{"_id":"61ad108e659aaa04f0273049","slug":"search-for-medals-of-olympics-2024-in-rohtak-rohtak-news-rtk6318704197","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओलंपिक 2024 के ‘पदकों’ की रोहतक में तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओलंपिक 2024 के ‘पदकों’ की रोहतक में तलाश
विज्ञापन
भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के उपप्रधान नामदेव शिरगांवकर। अमर उजाला
विकास सैनी
रोहतक। पेरिस में होने के वाले ओलंपिक 2024 के लिए पदकों की तलाश अभी शुरू हो गई है। टोक्यो ओलंपिक में गई देश की टीम में प्रदेश के 30 खिलाड़ियों की बदौलत करीब 25 प्रतिशत की भागीदारी से सबकी निगाहें हरियाणा पर आ टिकी हैं। यही वजह है कि अगले ओलंपिक में प्रदेश से बेहतर व पदक विजेता खिलाड़ियों की तलाश अभी से शुरू हो गई है। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन को भी हरियाणा से ज्यादा पदकों की आस है। इसी कड़ी में पदक विजेता खिलाड़ियों की तलाश के लिए नववर्ष में जनवरी से टैलेंट हंट कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। एमडीयू में ताइक्वांडो टीम के नेशनल शिविर में खिलाड़ियों से मिलने पहुंचे भारतीय ताइक्वांडो के अध्यक्ष एवं भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के उपप्रधान नामदेव शिरगांवकर ने अमर उजाला से हुई विशेष बातचीत में एसोसिएशन की योजना साझा की।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में खेल संस्कृति है। खेलों के प्रति रुझान व लगाव है। मौसम भी पूरी तरह अनुकूल है। यह खेल व खिलाड़ियों के लिए पोषक है। देश को पदक दिलाने वाले खिलाड़ी यहां हैं। इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान भी बनाई है। अब हरियाणा को इससे आगे बढ़ना होगा। पारंपरिक खेल से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग सेंटर खोलने व ट्रेनिंग कार्यक्रम लाने होंगे। खिलाड़ियों को और बेहतर करते हुए अपनी वर्ल्ड रैंकिंग पर ध्यान देना होगा। इसे सुधारना होगा। यहां बेहतर कोच व ढांचागत सुविधाओं के अलावा रैंकिंग सुधारने पर काम करने की जरूरत है। इसी से ओलंपिक 2024 में और ज्यादा खिलाड़ी हरियाणा से देश की टीम जाएंगे और ज्यादा मेडल देश के लिए लाएंगे।
कोरोना से डरे बगैर आगे बढ़े खिलाड़ी
टोक्यो ओलंपिक पर कोरोना का साया मंडराता रहा। इसने सभी को परेशान किया। खिलाड़ी व उनका खेल काफी प्रभावित हुए। इसके बावजूद खिलाड़ी मैदान पर बगैर डरे डटे रहे और बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीते। अगले ओलंपिक में खिलाड़ी महामारी से उबरकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
भारतीय टीम को देंगे अच्छा कोच
ओलंपिक के चलते इस वर्ष किसी खेल का कोई शेड्यूल नहीं था। अब यह जारी हो गया है। इसके तहत एसोसिएशन का कार्यक्रम तय हो गया है। आने वाले समय में ताइक्वांडो टीम के लिए हम एक अच्छा कोच देंगे। साथ ही बेहतरीन ट्रेनिंग कार्यक्रम भी इनके लिए तैयार करेंगे। इससे आने वाले ओलंपिक के लिए ये अपनी जगह बना सकेंगे।
नई प्रतिभाओं को तराशने पर रहेगा जोर
ओलंपिक 2024 व एशियन गेम्स को लेकर एसोसिएशन नया प्रयास करने जा रही है। यह एक तरह का ट्रेनिंग कार्यक्रम रहेगा। इसके तहत कोच को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिलहाल फोकस वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है। इसके बाद नई प्रतिभाओं को तराशने पर जोर दिया जाएगा। इन्हीं के लिए यह टैलेंट हंट कार्यक्रम लाया जा रहा है।
देश की टीम में हरियाणा की 25 प्रतिशत सहभागिता
टोक्यो ओलंपिक इस बार खासा चर्चा में रहा। कोरोना महामारी के खतरे के बीच हुए इस आयोजन में देश के 121 खिलाड़ियों की टीम टोक्यो पहुंची। इसमें प्रदेश से 30 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल रहे। यह पूरी टीम का करीब 25 प्रतिशत है। ओलंपिक में प्रदेश की 25 प्रतिशत सहभागिता के साथ तीन खेलों में पदक भी आए। इनमें से एक गोल्ड, एक सिल्वर व एक बॉन्ज मेडल हैं। इसके अलावा पुरुष वर्ग की हॉकी टीम में भी प्रदेश के दो खिलाड़ी शामिल रहे। इनके नाम भी कांस्य पदक विजेता टीम में शामिल हैं। लड़कियों की टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक में हार के बावजूद खास पहचान बनाई।
