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Rohtak News: हक के लिए आवाज उठाई, सरकार को कोसा
Sun, 29 Oct 2023 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:03 AM IST
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लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करती मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के कर्मचारी। संवाद
रोहतक। मिड डे मील वर्करों ने शनिवार को अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री के नाम जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बकाया मानदेय का भुगतान तुरंत करने, 12 महीने वेतन, वर्दी भते की बढ़ोतरी एवं स्कूलों में वर्करों से करवाई जा रही बेगारी पर रोक लगाने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन की जल्द रणनीति भी तैयार की जाएगी। जिला प्रधान बबिता ने प्रदर्शन की अगुवाई की।
जिला सचिव रीना ने बताया कि समाज के सबसे कमजोर हिस्से से आने वाली मिड डे मील वर्कर्स का लगातार शोषण जारी हैं। मिड डे मील वर्कर्स का इस कमरतोड़ मंहगाई में व इतने कम मानदेय मे गुजारा चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है। मानदेय भी कई कई महीने नही मिलता अब भी 3 महीने से मिड डे वर्करों को मानदेय नही मिला है। मिड डे मील वर्करों को भूखा मरने की कगार पर पहुंचा दिया है। केंद्र सरकार श्रम सम्मेलनों की सिफारिशों को लागू नही कर रही है। जिसमें परियोजना वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने के लिए कहा गया है। नई शिक्षा नीति के नाम पर प्रदेश में 5000 स्कूलों को मर्ज करके बच्चों को विशेषकर वंचित तबके से आने वाले बच्चों को शिक्षा से ही वंचित किया जा रहा है।
इस अवसर पर राजबाला, मंजू, सविता, लक्ष्मी, भतेरी, भारती, शीला, सुनीता, संतोष, बाला, शकुंतला ने भी संबोधित किया।
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जिला सचिव रीना ने बताया कि समाज के सबसे कमजोर हिस्से से आने वाली मिड डे मील वर्कर्स का लगातार शोषण जारी हैं। मिड डे मील वर्कर्स का इस कमरतोड़ मंहगाई में व इतने कम मानदेय मे गुजारा चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है। मानदेय भी कई कई महीने नही मिलता अब भी 3 महीने से मिड डे वर्करों को मानदेय नही मिला है। मिड डे मील वर्करों को भूखा मरने की कगार पर पहुंचा दिया है। केंद्र सरकार श्रम सम्मेलनों की सिफारिशों को लागू नही कर रही है। जिसमें परियोजना वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने के लिए कहा गया है। नई शिक्षा नीति के नाम पर प्रदेश में 5000 स्कूलों को मर्ज करके बच्चों को विशेषकर वंचित तबके से आने वाले बच्चों को शिक्षा से ही वंचित किया जा रहा है।
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इस अवसर पर राजबाला, मंजू, सविता, लक्ष्मी, भतेरी, भारती, शीला, सुनीता, संतोष, बाला, शकुंतला ने भी संबोधित किया।