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Rohtak News: डमरू-नाद और रुद्राभिषेक के साथ आज होगा शिव का अभिषेक

Sun, 15 Feb 2026 12:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:07 AM IST
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Shiva will be worshipped today with the sound of Damru and Rudrabhishek.
महेंद्रगढ़। देवाधिदेव महादेव को समर्पित आस्था और उपासना का महापर्व महाशिवरात्रि का त्योहार रविवार को मनाया जाएगा जिसके लिए मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 15 फरवरी को शाम 5:04 बजे से होगा और 16 फरवरी को शाम 5:33 बजे तक रहेगी।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि का पर्व शंकर भगवान और माता पार्वती के वैवाहिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भगवान शिव ने अपना वैराग्य जीवन छोड़कर माता पार्वती के साथ वैवाहिक बंधन में बंध गए थे।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर इस बार इस साल कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस दिन ग्रहों की स्थिति के हिसाब से बुधादित्य, शुक्रादित्य, नवपंचम से लेकर लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, साध्य योग, शुक्ल योग, ध्रुव योग, व्यतिपात और वरियान योग भी बन रहा है। महाशिवरात्रि के व्रत से कई प्रकार की मान्यताएं जुड़ी हुई है। ऐसा माना जाता है की जो भी कुंवारी कन्याएं इस व्रत को करती है तो उनके अच्छे वर की प्राप्ति होती है और महिलाएं करती है तो उनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
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- दूध, दही, घी, शहद व जल से करेंग भगवान का अभिषेक:
उन्होंने बताया की इस दिन व्रत के साथ-साथ, शंकर भगवान का पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, जल से भगवान का अभिषेक किया जाता है। बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक का पत्ता शिवलिंग पर अर्पित करे। इस दिन शिव पंचाक्षर मंत्र ऊं नमः शिवाय और महामृत्युजंय मंत्र का जप करें, शिव चालीसा, शिव पुराण, शिवजी के कोई भी स्तोत्र आते है उनके पाठ करना चाहिए। उन्होंने बताया की अगर आसपास कोई शिव मंदिर नहीं हो तो आप मिट्टी का शिवलिंग बनाकर भी पूजा कर सकते है।

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चार पहर की पूजा विधान ,ये रहेगा समय :-
महाशिवरात्रि के दिन चार पहर की पूजा करने का विधान है। माना जाता है कि इन चार पहर में पूजा करने से मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पहले पहर में दूध से, दूसरे में दही से, तीसरे में शुद्ध देसी घी व चौथे पहर में शहद से अभिषेक किया जाता है।
प्रथम प्रहर- शाम 06:11 से रात 09:23 तक
द्वितीय प्रहर- रात 09:23 से अर्धरात्रि 12:36 तक
तृतीय प्रहर- रात 12:36 से सुबह 03:47 तक
चतुर्थ प्रहर- 16 फरवरी सुबह 03:47 से 06:59 तक
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