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रोडवेज के पांच कर्मी सस्पेंड, आज सड़कों उतरकर जताएंगे विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 13 Apr 2017 01:58 AM IST
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तीसरे दिन भी जारी रही रोडवेज बसों की हड़ताल, मुख्यालय की ओर से सस्पेंड की कार्रवाई से कर्मियों में आक्रोश
- फोटो : amar ujala
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रोडवेज कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सरकार और कर्मचारियों के बीच फिलहाल सहमति बनती नहीं दिख रही है। बुधवार को विभाग की तरफ से रोहतक रोडवेज डिपो के पांच कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड की सूचना मिलते ही यूनियन ने अब हड़ताल को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। वीरवार को सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में कर्मचारी जुटेंगे। इसके बाद सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए नया बस स्टैंड परिसर पहुंचकर विरोध जताएंगे। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। वहीं यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
रोडवेज के डीजी के आदेश के बाद डिपो के पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड किए गए कर्मचारी यूनियन में पदाधिकारी हैं। वहीं हड़ताल पर बैठे अन्य पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। सस्पेंड पदाधिकारियों में एक कर्मशाला में कार्यरत हैं जबकि तीन चालक और एक परिचालक के पद पर तैनात हैं। रोहतक रोडवेज अधिकारी की तरफ से सस्पेंड किए गए कर्मियों को इसकी सूचना दे दी गई। ऐसे में रोडवेज यूनियन के साथ अन्य विभागों की यूनियन ने भी हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया है। सर्व कर्मचारी संघ के सचिव जय कंवार ने बताया कि वीरवार को सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होंगे। वहीं अन्य यूनियन के पदाधिकारी हुडा सिटी पार्क में जुटेंगे। संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि हड़ताल करने वाले कर्मियों को सस्पेंड कर सरकार कर्मियों का उत्पीड़न कर रही है। अब वीरवार को जिलेवार सभी डिपो में सड़क पर विरोध प्रदर्शन होंगे। जब तक सरकार मांगें नहीं मान लेती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
दो दिन में डिपो को करीब 39 लाख 78 हजार का नुकसान
दो दिन में रोहतक डिपो को करीब 39 लाख 78 हजार का नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर से निजी बसों की किस्मत खुल गई है और वे खूब कमाई कर रही हैं। वहीं यूनियन के आक्रोश को देखते हुए हड़ताल खत्म होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी
प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षा और पीजीआई में इलाज के लिए लोग आते हैं। बसों की हड़ताल की वजह से छात्रों के साथ मरीजों और अन्य ड्यूटी करने वाले कर्मियों को सरकार और रोडवेज कर्मियों के बीच सहमति न बनने का खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
पास हो रहे हैं बेकार
रोडवेज में नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को पास की सुविधा दी गई है। रोडवेज बसों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को निजी बसों में किराया देना पड़ रहा है, जबकि पास की समय सीमा भी खत्म हो रही है।
ट्रेनों में बढ़ी भीड़
रोडवेज की हड़ताल की वजह से दिल्ली और आसपास के जिलों से आने जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ही एकमात्र सहारा बची है। ऐसे में सुबह से ही रोहतक रेलवे स्टेशन में यात्रियों की भीड़ देखी जा सकती है।
मुख्यालय से हड़ताल पर गए कर्मियों की सूची मांगी गई थी। कुछ कर्मियों को सस्पेंड भी किया गया है। उन कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। अभी मुख्यालय की तरफ से जैसे आदेश आएंगे वैसी कार्रवाई होगी।
राहुल जैन, जीएम, रोहतक रोडवेज डिपो
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रोडवेज के डीजी के आदेश के बाद डिपो के पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड किए गए कर्मचारी यूनियन में पदाधिकारी हैं। वहीं हड़ताल पर बैठे अन्य पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। सस्पेंड पदाधिकारियों में एक कर्मशाला में कार्यरत हैं जबकि तीन चालक और एक परिचालक के पद पर तैनात हैं। रोहतक रोडवेज अधिकारी की तरफ से सस्पेंड किए गए कर्मियों को इसकी सूचना दे दी गई। ऐसे में रोडवेज यूनियन के साथ अन्य विभागों की यूनियन ने भी हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया है। सर्व कर्मचारी संघ के सचिव जय कंवार ने बताया कि वीरवार को सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होंगे। वहीं अन्य यूनियन के पदाधिकारी हुडा सिटी पार्क में जुटेंगे। संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि हड़ताल करने वाले कर्मियों को सस्पेंड कर सरकार कर्मियों का उत्पीड़न कर रही है। अब वीरवार को जिलेवार सभी डिपो में सड़क पर विरोध प्रदर्शन होंगे। जब तक सरकार मांगें नहीं मान लेती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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दो दिन में डिपो को करीब 39 लाख 78 हजार का नुकसान
दो दिन में रोहतक डिपो को करीब 39 लाख 78 हजार का नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर से निजी बसों की किस्मत खुल गई है और वे खूब कमाई कर रही हैं। वहीं यूनियन के आक्रोश को देखते हुए हड़ताल खत्म होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी
प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षा और पीजीआई में इलाज के लिए लोग आते हैं। बसों की हड़ताल की वजह से छात्रों के साथ मरीजों और अन्य ड्यूटी करने वाले कर्मियों को सरकार और रोडवेज कर्मियों के बीच सहमति न बनने का खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
पास हो रहे हैं बेकार
रोडवेज में नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को पास की सुविधा दी गई है। रोडवेज बसों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को निजी बसों में किराया देना पड़ रहा है, जबकि पास की समय सीमा भी खत्म हो रही है।
ट्रेनों में बढ़ी भीड़
रोडवेज की हड़ताल की वजह से दिल्ली और आसपास के जिलों से आने जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ही एकमात्र सहारा बची है। ऐसे में सुबह से ही रोहतक रेलवे स्टेशन में यात्रियों की भीड़ देखी जा सकती है।
मुख्यालय से हड़ताल पर गए कर्मियों की सूची मांगी गई थी। कुछ कर्मियों को सस्पेंड भी किया गया है। उन कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। अभी मुख्यालय की तरफ से जैसे आदेश आएंगे वैसी कार्रवाई होगी।
राहुल जैन, जीएम, रोहतक रोडवेज डिपो