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कर्मचारियों का बाहर धरना-प्रदर्शन, एसई अपने ही ऑफिस में फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 17 May 2016 02:29 AM IST
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बिजली निगम से ठेका कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने किया हंगामा
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सामूहिक अवकाश में शामिल होने पर बिजली निगम के ठेका कर्मियों को हटाने व सरकारी कर्मियों को सस्पेंड करने के विरोध में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। सैकड़ों कर्मचारियों ने पहले एचवीपीएन कार्यालय के बाहर हंगामा किया। यहां हटाए गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने का आश्वासन मिल गया। उसके बाद पावर हाउस पर यूएचबीवीपीएन एसई को घेराव करके हंगामा किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कर्मचारी शाम तक एसई कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी करते रहे और एसई अपने ही कार्यालय में फंसे रहे। यहां शाम तक भी कार्रवाई वापसी का आश्वासन तक नहीं दिया गया। बाद में धरने पर बैठे कर्मचारी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कह खुद ही उठकर चले गए।
सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में 11 मई को कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश रखा था। इस पर बिजली निगम की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई और ठेका कर्मियों को बाहर निकाल दिया गया तो सरकारी कर्मियों को सस्पेंड किया गया। सैकड़ों ठेका कर्मियों को एचवीपीएन (हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम) से हटाया गया था। वहीं, यूएचबीवीपीएन (उत्तर हरियाणा बिजली वितरण प्रसारण निगम) से 7 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया और उस दिन अवकाश पर रहने वाले सभी कर्मियों का एक दिन का वेतन काट दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में लगभग 300 कर्मचारी काम छोड़कर सबसे पहले पुरानी आईटीआई के पास एचवीपीएन कार्यालय पर पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए हंगामा किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि कर्मियों को बहाल किया जाए।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया तो सभी कर्मचारी सीधे पावर हाउस पर आ जमे। यहां एसई ज्ञानचंद का घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया गया। लेकिन एसई ने उनको किसी तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया और पुलिस बुला ली। पुलिस के पहुंचने पर सभी कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकल आए और एसई कार्यालय के बाहर ही धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारी सोमवार शाम लगभग 5.30 बजे तक बाहर बैठे रहे, जिससे एसई अपने ही कार्यालय में फंस गए और बाहर नहीं आ सके। शाम को कर्मी लौट गए। इस दौरान बिजली यूनियन के प्रांतीय चेयरमैन बिजेंद्र बेनीवाल, ऑल हरियाणा पावर वर्कर्ज यूनियन के राज्य सचिव धर्मपाल हुड्डा, प्रभु दयाल, रामनिवास सैनी, इंद्र सैनी, बिजेंद्र गुलिया, देवीराम, विजय हुड्डा और प्रवीण मौजूद रहे।
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पहली बार सत्ता में आई भाजपा को कर्मचारियों की ताकत का पता नहीं
बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के सभी कर्मचारी संगठनों ने भी अपना समर्थन देने का फैसला लिया है। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र सिंह धनखड़, बिजली संयुक्त संघर्ष समिति के नेता धर्मपाल हुड्डा, नरेश देशवाल ने कहा कि सरकार आंदोलन को ज्यादा समय तक सहन नहीं कर पाएगी। अफसर सरकार व कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। मंगलवार को रोडवेज तालमेल कमेटी द्वारा प्रदेश के सभी बड़े बस अड्डों पर सुबह 9 से 11 बजे तक प्रदर्शन किया जाएगा।
महम में भी प्रदर्शन
महम। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने बिजली सब डिविजनल महम कार्यालय पर भी दो घंटे प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान अनिल सिवाच, नहर पटवार संगठन के सदस्य, पशु पालन विभाग से बिजेंद्र बैनिवाल, जगवीर सिवाच, राय सिंह नेहरा, विनोद फरमाणा, बबलू बहलबा, विजयपाल, बिजेंद्र सिवाच, बलजीत पान्नू, अमित सिवाच, प्रवीण शर्मा, राजेश, शकुंतला, मुनी देवी, गीता, शीला और कमला शामिल रहे।
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सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में 11 मई को कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश रखा था। इस पर बिजली निगम की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई और ठेका कर्मियों को बाहर निकाल दिया गया तो सरकारी कर्मियों को सस्पेंड किया गया। सैकड़ों ठेका कर्मियों को एचवीपीएन (हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम) से हटाया गया था। वहीं, यूएचबीवीपीएन (उत्तर हरियाणा बिजली वितरण प्रसारण निगम) से 7 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया और उस दिन अवकाश पर रहने वाले सभी कर्मियों का एक दिन का वेतन काट दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में लगभग 300 कर्मचारी काम छोड़कर सबसे पहले पुरानी आईटीआई के पास एचवीपीएन कार्यालय पर पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए हंगामा किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि कर्मियों को बहाल किया जाए।
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अधिकारियों ने आश्वासन दिया तो सभी कर्मचारी सीधे पावर हाउस पर आ जमे। यहां एसई ज्ञानचंद का घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया गया। लेकिन एसई ने उनको किसी तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया और पुलिस बुला ली। पुलिस के पहुंचने पर सभी कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकल आए और एसई कार्यालय के बाहर ही धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारी सोमवार शाम लगभग 5.30 बजे तक बाहर बैठे रहे, जिससे एसई अपने ही कार्यालय में फंस गए और बाहर नहीं आ सके। शाम को कर्मी लौट गए। इस दौरान बिजली यूनियन के प्रांतीय चेयरमैन बिजेंद्र बेनीवाल, ऑल हरियाणा पावर वर्कर्ज यूनियन के राज्य सचिव धर्मपाल हुड्डा, प्रभु दयाल, रामनिवास सैनी, इंद्र सैनी, बिजेंद्र गुलिया, देवीराम, विजय हुड्डा और प्रवीण मौजूद रहे।
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बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के सभी कर्मचारी संगठनों ने भी अपना समर्थन देने का फैसला लिया है। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र सिंह धनखड़, बिजली संयुक्त संघर्ष समिति के नेता धर्मपाल हुड्डा, नरेश देशवाल ने कहा कि सरकार आंदोलन को ज्यादा समय तक सहन नहीं कर पाएगी। अफसर सरकार व कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। मंगलवार को रोडवेज तालमेल कमेटी द्वारा प्रदेश के सभी बड़े बस अड्डों पर सुबह 9 से 11 बजे तक प्रदर्शन किया जाएगा।
महम में भी प्रदर्शन
महम। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने बिजली सब डिविजनल महम कार्यालय पर भी दो घंटे प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान अनिल सिवाच, नहर पटवार संगठन के सदस्य, पशु पालन विभाग से बिजेंद्र बैनिवाल, जगवीर सिवाच, राय सिंह नेहरा, विनोद फरमाणा, बबलू बहलबा, विजयपाल, बिजेंद्र सिवाच, बलजीत पान्नू, अमित सिवाच, प्रवीण शर्मा, राजेश, शकुंतला, मुनी देवी, गीता, शीला और कमला शामिल रहे।