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वित्त मंत्री ने जाट आरक्षण आंदोलन पर कांग्रेस पर साधा निशाना
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 17 Jun 2016 02:15 AM IST
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प्रेस वार्ता करते हुए हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु
- फोटो : file photo
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वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने जाट आरक्षण आंदोलन की हिंसा पर एक बार फिर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार को दंगा करवाने वालों के प्यादों और गुर्गों से नहीं सरदार से मतलब है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का अमन चैन छीनने वाले हरेक शख्स को प्रमाण सहित समाज के सामने लाया जाए। सभी जांच के तार उनके सरदार तक पहुंच रहे हैं। अभी भी नौजवानों को भड़काया जा रहा है। आज फिर पहले जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। लेकिन पाप का घड़ा भर चुका है, षड्यंत्र करने वाले बेनकाब हो रहे हैं।
मंत्री बृहस्पतिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये लोग फरवरी में राजनीतिक स्वार्थ की सिद्धि के लिए पहले ही 30 युवकों को बलि चढ़वा चुके हैं और भाईचारा बर्बाद कर दिया है। इसकी वजह कांग्रेस की चुनाव में हार थी। वे अपनी हार पचा नहीं पाए और सत्ता से दूर होने की छटपटाहट में षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था। हम सौगंध खाते हैं कि एक भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। जिन्होंने गलत नहीं किया है, वे बिल्कुल न घबराएं। युवाओं को ध्यान रखना होगा कि पहले भी भड़का कर प्रदेश को जलवा दिया गया और ये फिर यही करवाना चाहते हैं। क्योंकि कुछ लोगों को अहसास हो रहा है कि जांच में वे उलझ रहे हैं, इसलिए वे जेल जाने के डर से नौजवानों के कंधों पर बंदूक रखकर अपना हित तलाश रहे हैं।
प्रदेश में धरने आरक्षण को लेकर नहीं हो रहे हैं। यह केवल कुछ व्यक्तियों द्वारा किया गया राजनीतिक षड्यंत्र है। यदि आरक्षण मुद्दे पर कांग्रेस की मंशा साफ होती तो वे अपने 10 साल के शासनकाल में इसे लागू करवाते। न कि राजनीतिक फायदा उठाने के लिए लोकसभा चुनाव की घोषणा के 48 घंटे पहले जानबूझकर दोषपूर्ण आरक्षण की व्यवस्था की घोषणा करते। यही नहीं अगर कांग्रेस आरक्षण को लेकर गंभीर होती तो विधानसभा में आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से पास करवाने में शामिल होती। मंत्री ने इनेलो पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इनेलो ने भी अपने 5-6 साल के कार्यकाल में कभी भी आरक्षण को लेकर प्रयास नहीं किए। इस अवसर पर अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार बाल्मीकि, जिलाध्यक्ष अजय बंसल, प्रदीप जैन, अजय सिंधु, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सुमन, राजबीर आर्य, शमशेर खरक व राजकुमार कपूर मौजूद रहे।
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नौंवी अनुसूची में डालने की सिफारिश पर मामला कोर्ट में
वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल के पहले साल में ही आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से विधानसभा में पास करवाया और कानून बनवाया। भाजपा ने नए कानून में आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की भी व्यवस्था की। सरकार ने विधानसभा में पास आरक्षण बिल को संविधान की नौंवी अनुसूची में डालने की सिफारिश भी की। लेकिन मामला कोर्ट में है। समस्या है कि कई लोग कानून नहीं जानते। सुप्रीम कोर्ट शेड्यूल 9 को भी अंतिम नहीं मानता। संसद में संवैधानिक संशोधन होना चाहिए। इसके बाद भी कोर्ट सवाल खडे़ कर सकता है। स्टे पर सरकार पूरी तरह गंभीर है। बड़े से बड़े वकील को साथ लेकर मजबूती से पक्ष रखा जा रहा है। आंदोलनकारियों और विपक्ष को भी सहयोग करना चाहिए। यदि किसी का कोई सुझाव है तो उसका स्वागत है। आरक्षण को लेकर सीएम मनोहर लाल खट्टर से ज्यादा साफ नीयत किसी की नहीं है।
नहीं लांघने देंगे लक्ष्मण रेखा
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर वित्त मंत्री ने कहा कि प्रशासन समाज को देखते हुए संयम के साथ चलता है। इसके लिए लक्ष्मण रेखा जैसी कुछ सीमाएं निर्धारित की जाती हैं। इन रेखाओं को रोहतक प्रशासन किसी को लांघने नहीं देगा।
हिंसा में हुई मौत की होगी जांच
मंत्री ने कहा कि सरकार हिंसा में हुई मौतों की जांच करेगी। निर्दोष मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। एक भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। मंत्री ने यशपाल मलिक के संबंध में कहा है कि उन पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद वे प्रदेश में नहीं आए हैं। उन पर भी ध्यान रखा जा रहा है।
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मंत्री बृहस्पतिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये लोग फरवरी में राजनीतिक स्वार्थ की सिद्धि के लिए पहले ही 30 युवकों को बलि चढ़वा चुके हैं और भाईचारा बर्बाद कर दिया है। इसकी वजह कांग्रेस की चुनाव में हार थी। वे अपनी हार पचा नहीं पाए और सत्ता से दूर होने की छटपटाहट में षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था। हम सौगंध खाते हैं कि एक भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। जिन्होंने गलत नहीं किया है, वे बिल्कुल न घबराएं। युवाओं को ध्यान रखना होगा कि पहले भी भड़का कर प्रदेश को जलवा दिया गया और ये फिर यही करवाना चाहते हैं। क्योंकि कुछ लोगों को अहसास हो रहा है कि जांच में वे उलझ रहे हैं, इसलिए वे जेल जाने के डर से नौजवानों के कंधों पर बंदूक रखकर अपना हित तलाश रहे हैं।
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प्रदेश में धरने आरक्षण को लेकर नहीं हो रहे हैं। यह केवल कुछ व्यक्तियों द्वारा किया गया राजनीतिक षड्यंत्र है। यदि आरक्षण मुद्दे पर कांग्रेस की मंशा साफ होती तो वे अपने 10 साल के शासनकाल में इसे लागू करवाते। न कि राजनीतिक फायदा उठाने के लिए लोकसभा चुनाव की घोषणा के 48 घंटे पहले जानबूझकर दोषपूर्ण आरक्षण की व्यवस्था की घोषणा करते। यही नहीं अगर कांग्रेस आरक्षण को लेकर गंभीर होती तो विधानसभा में आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से पास करवाने में शामिल होती। मंत्री ने इनेलो पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इनेलो ने भी अपने 5-6 साल के कार्यकाल में कभी भी आरक्षण को लेकर प्रयास नहीं किए। इस अवसर पर अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार बाल्मीकि, जिलाध्यक्ष अजय बंसल, प्रदीप जैन, अजय सिंधु, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सुमन, राजबीर आर्य, शमशेर खरक व राजकुमार कपूर मौजूद रहे।
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नौंवी अनुसूची में डालने की सिफारिश पर मामला कोर्ट में
वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल के पहले साल में ही आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से विधानसभा में पास करवाया और कानून बनवाया। भाजपा ने नए कानून में आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की भी व्यवस्था की। सरकार ने विधानसभा में पास आरक्षण बिल को संविधान की नौंवी अनुसूची में डालने की सिफारिश भी की। लेकिन मामला कोर्ट में है। समस्या है कि कई लोग कानून नहीं जानते। सुप्रीम कोर्ट शेड्यूल 9 को भी अंतिम नहीं मानता। संसद में संवैधानिक संशोधन होना चाहिए। इसके बाद भी कोर्ट सवाल खडे़ कर सकता है। स्टे पर सरकार पूरी तरह गंभीर है। बड़े से बड़े वकील को साथ लेकर मजबूती से पक्ष रखा जा रहा है। आंदोलनकारियों और विपक्ष को भी सहयोग करना चाहिए। यदि किसी का कोई सुझाव है तो उसका स्वागत है। आरक्षण को लेकर सीएम मनोहर लाल खट्टर से ज्यादा साफ नीयत किसी की नहीं है।
नहीं लांघने देंगे लक्ष्मण रेखा
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर वित्त मंत्री ने कहा कि प्रशासन समाज को देखते हुए संयम के साथ चलता है। इसके लिए लक्ष्मण रेखा जैसी कुछ सीमाएं निर्धारित की जाती हैं। इन रेखाओं को रोहतक प्रशासन किसी को लांघने नहीं देगा।
हिंसा में हुई मौत की होगी जांच
मंत्री ने कहा कि सरकार हिंसा में हुई मौतों की जांच करेगी। निर्दोष मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। एक भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। मंत्री ने यशपाल मलिक के संबंध में कहा है कि उन पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद वे प्रदेश में नहीं आए हैं। उन पर भी ध्यान रखा जा रहा है।