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राेहतक में चिकन पॉक्स वायरस का अटैक, एक गली में 15 बच्चे बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:26 AM IST
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चिकन पॉक्स
- फोटो : demo
ओल्ड हाउसिंग बोर्ड में चिकनपॉक्स के वायरस का अटैक हुआ है। इससे एक ही गली में तकरीबन 15 बच्चे बीमार हो गए हैं। यह समस्या शहर की कुछ अन्य कालोनियों में भी बताई जा रही है। अज्ञानता वश परिजन बच्चों का उपचार कराने की बजाए, उन्हें घर में ही रख रहे हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि बीमारी फैलती जा रही है। जबकि डाक्टरों की सलाह है कि मरीज को अपने आसपास के अस्पताल में दिखाना चाहिए। यह बीमारी है और इसका इलाज संभव है।
शिव पार्वती मंदिर के समीप रहने वाली महिला जस्सी बख्शी ने बताया कि उनकी गली में कुछ बच्चों को चिकनपॉक्स हुआ है। बाद में यह दो गलियों में फैल गया। फिलहाल तकरीबन 15 बच्चों को यह बीमारी हुई है। समस्या गोहाना स्टैंड और बजरंग भवन के आसपास भी है। जबकि गर्मियों की छुट्टियों के चलते स्कूल बंद थे। ऐसे में बीमारी का फैलना हैरानी भरा है। वह स्वयं लुधियाना अपने घर गई थी, लेकिन उनकी डेढ़ साल की बेटी गुनप्रीत को बीमारी लग गई। अज्ञानता के चलते परिजन बच्चों को दवा नहीं दिलवा रहे, यहां तक कि नहलाना-धुलाना, खाने में तड़का लगाना बंद कर दिया है। ऐसे में बच्चों को राहत कैसे मिलेगी, बता पाना मुश्किल है।
बोली अधिकारी
चिकन पॉक्स के फैलने की रोकथाम व लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा जाएगा। आम जन समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बच्चों का उपचार कराएं। चिकन पॉक्स का उपचार संभव है। उपचार न कराने पर यह फैलता जाएगा, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है।
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- डॉ. दीपा जाखड़, सिविल सर्जन, रोहतक।
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शिव पार्वती मंदिर के समीप रहने वाली महिला जस्सी बख्शी ने बताया कि उनकी गली में कुछ बच्चों को चिकनपॉक्स हुआ है। बाद में यह दो गलियों में फैल गया। फिलहाल तकरीबन 15 बच्चों को यह बीमारी हुई है। समस्या गोहाना स्टैंड और बजरंग भवन के आसपास भी है। जबकि गर्मियों की छुट्टियों के चलते स्कूल बंद थे। ऐसे में बीमारी का फैलना हैरानी भरा है। वह स्वयं लुधियाना अपने घर गई थी, लेकिन उनकी डेढ़ साल की बेटी गुनप्रीत को बीमारी लग गई। अज्ञानता के चलते परिजन बच्चों को दवा नहीं दिलवा रहे, यहां तक कि नहलाना-धुलाना, खाने में तड़का लगाना बंद कर दिया है। ऐसे में बच्चों को राहत कैसे मिलेगी, बता पाना मुश्किल है।
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बोली अधिकारी
चिकन पॉक्स के फैलने की रोकथाम व लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा जाएगा। आम जन समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बच्चों का उपचार कराएं। चिकन पॉक्स का उपचार संभव है। उपचार न कराने पर यह फैलता जाएगा, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है।
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- डॉ. दीपा जाखड़, सिविल सर्जन, रोहतक।