रोहतक में सर्व खाप पंचायत की बैठक में बड़ा फैसला, कृषि मंत्री का करेंगे बहिष्कार, रेल रोकने की बनेगी रणनीति
किसान आंदोलन को धार देने के लिए बुधवार को जाट भवन में उत्तर भारत के खाप प्रतिनिधियों की बैठक हुई। यहां सर्वसम्मति से कृषि मंत्री जेपी दलाल का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया। सर्व खाप ने दलाल को समाज के काबिल नहीं मानते हुए यह फैसला लिया। साथ ही किसान आंदोलन को पहले की तरह लगातार सहयोग देने व गुरुवार के रेल रोको अभियान को सफल बनाने का भी फैसला लिया गया।
किसान सभा के राज्य उपप्रधान परीक्षण ने कहा कि सरकार व सरकार के मंत्रियों पर लगाम कसनी होगी। ये खापों का ठेका लेने का दावा कर रहे हैं। ऐसे मंत्रियों का बहिष्कार करना जरूरी है। ये समाज के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि खाप व खाप प्रतिनिधि आंदोलन में जुटे हुए हैं।
उनका सहयोग आंदोलन को मजबूत कर रहा है। जबकि सरकार व उसके कृषि मंत्री आंदोलन को कमजोर करने के लिए खापों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। इसके अलावा गुरुवार को रेल रोको अभियान चलाया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए हमें रणनीति तैयार करते हुए रेल रोकने की जगह तय करनी होगी।
सांगवान खाप के अध्यक्ष सोमवीर सांगवान ने कहा कि खाप किसी भी तरह की मध्यस्थता का काम नहीं कर रही हैं। यह किसी का अपना व्यक्तिगत विचार हो सकता है। खापें आंदोलनकारियों के साथ थीं, हैं और रहेंगी। खापों का आंदोलनकारियों की कमेटी के साथ लगातार संपर्क बना रहे इसके लिए प्रयास किये जाएंगे। यह आखिरी लड़ाई है। इसे हर हाल में कामयाब बनाया जाएगा।
दलबीर रेढू ने कहा कि हमें अपनी शक्ति पहचाननी होगी। समय आ गया है काठ की हांडी पहचान कर हमें सही दिशा में कदम बढ़ाना होगा। समाज में जहर भरने वालों से बचते हुए आंदोलन को सफल बनाना है। चेहरा नहीं, काम दिखाओ, यही हमें पहचान भी दिलाएगा। वीरेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर खापें लगातार जाएं। ज्यादा से ज्यादा लोग वहां पहुंचें। यह सिलसिला बना रहे। हम यहां से सब्जी, फल, दूध, पानी जिस भी तरह की मदद होगी, आंदोलनकारियों को मुहैया कराएंगे।
आंदोलन में हमारी हाजिरी शून्य न हो। भाजपा व आरएसएस के मानने वाले नहीं हैं। इनका बहिष्कार जरूरी है। हमें इस ओर कड़े कदम उठाने होंगे। कृषि कानूनों को होल्ड पर रखने की बात करने वाले सरकार की साजिश का हिस्सा हैं। ये कानून रद्द होने चाहिए। यही हमारी मांग है। इसके लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। नेहरा खाप के प्रधान दलबीर नेहरा ने भी आंदोलन को तेज करने का सुझाव दिया।