{"_id":"65e4d5da01de2e1c280646d1","slug":"roads-submerged-even-after-24-hours-responsible-said-water-will-go-away-on-its-own-rohtak-news-c-17-roh1020-374005-2024-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: 24 घंटे बाद भी सड़कें जलमग्न, जिम्मेदार बोले-पानी खुद निकल जाएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: 24 घंटे बाद भी सड़कें जलमग्न, जिम्मेदार बोले-पानी खुद निकल जाएगा
विज्ञापन
रोहतक। शहर में शनिवार को हुई 35 एमएम बारिश के 24 घंटे बीतने के बाद भी सड़कों में जगह-जगह पानी जमा है। कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खाली प्लाॅट, पार्क और सड़कें जलभराव से लबालब हैं। इतनी गंभीर समस्या होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी पानी के खुद निकल जाने की बात कह रहे हैं। पहले से ही टूटी सड़कों की बारिश के बाद जलभराव कारण रोड के गड्ढों का पता नहीं चल रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को समस्या आ रही है। शहर के पॉश इलाकों और बाहरी कॉलोनियों तक के हालात एक जैसे ही हैं। बारिश रुकने के एक दिन बाद भी पानी न निकलना लापरवाही का ही नतीजा है।
अमृत प्रोजेक्ट बना सफेद हाथी
2018 में अमृत प्रोजेक्ट बना। इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर की सफाई के लिए 300 करोड़ रुपये मिले, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी इस प्रोजेक्ट का कोई असर देखने को नहीं मिला। जरा सी बारिश हो जाए तो सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। सीवर ओवरफ्लो होने लगता है।
इन जगहों पर सबसे ज्यादा दिक्कत
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के बाहर, जाट कॉलेज बाहर, पावर हाउस के सामने, आकाशवाणी के पास, सेक्टर-14, सेक्टर-3 व 4, डी पार्क, पुलिस लाइन, टीबी अस्पताल, पीजीआईएमएस डायरेक्टर ऑफिस के बाहर, ट्रॉमा सेंटर, ओपीडी के बाहर, वीसी ऑफिस के बाहर, पालिका बाजार, शांतमई चौक, आंबेडकर कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, नया बस स्टैंड, कच्चा बेरी रोड, सैनिक कॉलोनी व अन्य इलाकों में बारिश रुकने के बाद भी जलनिकासी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
बारिश अभी हुई है। एक-दो दिन बाद पानी खुद ही निकल जाएगा। पानी को निकलने समय तो लगता ही है।
फूल सिंह, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
मेरी ओर से जलभराव की कहीं कोई समस्या नहीं है। न ही कोई शिकायत आई है। शिकायत आने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
आरके शर्मा, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
अमृत प्रोजेक्ट बना सफेद हाथी
2018 में अमृत प्रोजेक्ट बना। इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर की सफाई के लिए 300 करोड़ रुपये मिले, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी इस प्रोजेक्ट का कोई असर देखने को नहीं मिला। जरा सी बारिश हो जाए तो सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। सीवर ओवरफ्लो होने लगता है।
विज्ञापन
इन जगहों पर सबसे ज्यादा दिक्कत
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के बाहर, जाट कॉलेज बाहर, पावर हाउस के सामने, आकाशवाणी के पास, सेक्टर-14, सेक्टर-3 व 4, डी पार्क, पुलिस लाइन, टीबी अस्पताल, पीजीआईएमएस डायरेक्टर ऑफिस के बाहर, ट्रॉमा सेंटर, ओपीडी के बाहर, वीसी ऑफिस के बाहर, पालिका बाजार, शांतमई चौक, आंबेडकर कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, नया बस स्टैंड, कच्चा बेरी रोड, सैनिक कॉलोनी व अन्य इलाकों में बारिश रुकने के बाद भी जलनिकासी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
बारिश अभी हुई है। एक-दो दिन बाद पानी खुद ही निकल जाएगा। पानी को निकलने समय तो लगता ही है।
फूल सिंह, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
मेरी ओर से जलभराव की कहीं कोई समस्या नहीं है। न ही कोई शिकायत आई है। शिकायत आने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
आरके शर्मा, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग