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उद्योगों को ‘ऊर्जावान’ बनाने के लिए सस्ती बिजली की ‘संजीवनी’
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प्रदेश सरकार ने उद्योगों को ‘ऊर्जावान’ बनाने के लिए सस्ती बिजली दर की ‘संजीवनी’ दी है। इससे उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत एक नवंबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक रात में उत्पादन करने पर बिजली 4.50 रुपये प्रति यूनिट मिलेगी। उद्योगों को सस्ती बिजली का लाभ तभी मिलेगा, जब गत वर्ष की तुलना में बिजली खपत ज्यादा करेंगे।
लॉकडाउन में सारे उद्योग-धंधे लड़खड़ा गए थे। अभी उद्योगों में उत्पादन की रफ्तार नहीं पकड़ी है। प्रदेश सरकार उद्योगों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सस्ती दरों पर बिजली देने जा रही है। एक नवंबर से 31 मार्च तक बिजली निगम उद्योगों को सशर्त सस्ती बिजली दी जाएगी। इसके तहत रात नौ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक उत्पादन करना होगा। 4.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली का लाभ उसी उद्योग को मिलेगा, जो गत वर्ष नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी व मार्च की तुलना में ज्यादा बिजली खपत करेगा। बिजली निगम अधिकारियों का कहना है कि इससे कई उद्योग रफ्तार पकड़ेंगे। उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली आपूर्ति करने का सकारात्मक परिणाम आएगा तो यह व्यवस्था और बढ़ाई जा सकती है।
1.75 रु. प्रति यूनिट सस्ती मिलेगी उद्योगों को बिजली
उद्योगों को बिजली 6.25 रुपये प्रति यूनिट मिल रही है। उद्योग रात में उत्पादन बढ़ाएंगे तो 4.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलेगी। इससे उद्योगों को 1.75 रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी।
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50-80 लाख यूनिट तक गिरी बिजली की खपत
जिले के उद्योगों में हर माह औसतन 449 से 450 लाख यूनिट बिजली खपत होती है। गत वर्ष नवंबर व दिसंबर 2020 में क्रमश: 344.48 व 388.64 लाख और जनवरी, फरवरी व मार्च 2021 में क्रमश: 395.63, 387.34 व 433.34 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई।
उद्योगपति बोले-उत्पादन बढ़ेगा तो निर्यात बढ़ेगा, रात की शिफ्ट पूरी क्षमता से चलेगी
सस्ती बिजली मिलने से उत्पादन बढ़ने से उद्योगों को रफ्तार मिलेगी। उत्पादन बढ़ेगा तो निर्यात बढ़ेगा और प्रधानमंत्री का विजन पूरा होगा। सस्ती बिजली देने का फैसला उद्योगों के लिए संजीवनी हैं।
-करन विज, डायरेक्टर माइक्रोन इंडस्ट्रीज
नट-बोल्ट उद्योग में फर्निस 24 घंटे चलती है। हमारा हर माह 70-80 लाख रुपये बिजली बिल का भुगतान होता हैं। रात्रि में बिजली सस्ती मिलने से पूरी क्षमता से प्लांट चलेंगे। रात की शिफ्ट पूरी क्षमता से चलेगी।
-राजेश जैन, एमडी एलपीएस बोसार्ड
रात में बिजली सस्ती मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे करीब 20 फीसदी सेविंग होगी। स्वाभाविक है कि कच्चा माल ज्यादा आएगा और उत्पादन बढ़ेगा। इससे उद्योग जगत में बूम आएगा।
-विकास बंसल, निदेशक श्रीराम इंडस्ट्रीज
170 रुपये प्रति किलोवाट का चार्ज खत्म होना चाहिए। तमिलनाडु व महाराष्ट्र में यह नहीं लगता। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नहीं बल्कि खपत नहीं होने के कारण सस्ते में दे रही है।
-अंशुल नरवाल, निदेशक डायनामिक ट्रांसमिशन लिमिटेड
उद्योगों को होगा काफी लाभ
उद्योगों की सूची बनाई जा रही है। इनसे मीटिंग करके योजना के बारे में बताया जाएगा। इससे उद्योगों को काफी लाभ होगा।
-गगन पांडेय, अधिशासी अभियंता
