खुंदक थी, जबकि परिजन कह रहे हैं कि उनकी कोई रंजिश नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं हत्यारों ने किसी अन्य की गलतफहमी में बलराज की हत्या कर दी। थाना प्रभारी का कहना है कि यह तो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही पता लग सकेगा।
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रोहतक। भाली गांव में हुए दुकानदार हत्याकांड में वारदात के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। वीरवार को शाम छह बजे तक पोस्टर्माटम न होने से नाराज ग्रामीणों ने दोपहर ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक रोहतक-भिवानी रोड जाम किए रखा। एसडीएम राकेश सैनी व एएसपी महम हिमेंद्र मीना मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाबुझकर जाम खुलवाया। अब पुलिस घटनास्थल के वारदात के समय के मोबाइल डंप उठाकर हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बुधवार को भाली गांव निवासी अजीत ने शिकायत दी थी कि उसका चाचा बलराज उर्फ पप्पू (52) ने गांव में ही किराने की दुकान कर रखी थी। साथ ही खेतीबाड़ी का कार्य करता था। शाम करीब पौने सात बजे गांव निवासी जयबीर ने बताया कि उसके चाचा बलराज उर्फ पप्पू को गांव के बाहर शराब ठेके के नजदीक किसी ने गोली मार दी है। वह मौके पर पहुंचा, उसका चाचा लहूलुहान हालत में पड़ा था, जिसे सात से आठ गोलियां मारी गई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने वारदात अंजाम दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है।
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शाम छह बजे तक नहीं हुआ पोस्टमार्टम, सड़क पर उतरे ग्रामीण
बुधवार रात को ही पुलिस ने शव को पीजीआई के डेड हाउस में रखवा दिया था। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाना था। इसके लिए पुलिस ने डॉक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल के गठन की मांग की। पैनल तो गठित हो गया, लेकिन शाम छह बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र ने बताया कि डॉक्टर व्यस्त होने के कारण दिक्कत आई।
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ढाई बजे सड़क पर सैकड़ों ग्रामीण, गांव में पुलिस चौकी खोलने की मांग
समय पर पोस्टमार्टम न होने के साथ-साथ हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज भाली के सैकड़ों ग्रामीण ढाई बजे रोहतक-भिवानी राजमार्ग पर पहुंचे और रोड जाम कर दिया। सड़क के बीचोंबीच भाली चौक पर वाहन खड़े कर दिए गए। लोग वाया कलानौर व मोखरा रोहतक पहुंचे। सूचना पाकर एसडीएम राकेश सैनी व एएसपी महम हिमेंद्र मीना मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। तक जाकर साढ़े चार बजे जाम खुल सका।
ये रखी ग्रामीणों ने पांच मांगें
-हत्यारों को जल्द पकड़ा जाए
-गांव में पुलिस चौकी खोली जाए
- शराब ठेके को गांव से बाहर किया जाए
- पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाए
- परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए
एसडीएम के सामने पांच मांग रखी गई हैं। इसके लिए कमेटी गठित कर आवेदन करने के लिए कहा है। जल्द कमेटी बनाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलेंगे।
जोगेंद्र बुधवार, सरपंच गांव भाली।
ग्रामीण समय पर पोस्टमार्टम न होने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज थे। साथ ही अन्य मांगें भी रखी गई हैं। सरकार द्वारा तय नियमों के तहत कदम उठाए जाएंगे।
राकेश सैनी, एसडीएम रोहतक
हत्यारों तक पहुंचने के लिए डंप उठाएगी पुलिस, अभी नहीं लग रहा सुराग
दुकानदार बलराज उर्फ पप्पू हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस कई दृष्टिकोण पर काम कर रही है। इसके लिए घटनास्थल के मोबाइल डंप भी उठाए जाएंगे। साथ ही मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं।
इंस्पेक्टर जितेंद्र, प्रभारी थाना बहुअकबरपुर
10 साल पहले भी हुआ था गांव में ब्लाइंड मर्डर
पीजीआई के डेड हाउस पहुंचे भाली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में करीब 10 साल पहले भी एक युवक की हत्या हुई थी। उसका छह माह बाद खुलासा हो सका था। इतना ही नहीं, जो युवक बाद में पकड़े गए, वह घर पर सांत्वना देने भी आए थे। अब बलराज उर्फ पप्पू की हत्या किसने की, समझ में नहीं आ रहा। क्योंकि बलराज का किसी से झगड़ा नहीं था। देसी शराब लेने ठेके पर जरूर आता था।
स्कूल के पास लगे कैमरे में दिखी कार
उधर, पुलिस ने वीरवार को गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। स्कूल के पास लगे एक कैमरे में वारदात के तुरत बाद एक कार गांव की तरफ आती दिखाई दे रही है। कार तेजी से निकली है, इस लिए उसके नंबर स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं। फिर भी पुलिस अपने स्तर पर सुराग ढूंढने का प्रयास कर रही है।
3 फीट दूरी से मारी 32 बोर की गोलियां
जांच में पुलिस को पता लगा है कि हत्यारों ने बलराज को मात्र तीन फीट दूर से 32 बोर के पिस्तौल से आठ गोली मारी हैं। एक गोली सिर, एक कंधे, बाकी छाती व पेट में लगी हुई हैं। इससे लग रहा है कि हत्यारों को गहरी खुंदक थी, जबकि परिजन कह रहे हैं कि उनकी कोई रंजिश नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं हत्यारों ने किसी अन्य की गलतफहमी में बलराज की हत्या कर दी। थाना प्रभारी का कहना है कि यह तो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही पता लग सकेगा।