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Rohtak News: योग करने से पीसीओडी, थायराइड और तनाव से मिलता है छुटकारा
Sun, 21 Jun 2026 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 21 Jun 2026 12:47 AM IST
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09-रोहतक के मानसरोवर पार्क में स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। योग केवल अभ्यास करना मात्र नहीं है। यह अध्यात्म तक पहुंचाने का अहम रास्ता है। योग करने से महिलाओं को पीसीओडी, थायराइड व तनाव से छुटकारा मिलता है। पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) महिलाओं में होने वाली एक आम हार्मोनल समस्या है। इसे नियमित योग से संतुलित किया जा सकता है।
यह बातें शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से योग दिवस से एक दिन पूर्व मानसरोवर पार्क स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में सामने आईं।
आयुष विभाग की जिला समन्वयक सुमन सहरावत ने कहा कि नियमित योग अभ्यास जरूरी है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर है। दवाओं के बजाय हमें योग करना चाहिए। महिलाएं घर पर काम करती रहती हैं। यह भी एक तरह का योग है। घरेलू काम करने वाली महिलाओं में पहले बीपी व शुगर की समस्या न के बराबर होती थी। अब अधिकतर महिलाओं में ये बीमारियां सामान्य हो गई हैं।
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आयुष विभाग की योग विशेषज्ञ डॉ. पूजा ने कहा कि डिलीवरी के बाद भी तनाव और प्रेशर सहनशीलता काम हो गई है। इसके लिए महिलाओं को नियमित सूर्य नमस्कार, सूक्ष्म प्रणायम, सिंह आसन, चक्रासन, कपालभाति करना चाहिए।
नॉन कम्युनिकेबल डिसीज के लिए योग सबसे लाभकारी है। इस दौरान शिक्षा भारती विद्यालय से सविता देवी, योग शिक्षिका गीता नेहरा, सुदेश, देविना, योग खिलाड़ी दिव्यांशी, हर्षा, दीपिका सचदेवा ने भी विचार रखे।
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योग ही ऐसा माध्यम है जो बीमारियों को दूर करता है। योग करने से दवाइयों के इस्तेमाल की भी आवश्यकता नहीं रहती है।
- धर्म कौर, संगठन मंत्री, भारतीय योग संस्थान
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महिलाओं में डिप्रेशन और हार्ट ब्रेक योग से ठीक होता है। जिले में 35 निशुल्क योग कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ रखना है।
- रोशनी हुड्डा, जिला संरक्षक, भारतीय योग संस्थान
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योग करने की कोई उम्र नहीं होती है। महिलाओं में हार्मोंन्स चेंज होने से बदलाव होता है। इस दौरान वे मानसिक दबाव भी झेलती हैं। ऐसी स्थिति में योग करना फायदेमंद है।
- मंजू, योग शिक्षिका
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वास्तव में योग से बीमारियां दूर होती हैं। 17 साल से थायराइड से पीड़ित थी। योग करने से राहत मिली। कमर दर्द भी ठीक हुआ।
- अनीता शर्मा, प्रेम नगर
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भुजंगासन, पवन मुक्त आसान व धनुरासन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। घर में काम करने वाली महिलाओं में कमर दर्द प्रमुख समस्या है।
- मीनाक्षी, शिक्षिका, शारीरिक शिक्षा
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योग से मन के विकार ठीक होते हैं। काम, क्रोध, मोह, द्वेष आदि दूर होते हैं। महिलाओं को थायराइड के लिए सिंहासन करना चाहिए।
- स्नेहा, पतंजलि योग शिक्षिका
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एक दिन योग करने से कुछ नहीं होता है बल्कि नियमित अभ्यास करने से फायदा जरूरत होता है। महिलाओं के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना योग से संभव है।
- प्रियंका मलिक, योग कोच
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योग शरीर से करते हैं जबकि प्राणायाम सांस के द्वारा होता है। घर के काम से वर्कआउट नहीं होता है। अपने आपको 30 मिनट से एक घंटे तक योग करना चाहिए।
- राजकुमारी, योग कोच
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रोहतक। योग केवल अभ्यास करना मात्र नहीं है। यह अध्यात्म तक पहुंचाने का अहम रास्ता है। योग करने से महिलाओं को पीसीओडी, थायराइड व तनाव से छुटकारा मिलता है। पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) महिलाओं में होने वाली एक आम हार्मोनल समस्या है। इसे नियमित योग से संतुलित किया जा सकता है।
यह बातें शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से योग दिवस से एक दिन पूर्व मानसरोवर पार्क स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में सामने आईं।
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आयुष विभाग की जिला समन्वयक सुमन सहरावत ने कहा कि नियमित योग अभ्यास जरूरी है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर है। दवाओं के बजाय हमें योग करना चाहिए। महिलाएं घर पर काम करती रहती हैं। यह भी एक तरह का योग है। घरेलू काम करने वाली महिलाओं में पहले बीपी व शुगर की समस्या न के बराबर होती थी। अब अधिकतर महिलाओं में ये बीमारियां सामान्य हो गई हैं।
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आयुष विभाग की योग विशेषज्ञ डॉ. पूजा ने कहा कि डिलीवरी के बाद भी तनाव और प्रेशर सहनशीलता काम हो गई है। इसके लिए महिलाओं को नियमित सूर्य नमस्कार, सूक्ष्म प्रणायम, सिंह आसन, चक्रासन, कपालभाति करना चाहिए।
नॉन कम्युनिकेबल डिसीज के लिए योग सबसे लाभकारी है। इस दौरान शिक्षा भारती विद्यालय से सविता देवी, योग शिक्षिका गीता नेहरा, सुदेश, देविना, योग खिलाड़ी दिव्यांशी, हर्षा, दीपिका सचदेवा ने भी विचार रखे।
योग ही ऐसा माध्यम है जो बीमारियों को दूर करता है। योग करने से दवाइयों के इस्तेमाल की भी आवश्यकता नहीं रहती है।
- धर्म कौर, संगठन मंत्री, भारतीय योग संस्थान
महिलाओं में डिप्रेशन और हार्ट ब्रेक योग से ठीक होता है। जिले में 35 निशुल्क योग कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ रखना है।
- रोशनी हुड्डा, जिला संरक्षक, भारतीय योग संस्थान
योग करने की कोई उम्र नहीं होती है। महिलाओं में हार्मोंन्स चेंज होने से बदलाव होता है। इस दौरान वे मानसिक दबाव भी झेलती हैं। ऐसी स्थिति में योग करना फायदेमंद है।
- मंजू, योग शिक्षिका
वास्तव में योग से बीमारियां दूर होती हैं। 17 साल से थायराइड से पीड़ित थी। योग करने से राहत मिली। कमर दर्द भी ठीक हुआ।
- अनीता शर्मा, प्रेम नगर
भुजंगासन, पवन मुक्त आसान व धनुरासन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। घर में काम करने वाली महिलाओं में कमर दर्द प्रमुख समस्या है।
- मीनाक्षी, शिक्षिका, शारीरिक शिक्षा
योग से मन के विकार ठीक होते हैं। काम, क्रोध, मोह, द्वेष आदि दूर होते हैं। महिलाओं को थायराइड के लिए सिंहासन करना चाहिए।
- स्नेहा, पतंजलि योग शिक्षिका
एक दिन योग करने से कुछ नहीं होता है बल्कि नियमित अभ्यास करने से फायदा जरूरत होता है। महिलाओं के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना योग से संभव है।
- प्रियंका मलिक, योग कोच
योग शरीर से करते हैं जबकि प्राणायाम सांस के द्वारा होता है। घर के काम से वर्कआउट नहीं होता है। अपने आपको 30 मिनट से एक घंटे तक योग करना चाहिए।
- राजकुमारी, योग कोच

09-रोहतक के मानसरोवर पार्क में स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित