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Rohtak News: लाखों की कार में चंद रुपये बचाने के लिए ले रहे जान जोखिम

Wed, 10 Jul 2024 05:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2024 05:56 AM IST
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Risking life to save a few rupees in a car worth lakhs
रोहतक। कुरुक्षेत्र के नेशनल हाईवे-152 डी पर एक सप्ताह में दो हादसे हुए हैं। इनमें अब तक जिंदा जलकर 5 लोगों की मौत हो चुकी है। दोनों ही हादसे ऐसी परिस्थिति में हुए जब आगे जा रहे वाहन ने तेजी से ब्रेक लगाए और पीछे आ रहा वाहन टकरा गया। हालांकि ऑटो एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसे हादसों के पीछे तेज गति भी एक बड़ा कारण होता है। लाखाें रुपये के वाहन खरीदने के दौरान कुछ हजार बचाने के चक्कर में बाहर से एक्सेसरीज लगवाते हैं। दरअसल, कई बार खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन, पुराने फ्यूज या ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट की वजह से भी आग लग सकती है। वहीं, पेट्रोल, डीजल या एसी गैस में लीकेज के कारण ये ज्वलनशील पदार्थों के संपर्क में आ जाते हैं और तेजी से टक्कर होने के बाद आग लग जाती है।
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बाहर से सीएनजी किट लगवाना हो सकता है खतरनाक
इन दिनों ईंधन महंगा होने के कारण काफी संख्या में सीएनजी वाहनों की ओर ग्राहकों का झुकाव बढ़ा है। मगर लोग पैसे बचाने के चक्कर में बाहर से सीएनजी किट लगवाते हैं और ऐसे में आग की घटनाओं को बढ़ावा देती हैं।
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शॉर्ट सर्किट से लगती है आग
किसी भी कार में आग लगने का सबसे ज्यादा खतरा शॉर्ट-सर्किट से होता है। ऐसा तब होता है जब गर्मियों में बाहरी और इंजन की गर्मी के कारण तार इंजन की बाॅडी से टच होकर पिघल जाते हैं तो ऐसे में आग की संभावनाएं अधिक हो जाती है।
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परफ्यूम और स्प्रे भी है गर्मियों में घातक
अकसर लोग अपने वाहनों में कार के केबिन को खुशबूदार बनाने के लिए परफ्यूम और स्प्रे रखते हैं। गर्मियों में इनमें आग लगने की भी संभावनाएं बढ़ जाती है। कई बार तेज टक्कर के बाद यह फूट जाते हैं और ऐसे में आग भी लग जाती है।

क्या बरते सावधानी
-पावर विंडो और लॉकिंग सिस्टम बाहर से लगवाने से बचें
-नई कार लेने के बाद बाहर से एक्सेसरीज लगवाने से बचें
-सीएनजी भी कंपनी फिटेड ही लगवाने को प्राथमिकता दें
-कार की सर्विस ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर से ही कराएं
-कार में एक सीट बेल्ट कटर और एक हथोड़ी रखें
-कार में फालतू एक्सेसरीज लगवाने से बचें
--कार में फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें
पुरानी कार ज्यादा होती है खतरनाक
नई कार में शुरुआती दौर में सभी लोग देख रेख करते हैं। मगर जैसे-जैसे कार पुरानी होती जाती है तो उसकी देखरेख भी कम हो जाती है। इसलिए पुरानी कार के मालिक विशेष तौर पर समय-समय पर गाड़ी का चेकअप जरूर कराएं।
कपिल कुमार, ऑटो एक्सपर्ट
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