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Rohtak News: रोडरेज की घटना को पुलिस ने बना दिया जानलेवा हमला, थाना प्रभारी और आईओ के खिलाफ केस दर्ज हो

Tue, 19 Sep 2023 02:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Sep 2023 02:36 AM IST
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Police turned road rage incident into a deadly attack, case registered against police station in-charge and IO
रोहतक। एएसजे महेश कुमार की अदालत ने पुलिस जांच पर पीजीआईएमएस व एमडीयू के छात्रों के बीच रोडरेज के केस में जानलेवा हमले के करीब की धारा 308 जोड़ने पर कड़े सवाल खड़े किए। साथ ही एसपी को थाना प्रभारी व जांच अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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बचाव पक्ष के वकील डॉक्टर दीपक भारद्वाज ने बताया कि 10 अक्तूबर 2022 को पीजीआई थाने में शिकायत दर्ज हुई कि मेडिकल काॅलेज के पांच छात्र रात खाना खाकर लौट रहे थे। जिसमें तीन छात्राएं व दो छात्र थे। आरोप था कि एक कार उनकी का पीछा कर रही थी। ओपीडी के पास दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। पुलिस ने एमडीयू के तीन छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 323, 506 व 34 के तहत केस दर्ज किया था। उस समय किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। अब पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। इसी के चलते बचाव पक्ष ने एक आरोपी की अग्रिम जमानत लगाई, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
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अब 14 सितंबर को दूसरे आरोपी की दाखिल की, जिस पर 16 सितंबर को बहस हुई। पुलिस केस में आईपीसी की धारा 325 व 308 और जोड़ कर आई। इस पर अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि धारा 308 के तहत ऐसी चोट होनी चाहिए, जिससे जान जाने का खतरा हो। पुरानी रंजिश या दोनों पक्ष एक-दूसरे को जानते हों। इस केस में ऐसा कुछ नहीं था। घटना रोडरेज की थी, जिसमें बिना तथ्यों के गंभीर धाराएं लगा दीं। अदालत ने जब पुलिस से पूछा तो धारा 308 लगाए जाने का ठोस जवाब नहीं मिल सका। अब अदालत ने आदेश जारी करते हुए न केवल आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी, बल्कि एसपी को पीजीआई थाने के तत्कालीन प्रभारी व जांच अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 व 166 के तहत केस दर्ज विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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अदालत में पहले भी आ चुका है धारा 308 का मामला
जिला बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट ने बताया कि इससे पहले भी धारा 308 को लेकर अदालत में मामला आ चुका है। पिछले माह सिटी थाने के एक केस में एएसजे महेश कुमार की अदालत ने ही पुलिस को धारा हटाने के आदेश दिए थे। साथ ही कहा था कि बिना ठोस वजह के धारा 308 लगाई तो थाना प्रभारी व जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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