उद्योगपतियों के साथ बैठक की जाएगी
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से संपर्क किया जा रहा है। जल्द हर उद्योगपतियों के साथ बैठक की जाएगी। सरकार की योजना के बारे में बताया जाएगा।
-एके यादव, अधीक्षण अभियंता
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लॉकडाउन में सारे उद्योग-धंधे लड़खड़ा गए थे। अभी उद्योगों में उत्पादन की रफ्तार नहीं पकड़ी है। प्रदेश सरकार उद्योगों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सस्ती दरों पर बिजली देने जा रही है। एक नवंबर से 31 मार्च तक बिजली निगम उद्योगों को सशर्त सस्ती बिजली दी जाएगी। इसके तहत रात नौ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक उत्पादन करना होगा। 4.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली का लाभ उसी उद्योग को मिलेगा, जो गत वर्ष नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी व मार्च की तुलना में ज्यादा बिजली खपत करेगा। बिजली निगम अधिकारियों का कहना है कि इससे कई उद्योग रफ्तार पकड़ेंगे। उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली आपूर्ति करने का सकारात्मक परिणाम आएगा तो यह व्यवस्था और बढ़ाई जा सकती है।
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1.75 रु. प्रति यूनिट सस्ती मिलेगी उद्योगों को बिजली
उद्योगों को बिजली 6.25 रुपये प्रति यूनिट मिल रही है। उद्योग रात में उत्पादन बढ़ाएंगे तो 4.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलेगी। इससे उद्योगों को 1.75 रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी।
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50-80 लाख यूनिट तक गिरी बिजली की खपत
जिले के उद्योगों में हर माह औसतन 449 से 450 लाख यूनिट बिजली खपत होती है। गत वर्ष नवंबर व दिसंबर 2020 में क्रमश: 344.48 व 388.64 लाख और जनवरी, फरवरी व मार्च 2021 में क्रमश: 395.63, 387.34 व 433.34 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई।
उद्योगपति बोले-उत्पादन बढ़ेगा तो निर्यात बढ़ेगा, रात की शिफ्ट पूरी क्षमता से चलेगी
सस्ती बिजली मिलने से उत्पादन बढ़ने से उद्योगों को रफ्तार मिलेगी। उत्पादन बढ़ेगा तो निर्यात बढ़ेगा और प्रधानमंत्री का विजन पूरा होगा। सस्ती बिजली देने का फैसला उद्योगों के लिए संजीवनी हैं।
-करन विज, डायरेक्टर माइक्रोन इंडस्ट्रीज
नट-बोल्ट उद्योग में फर्निस 24 घंटे चलती है। हमारा हर माह 70-80 लाख रुपये बिजली बिल का भुगतान होता हैं। रात्रि में बिजली सस्ती मिलने से पूरी क्षमता से प्लांट चलेंगे। रात की शिफ्ट पूरी क्षमता से चलेगी।
-राजेश जैन, एमडी एलपीएस बोसार्ड
रात में बिजली सस्ती मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे करीब 20 फीसदी सेविंग होगी। स्वाभाविक है कि कच्चा माल ज्यादा आएगा और उत्पादन बढ़ेगा। इससे उद्योग जगत में बूम आएगा।
-विकास बंसल, निदेशक श्रीराम इंडस्ट्रीज
170 रुपये प्रति किलोवाट का चार्ज खत्म होना चाहिए। तमिलनाडु व महाराष्ट्र में यह नहीं लगता। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नहीं बल्कि खपत नहीं होने के कारण सस्ते में दे रही है।
-अंशुल नरवाल, निदेशक डायनामिक ट्रांसमिशन लिमिटेड
उद्योगों को होगा काफी लाभ
उद्योगों की सूची बनाई जा रही है। इनसे मीटिंग करके योजना के बारे में बताया जाएगा। इससे उद्योगों को काफी लाभ होगा।
-गगन पांडेय, अधिशासी अभियंता
उद्योगपतियों के साथ बैठक की जाएगी
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से संपर्क किया जा रहा है। जल्द हर उद्योगपतियों के साथ बैठक की जाएगी। सरकार की योजना के बारे में बताया जाएगा।
-एके यादव, अधीक्षण अभियंता