विज्ञापन
रोहतक। पेरिस में होने के वाले ओलंपिक 2024 के लिए पदकों की तलाश अभी शुरू हो गई है। टोक्यो ओलंपिक में गई देश की टीम में प्रदेश के 30 खिलाड़ियों की बदौलत करीब 25 प्रतिशत की भागीदारी से सबकी निगाहें हरियाणा पर आ टिकी हैं। यही वजह है कि अगले ओलंपिक में प्रदेश से बेहतर व पदक विजेता खिलाड़ियों की तलाश अभी से शुरू हो गई है। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन को भी हरियाणा से ज्यादा पदकों की आस है। इसी कड़ी में पदक विजेता खिलाड़ियों की तलाश के लिए नववर्ष में जनवरी से टैलेंट हंट कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। एमडीयू में ताइक्वांडो टीम के नेशनल शिविर में खिलाड़ियों से मिलने पहुंचे भारतीय ताइक्वांडो के अध्यक्ष एवं भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के उपप्रधान नामदेव शिरगांवकर ने अमर उजाला से हुई विशेष बातचीत में एसोसिएशन की योजना साझा की।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में खेल संस्कृति है। खेलों के प्रति रुझान व लगाव है। मौसम भी पूरी तरह अनुकूल है। यह खेल व खिलाड़ियों के लिए पोषक है। देश को पदक दिलाने वाले खिलाड़ी यहां हैं। इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान भी बनाई है। अब हरियाणा को इससे आगे बढ़ना होगा। पारंपरिक खेल से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग सेंटर खोलने व ट्रेनिंग कार्यक्रम लाने होंगे। खिलाड़ियों को और बेहतर करते हुए अपनी वर्ल्ड रैंकिंग पर ध्यान देना होगा। इसे सुधारना होगा। यहां बेहतर कोच व ढांचागत सुविधाओं के अलावा रैंकिंग सुधारने पर काम करने की जरूरत है। इसी से ओलंपिक 2024 में और ज्यादा खिलाड़ी हरियाणा से देश की टीम जाएंगे और ज्यादा मेडल देश के लिए लाएंगे।
विज्ञापन
कोरोना से डरे बगैर आगे बढ़े खिलाड़ी
टोक्यो ओलंपिक पर कोरोना का साया मंडराता रहा। इसने सभी को परेशान किया। खिलाड़ी व उनका खेल काफी प्रभावित हुए। इसके बावजूद खिलाड़ी मैदान पर बगैर डरे डटे रहे और बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीते। अगले ओलंपिक में खिलाड़ी महामारी से उबरकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
भारतीय टीम को देंगे अच्छा कोच
ओलंपिक के चलते इस वर्ष किसी खेल का कोई शेड्यूल नहीं था। अब यह जारी हो गया है। इसके तहत एसोसिएशन का कार्यक्रम तय हो गया है। आने वाले समय में ताइक्वांडो टीम के लिए हम एक अच्छा कोच देंगे। साथ ही बेहतरीन ट्रेनिंग कार्यक्रम भी इनके लिए तैयार करेंगे। इससे आने वाले ओलंपिक के लिए ये अपनी जगह बना सकेंगे।
नई प्रतिभाओं को तराशने पर रहेगा जोर
ओलंपिक 2024 व एशियन गेम्स को लेकर एसोसिएशन नया प्रयास करने जा रही है। यह एक तरह का ट्रेनिंग कार्यक्रम रहेगा। इसके तहत कोच को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिलहाल फोकस वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है। इसके बाद नई प्रतिभाओं को तराशने पर जोर दिया जाएगा। इन्हीं के लिए यह टैलेंट हंट कार्यक्रम लाया जा रहा है।
देश की टीम में हरियाणा की 25 प्रतिशत सहभागिता
टोक्यो ओलंपिक इस बार खासा चर्चा में रहा। कोरोना महामारी के खतरे के बीच हुए इस आयोजन में देश के 121 खिलाड़ियों की टीम टोक्यो पहुंची। इसमें प्रदेश से 30 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल रहे। यह पूरी टीम का करीब 25 प्रतिशत है। ओलंपिक में प्रदेश की 25 प्रतिशत सहभागिता के साथ तीन खेलों में पदक भी आए। इनमें से एक गोल्ड, एक सिल्वर व एक बॉन्ज मेडल हैं। इसके अलावा पुरुष वर्ग की हॉकी टीम में भी प्रदेश के दो खिलाड़ी शामिल रहे। इनके नाम भी कांस्य पदक विजेता टीम में शामिल हैं। लड़कियों की टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक में हार के बावजूद खास पहचान बनाई।