{"_id":"66146bf907d420a03f061927","slug":"portal-slownessnot-getting-slc-hurdle-in-admission-in-new-school-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-109332-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पोर्टल सुस्ती.. नहीं मिल रही एसएलसी, नए स्कूल में प्रवेश में अड़चन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पोर्टल सुस्ती.. नहीं मिल रही एसएलसी, नए स्कूल में प्रवेश में अड़चन
Tue, 09 Apr 2024 03:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 09 Apr 2024 03:43 AM IST
विज्ञापन
साल्हावास। तकनीकी खामी के चलते एमआईएस पोर्टल स्लो चल रहा है इस कारण विद्यार्थियों का रिकार्ड ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) नहीं मिल रहे हैं और उन्हें दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने में दिक्कत हो रही है। इस समस्या से अभिभावकों के साथ स्कूल संचालक भी परेशान हैं। इस समस्या के चलते स्कूलों से मैनुअल प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
करीब दस दिन से तो पाेर्टल न चलने की बात कही जा रही है। स्कूल संचालकों को कहना है कि एमआईएस पोर्टल में तकनीकी खामी आई हुई है। इस कारण विद्यार्थियों को पूरा रिकॉर्ड तक ऑनलाइन नहीं हो रहा है। रिकॉर्ड ऑनलाइन न होने के कारण उनका रिकॉर्ड अभी पोर्टल पर नहीं दर्शाया जा रहा है। जब तक पोर्टल नहीं चलेगा, तब तक विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी नही हो पाएगा और प्रवेश में परेशानी आएगी। इसके बिना नए स्कूल में प्रवेश मिलने में परेशानी आ रही है हालांकि स्कूल मैन्युअल एसएलसी दे रहे हैं लेकिन बच्चे का ऑन लाइन रिकाॅर्ड दर्ज न होने से स्कूल इन बच्चों को प्रवेश देने में हिचक रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को आ रही है जबकि कई संकायों के विद्यार्थियों का रिकाॅर्ड या तो दूसरे संकाय में दर्शाया जा रहा है या फिर उनके रिकाॅर्ड में खामी है। अभिभावक बच्चों के एसएलसी लेने के लिए बार-बार स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी शिकायत कर रहे हैं।
एमआईएस पोर्टल निजी व राजकीय स्कूलों के लिए खुले हुए हैं। पोर्टल की आड़ में एसएलसी को नहीं रोका जा सकता है। अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए। यदि शिकायत मिली तो तत्परता से कार्यवाही होगी।
विज्ञापन
डाक्टर विजय बाला, खंड शिक्षा अधिकारी, मातनहेल
विज्ञापन
करीब दस दिन से तो पाेर्टल न चलने की बात कही जा रही है। स्कूल संचालकों को कहना है कि एमआईएस पोर्टल में तकनीकी खामी आई हुई है। इस कारण विद्यार्थियों को पूरा रिकॉर्ड तक ऑनलाइन नहीं हो रहा है। रिकॉर्ड ऑनलाइन न होने के कारण उनका रिकॉर्ड अभी पोर्टल पर नहीं दर्शाया जा रहा है। जब तक पोर्टल नहीं चलेगा, तब तक विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी नही हो पाएगा और प्रवेश में परेशानी आएगी। इसके बिना नए स्कूल में प्रवेश मिलने में परेशानी आ रही है हालांकि स्कूल मैन्युअल एसएलसी दे रहे हैं लेकिन बच्चे का ऑन लाइन रिकाॅर्ड दर्ज न होने से स्कूल इन बच्चों को प्रवेश देने में हिचक रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को आ रही है जबकि कई संकायों के विद्यार्थियों का रिकाॅर्ड या तो दूसरे संकाय में दर्शाया जा रहा है या फिर उनके रिकाॅर्ड में खामी है। अभिभावक बच्चों के एसएलसी लेने के लिए बार-बार स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी शिकायत कर रहे हैं।
विज्ञापन
एमआईएस पोर्टल निजी व राजकीय स्कूलों के लिए खुले हुए हैं। पोर्टल की आड़ में एसएलसी को नहीं रोका जा सकता है। अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए। यदि शिकायत मिली तो तत्परता से कार्यवाही होगी।
विज्ञापन
डाक्टर विजय बाला, खंड शिक्षा अधिकारी, मातनहेल