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Rohtak News: जनता को पिलाया जा रहा आश्वासनों का पानी
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रोहतक। पानी के लिए जिलावासियों की जिद्दोजहद जारी है। कहीं दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है तो कहीं लोग लो प्रेशर से जूझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। समस्या के समाधान की गुहार लगाई जाती है आश्वासनों का पिटारा खोल दिया जाता है।
शहरवासियों का कहना है कि सीएम व गृहमंत्री को पानी की समस्या को लेकर ट्वीट कर चुके है। उसके बावजूद भी दूषित पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। अधिकारी फोन कर पूछते है कि क्या दिक्कत है उन्हें समस्या से अवगत करवाने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। विभाग ने सुध नहीं ली तो राहत की आस के साथ सरकार का दर खटखटाया, किंतु यहां भी मायूसी ही हाथ लगी। पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जबकि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजा गया बिल भी समय पर जमा करवाया जा रहा है।
बाबरा मोहल्ला:
अभिषेक पांचाल ने बताया कि पाइप में लीकेज होने के कारण जमीन नीचे से मिट्टी कटाव हो गया। जिसके चलते वहां पर गड्ढा बन गया। जनस्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया लेकिन गड्ढे को देखकर वापस चले गए समाधान नहीं किया। मोहल्ले के लोगों ने खुद रुपये इकट्ठे कर पाइपलाइन को ठीक करवाया और गड्ढे को भरवाया। लेकिन कुछ घरों में अभी भी दूषित पेयजल की सप्लाई आ रही है।
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जगदीश कॉलोनी:
अजय चावला ने बताया कि पिछले तीन महीने से दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। विभाग का जेई सिर्फ एक बार मौके पर आया और समस्या देखकर वापस चला गया। दोबारा फोन कर शिकायत की पर अनसुना कर दिया गया। पार्षद की ओर से समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शिवाजी कॉलोनी:
विकास मल्होत्रा ने बताया कि पिछले 3 महीने से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। कनेक्शन के लिए विभाग की ओर से सीवर लाइन के लिए जमीन में गड्ढे कर दिए जाते हैं। बाद में इनको ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ता है। लोगों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। कपड़े धोने के लिए पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं। जिससे लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विभाग द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
बोहर:
जगमेंद्र ने बताया कि एक दिन छोड़कर सिर्फ 25 मिनट के लिए ही पानी की सप्लाई दी जाती है। जिसमें घर की टंकी तक नहीं भर पाती। बाहर से पानी के टैंकर मंगवा कर ही पानी की पूर्ति पूरी की जाती है। परिवोदना समिति की कमेटी की बैठक में पानी की समस्या को लेकर काफी ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात भी की थी। अधिकारियों को पानी से संबंधित निर्देश भी दिए गए लेकिन अभी तक भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। एक दिन छोड़कर ही पानी की सप्लाई हो रही है जिससे लोग काफी परेशान है।
राम गोपाल कॉलोनी:
कृष्ण शास्त्री का कहना है कि राम गोपाल कॉलोनी में भी दूषित पेयजल की समस्या बनी रहती है। शिकायत पर अधिकारी समस्या का समाधान तो करते हैं लेकिन कुछ दिन बाद वापस दूषित पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है। पाइपलाइन बदलना ही समस्या का का स्थायी समाधान है।
पेयजल किल्लत और दूषित पानी की शिकायतें मिल रही हैं। शिवाजी कॉलोनी में समस्या के समाधान के लिए टीम निरंतर काम कर रही है। जहां कहीं ऐसी समस्या है वहां टीमें भेज दी जाती हैं। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।
आर के शर्मा, अधीक्षण अभियंता (एसई), जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग
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शहरवासियों का कहना है कि सीएम व गृहमंत्री को पानी की समस्या को लेकर ट्वीट कर चुके है। उसके बावजूद भी दूषित पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। अधिकारी फोन कर पूछते है कि क्या दिक्कत है उन्हें समस्या से अवगत करवाने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। विभाग ने सुध नहीं ली तो राहत की आस के साथ सरकार का दर खटखटाया, किंतु यहां भी मायूसी ही हाथ लगी। पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जबकि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजा गया बिल भी समय पर जमा करवाया जा रहा है।
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बाबरा मोहल्ला:
अभिषेक पांचाल ने बताया कि पाइप में लीकेज होने के कारण जमीन नीचे से मिट्टी कटाव हो गया। जिसके चलते वहां पर गड्ढा बन गया। जनस्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया लेकिन गड्ढे को देखकर वापस चले गए समाधान नहीं किया। मोहल्ले के लोगों ने खुद रुपये इकट्ठे कर पाइपलाइन को ठीक करवाया और गड्ढे को भरवाया। लेकिन कुछ घरों में अभी भी दूषित पेयजल की सप्लाई आ रही है।
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जगदीश कॉलोनी:
अजय चावला ने बताया कि पिछले तीन महीने से दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। विभाग का जेई सिर्फ एक बार मौके पर आया और समस्या देखकर वापस चला गया। दोबारा फोन कर शिकायत की पर अनसुना कर दिया गया। पार्षद की ओर से समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शिवाजी कॉलोनी:
विकास मल्होत्रा ने बताया कि पिछले 3 महीने से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। कनेक्शन के लिए विभाग की ओर से सीवर लाइन के लिए जमीन में गड्ढे कर दिए जाते हैं। बाद में इनको ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ता है। लोगों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। कपड़े धोने के लिए पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं। जिससे लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विभाग द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
बोहर:
जगमेंद्र ने बताया कि एक दिन छोड़कर सिर्फ 25 मिनट के लिए ही पानी की सप्लाई दी जाती है। जिसमें घर की टंकी तक नहीं भर पाती। बाहर से पानी के टैंकर मंगवा कर ही पानी की पूर्ति पूरी की जाती है। परिवोदना समिति की कमेटी की बैठक में पानी की समस्या को लेकर काफी ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात भी की थी। अधिकारियों को पानी से संबंधित निर्देश भी दिए गए लेकिन अभी तक भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। एक दिन छोड़कर ही पानी की सप्लाई हो रही है जिससे लोग काफी परेशान है।
राम गोपाल कॉलोनी:
कृष्ण शास्त्री का कहना है कि राम गोपाल कॉलोनी में भी दूषित पेयजल की समस्या बनी रहती है। शिकायत पर अधिकारी समस्या का समाधान तो करते हैं लेकिन कुछ दिन बाद वापस दूषित पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है। पाइपलाइन बदलना ही समस्या का का स्थायी समाधान है।
पेयजल किल्लत और दूषित पानी की शिकायतें मिल रही हैं। शिवाजी कॉलोनी में समस्या के समाधान के लिए टीम निरंतर काम कर रही है। जहां कहीं ऐसी समस्या है वहां टीमें भेज दी जाती हैं। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।
आर के शर्मा, अधीक्षण अभियंता (एसई), जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग