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Rohtak News: सहारा आश्रम ने दो शवों का कराया अंतिम संस्कार
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। हरिओम सेवादल के सहारा आश्रम में बुधवार को मरने वाले सोनपाल के शव को भी परिजन महेंद्रगढ़ ले गए। वहीं पर जाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो लावारिस कैलाश और प्रेमी के शव का हरिओम सेवा दल की ओर से अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उधर, चारों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे उनकी मौत का कारण पता लगाया जा सके। हालांकि चारों के शवों से बिसरा सुरक्षित करके जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
बुधवार को सहारा आश्रम में चार लोगों की मौत हो गई थी और इससे आश्रम में भी अफरा-तफरी मच गई थी। संस्था के मीडिया प्रभारी संजय खुराना ने बताया कि दो लोगों की पहचान तो आश्रम के पास थी। मगर दो लोगों की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपनी पहचान नहीं बता पाए थे। इसलिए आश्रम की ओर से उनको कैलाश और प्रेमी के नाम से पहचान दी गई थी। छह माह से वह आश्रम में थे और उनकी मौत के बाद दोनों के शवों का संस्था के सदस्यों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इसके लिए संस्था ने प्रशासन के समक्ष मांग की थी कि वह उनके आश्रम रहे थे और अंतिम संस्कार भी संस्थान ही करना चाहता है।
वर्जनशवों का पोस्टमार्टम हो गया है और मौत के कारण का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर लैब भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरी जानकारी दे दी जाएगी।
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- डॉ. विवेक, मेडिकल ऑफिसर
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रोहतक। हरिओम सेवादल के सहारा आश्रम में बुधवार को मरने वाले सोनपाल के शव को भी परिजन महेंद्रगढ़ ले गए। वहीं पर जाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो लावारिस कैलाश और प्रेमी के शव का हरिओम सेवा दल की ओर से अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उधर, चारों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे उनकी मौत का कारण पता लगाया जा सके। हालांकि चारों के शवों से बिसरा सुरक्षित करके जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
बुधवार को सहारा आश्रम में चार लोगों की मौत हो गई थी और इससे आश्रम में भी अफरा-तफरी मच गई थी। संस्था के मीडिया प्रभारी संजय खुराना ने बताया कि दो लोगों की पहचान तो आश्रम के पास थी। मगर दो लोगों की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपनी पहचान नहीं बता पाए थे। इसलिए आश्रम की ओर से उनको कैलाश और प्रेमी के नाम से पहचान दी गई थी। छह माह से वह आश्रम में थे और उनकी मौत के बाद दोनों के शवों का संस्था के सदस्यों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इसके लिए संस्था ने प्रशासन के समक्ष मांग की थी कि वह उनके आश्रम रहे थे और अंतिम संस्कार भी संस्थान ही करना चाहता है।
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वर्जनशवों का पोस्टमार्टम हो गया है और मौत के कारण का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर लैब भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरी जानकारी दे दी जाएगी।
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- डॉ. विवेक, मेडिकल ऑफिसर