गांव के चौधरियों के मानदेय संग जिम्मेदारी भी बढ़ी
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सरपंचों को गांव के विकास का दायित्व सौंपते हुए शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने गांव के चौधरियों का मानदेय बढ़ाया तो जिम्मेदारी भी तगड़ी दी। ग्राम पंचायत की पहली बैठक की तारीख का ऐलान भी समारोह में कर दिया। साथ ही, पूरे गांव को जोड़े रखने का मंत्र भी दिया। सरपंचों को निरंकुश होने पर हार का डर भी दिखाया गया।
रोहतक के सीआर पॉलीटेकिभनक के ग्राउंड पर सोमवार को राज्यस्तरीय शपथ ग्रहण समारोह हुआ। यहां सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सरपंचों को शपथ दिलाई और अपने दायित्व को बेहतर तरीके से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। सीएम ने कहा कि पहले पंचों को 600 रुपये मानदेय मिलता था, लेकिन अब उनको एक हजार रुपये मानदेय मिलेगा। वहीं, सरपंचों को 2000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय था जो अब 3000 हजार रुपये होगा।
इसे बाद सीएम ने सरपंचों के लिए नए नियम भी अभी से लागू करते हुए कहा कि अब उनको एक साल में ग्राम सभा की चार बैठक करनी जरूरी होंगी। जिसमें सरपंच, पंचों के अलावा छोटे गांवों में 200 ग्रामीण भी शामिल रहेंगे तो बड़े गांवों में 500 ग्रामीण शामिल होने चाहिए। इससे गांव में कराए जाने वाले किसी भी कार्य का बाद में विरोध नहीं हो सके और सरपंच की अच्छी छवि बनी रह सके।
उसके बाद भी सभी गांवों में प्रशासन की ओर से 11 सदस्यों की एक कमेटी गठित की जाएगी जो विकास कार्यों की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी। ग्राम सभा की पहली बैठक आगामी 24 फरवरी को होगी। सीएम ने सरपंचों को डर भी दिखाया और यह सबसे बड़ा डर था कि वह निरंकुश होंगे तो जनता पांच साल बाद सजा के तौर पर उनको हराकर किसी और को सरपंची सौंप देगी।
शपथ ग्रहण समारोह के बीच-बीच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते रहे, जिनसे बच्चों ने समाज सुधार के संदेश दिए। इस समारोह में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि एवं पंचायत राज मंत्री ओपी धनखड़, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार, मंत्री नायब सैनी, सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क और विधायक मनीष ग्रोवर भी मौजूद रहे।