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एसडीसी की अजीबोगरीब सलाह : जिन स्कूलों में कम फीस हो, वहां दाखिला दिला दो

Tue, 26 Apr 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 26 Apr 2016 01:59 AM IST
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SDC 's typical advice : In the schools that have low fees , the admission that.Get
स्कूल में पढ़ रहे बच्चे - फोटो : file photo
एमडीएन स्कूल प्रबंधन की मनमानी और अन्य शुल्क वसूलने के मामले में सोमवार को साढ़े तीन घंटे के लंबे इंतजार के बाद अभिभावक मंच की एडीसी प्रदीप कुमार से मुलाकात हुई। लेकिन इसमें भी समाधान नहीं, बल्कि विकल्प मिले। एडीसी ने अभिभावकों से कहा कि जिन निजी स्कूलों में फीस कम हो, उनमें अपने बच्चों का दाखिला करा दीजिए। सरकारी स्कूल में भी तो अच्छी पढ़ाई होती है, गुड़गांव में एक ऐसा सरकारी स्कूल है।
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इस पर अभिभावकों ने कहा कि रोहतक के एक भी सरकारी स्कूल में अच्छी पढ़ाई नहीं होती है। इस स्कूल में पिछले आठ साल से उनके बच्चे पढ़ रहे हैं, जो शिक्षकों से घुल मिल गए हैं। अगर एकाएक स्कूल बदल दिया तो उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। इस पर एडीसी ने कहा कि डीसी दिल्ली गए हैं, वे ही इस समस्या का समाधान करेंगे।
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फिलहाल, उन्होंने डिप्टी डीईओ सुमित्रा वर्मा से बातचीत की है। अगर उनसे कुछ समाधान होता है तो ठीक, नहीं तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, सोमवार को सुबह 11 बजे डीसी के दरबार में एमडीएन अभिभावक मंच की स्कूल प्रबंधन और डीईओ की मौजूदगी में बैठक होनी थी। पर, डीसी की दिल्ली में होने की वजह से बैठक नहीं हो पाई और एडीसी को इस मामले की जिम्मेदारी दी गई। तब तक अभिभावक  मंच का प्रतिनिधिमंडल एक गेंद की तरह प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा। कभी उन्हें सीटीएम अजय चोपड़ा के पास भेजा जाता है तो कभी एडीसी के पास। दोपहर 1:25 तक ऐसे ही चलता रहा। इसके बाद मंच के प्रतिनिधिमंडल की एडीसी के साथ मुलाकात हुई, जो करीब आठ मिनट तक चली।
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इस बार भी अभिभावकाें की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ और वे ज्ञापन सौंपकर वापस चले गए। इस दौरान अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के 33 फीसदी फीस बढ़ोतरी करने, एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगाने और वर्दी संबंधित कई मुद्दे उनके समक्ष उठाए। गौरतलब है कि रविवार को मानसरोवर पार्क में मंच की एक महापंचायत हुई, जिसमें जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 27 अप्रैल तक निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो डीसी दफ्तर के बाहर अभिभावक अपने बच्चों की क्लास लगाएंगे।

ये हैं अभिभावकों की मांगें
- निजी स्कूलों की तरफ  से बढ़ाई गई फीस को तत्काल वापस दिलाया जाए।
- अवैध शुल्क लगाकर बढ़ाई गई फीस को हटाया जाए।
- स्कूल ड्रेस के नाम पर स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन रोक लगाए।
- एमडीएन और अन्य सभी निजी स्कूलों के अभिभावकों की मांग पूरी की जाए।
- नियम 134ए के तहत दाखिले की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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