फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   rohtak, university, kuruksetra, haryana, krishna lal panwar

कुरुक्षेत्र में संस्कृत यूनिवर्सिटी और दक्षिण हरियाणा में अंबेडकर कौशल विकास यूनिवर्सिटी खुलेगी जल्द

Mon, 20 Jun 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 20 Jun 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
rohtak, university, kuruksetra, haryana, krishna lal panwar
रोहतक पहुंचे परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार - फोटो : amar ujala
प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर संस्कृत यूनिवर्सिटी और अंबेडकर कौशल विकास यूनिवर्सिटी जल्द खुलेंगी। प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि कुरुक्षेत्र में संस्कृत यूनिवर्सिटी और दक्षिण हरियाणा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर कौशल विकास यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। परिवहन मंत्री रविवार को संत शिरोमणि कबीर साहिब के 618वे जयंती समारोह पर नेहरू कालोनी में संत कबीर लाइब्रेरी एवं भवन का शिलान्यास करने आये थे।
विज्ञापन


उन्होंने संत कबीर लाइब्रेरी एवं भवन निर्माण के लिए 11 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की। इसके अलावा परिवहन मंत्री ने पुरानी सब्जी मंडी के गढ़ी मोहल्ले में संत कबीर ट्रस्ट एवं संत कबीर शिक्षा संस्थान की ओर से संत कबीर भवन का उद्घाटन एवं प्रतिमा का अनावरण भी किया। यहां भी कृष्णलाल पंवार ने 2 लाख 51 हजार रुपये की अनुदान राशि दी। उनके कहा, सीएम पहले की कह चुके हैं कि सभी संतों, गुरुओं और महापुरुषों की जयंती सरकारी तौर पर मनाई जाएगी।
विज्ञापन


उन्होने कहा, लड़कियों और महिलाओं के लिए घर से कॉलेज तक जाने के लिए सरकारी परिवहन सेवा मुहैया करवाई जा रही है, जिसमें सुरक्षा गार्ड भी लगाए जाएंगे। बीपीएल परिवार की लड़की की शादी के लिए प्रदेश सरकार 51 हजार रुपये की शगुन राशि दे रही है। वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर आवास  योजना के तहत मकान निर्माण के लिए 93 हजार रुपए की सहायता राशि और मकान की मरम्मत के लिए 20 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। यह भी बताया कि प्रदेश में हर 20 किमी. पर एक महिला महाविद्यालय का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधायक मनीष ग्रोवर ने कहा कि भारत संतों और ऋषि मुनियों का देश है। हमारे स्कूली पाठ्यक्रम में संतों और महापुरुषों की जीवनियां पढ़ाई जानी चाहिए। कहा कि बडे़ शर्म की बात है कि हमारे संतों और महापुरुषों के नाम पर विभिन्न संस्थानों का नामकरण करने के लिए सिफारिश करनी पड़ती है। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश भाटिया, लवलीन टुटेजा, बिजेंद्र जैन, जोगेंद्र सैनी, सुदेश सांघी, सुभाष शर्मा, पंकज छाबड़ा, डॉ. विजय कायत, डॉ. सतपाल देहराज, राकेश किराड़, कृष्ण कुमार किराड़, रविकांत, कांशीराम किराड़, सुखबीर, बाबूराम किराड़, मास्टर रामचन्द्र धामड़, काशीराम खटक, आजाद कुंडू, कुलविन्द् सिक्का, सतीश खन्ना, बिमला पांचाल, सतपाल वत्स, जसवंत बलियाणा, रोशन मायना, पद्म ढुल, रामकुमार कौशिक  आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed