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Rohtak News: इस सप्ताह प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना
Mon, 11 Nov 2024 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 11 Nov 2024 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। इस सप्ताह प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। पिछले सप्ताह प्रदूषण का स्तर 250 के पार दर्ज किया गया था जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि इस सप्ताह प्रदूषण के स्तर में काफी राहत मिलेगी। दूसरी तरफ रविवार को प्रदूषण का स्तर 250 से नीचे चला गया। पूरे दिन का अधिकतम एक्यूआई 222 दर्ज किया गया है। पिछले सप्ताह के मंगलवार को अधिकतम एक्यूआई 322 दर्ज किया गया था जोकि इस सीजन का सबसे ज्यादा था। वायु प्रदूषण बढ़ने से तमाम तरह की दिक्कतें होती हैं। अधिक खांसी आने, नाक और गले में जलन होने, सांस लेते समय तकलीफ, घर से बाहर सांस फूलने, अस्थमा अटैक या सीओपीडी के लक्षण बढ़ने की समस्या होती है। ऐसे मरीज अस्पताल में काफी देखने को मिल रहे हैं।
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण एनसीआर एक बार फिर से गैस का चैंबर बन गया है। दीपावली के दिन हुई पटाखेबाजी से भी हालत काफी बिगड़े हैं। आने वाले दिनों में भी हालात बिगड़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा कर सकता है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए बहुत जरूरी है।
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रेवाड़ी। इस सप्ताह प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। पिछले सप्ताह प्रदूषण का स्तर 250 के पार दर्ज किया गया था जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि इस सप्ताह प्रदूषण के स्तर में काफी राहत मिलेगी। दूसरी तरफ रविवार को प्रदूषण का स्तर 250 से नीचे चला गया। पूरे दिन का अधिकतम एक्यूआई 222 दर्ज किया गया है। पिछले सप्ताह के मंगलवार को अधिकतम एक्यूआई 322 दर्ज किया गया था जोकि इस सीजन का सबसे ज्यादा था। वायु प्रदूषण बढ़ने से तमाम तरह की दिक्कतें होती हैं। अधिक खांसी आने, नाक और गले में जलन होने, सांस लेते समय तकलीफ, घर से बाहर सांस फूलने, अस्थमा अटैक या सीओपीडी के लक्षण बढ़ने की समस्या होती है। ऐसे मरीज अस्पताल में काफी देखने को मिल रहे हैं।
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पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण एनसीआर एक बार फिर से गैस का चैंबर बन गया है। दीपावली के दिन हुई पटाखेबाजी से भी हालत काफी बिगड़े हैं। आने वाले दिनों में भी हालात बिगड़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा कर सकता है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए बहुत जरूरी है।
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