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Rohtak News: नियमों की उड़ी धज्जियां, खूब हुई आतिशबाजी, प्रदूषण स्तर 270 पहुंचा
Sat, 02 Nov 2024 02:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 02 Nov 2024 02:59 AM IST
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झज्जर। जिले में दीपावली पर्व वीरवार और शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। शहर में सरेआम पटाखे बिके और नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं। लोगों ने भी देर रात तक आतिशबाजी की। इससे आंखों में जलन, जलने, सांस की दिक्कत सहित अन्य परेशानियों के 135 लोग आपातकालीन में उपचार करवाने पहुंचे। वहीं एक्यूआई भी 270 दर्ज किया गया।
शहर में आतिशबाजी को लेकर दीपावली पर प्रशासन की तरफ लागू किए गए नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आई। इस दौरान लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। प्रशासन की तरफ से आदेश थे कि दीपावली के त्योहार पर आमजन रात्रि आठ बजे से दस बजे तक ग्रीन पटाखे बजा सकते हैं, लेकिन दीपावली त्योहार के दिन शहर में सरेआम पटाखों (ग्रीन पटाखे नहीं) की बिक्री हुई जबकि ग्रीन पटाखों को छोड़कर बाकी अन्य पर पाबंदी थी। यही नहीं पूरे शहर में हर चौक पर दुकानदारों ने सरेआम पटाखे बेचे गये। शहर व सदर थाना के बाहर ही दुकानदार व रेहड़ी संचालक पटाखे फड़ों पर सजाकर बेच रहे थे। उनको रोकने वाला तक कोई नहीं था। यही वजह रही कि दीपावली के दिन जमकर आतिशबाजी हुई। दिन में ही पटाखे बजाने का कम शुरू हो गया था, जो देर रात तक चला। इस कारण शहर में वायु प्रदूषण पर भी असर पड़ा। शहर में वायु गुणवत्ता का आंकड़ा 270 रहा। इस कारण पूरा वातावरण धुआं मय हो गया। इसके चलते अस्थमा पीड़ित लोगों को परेशानी हुई।
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शहर में आतिशबाजी को लेकर दीपावली पर प्रशासन की तरफ लागू किए गए नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आई। इस दौरान लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। प्रशासन की तरफ से आदेश थे कि दीपावली के त्योहार पर आमजन रात्रि आठ बजे से दस बजे तक ग्रीन पटाखे बजा सकते हैं, लेकिन दीपावली त्योहार के दिन शहर में सरेआम पटाखों (ग्रीन पटाखे नहीं) की बिक्री हुई जबकि ग्रीन पटाखों को छोड़कर बाकी अन्य पर पाबंदी थी। यही नहीं पूरे शहर में हर चौक पर दुकानदारों ने सरेआम पटाखे बेचे गये। शहर व सदर थाना के बाहर ही दुकानदार व रेहड़ी संचालक पटाखे फड़ों पर सजाकर बेच रहे थे। उनको रोकने वाला तक कोई नहीं था। यही वजह रही कि दीपावली के दिन जमकर आतिशबाजी हुई। दिन में ही पटाखे बजाने का कम शुरू हो गया था, जो देर रात तक चला। इस कारण शहर में वायु प्रदूषण पर भी असर पड़ा। शहर में वायु गुणवत्ता का आंकड़ा 270 रहा। इस कारण पूरा वातावरण धुआं मय हो गया। इसके चलते अस्थमा पीड़ित लोगों को परेशानी हुई।
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