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Rohtak News: मरीज को घर पर ही परामर्श देंगे पीजीआई के चिकित्सक
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19सीटीके09..पीजीआईएमएस में मरीजों के लिए शुरू किए गए टेली कंसल्टेशन सुविधा का जायजा लेते स्वास्
रोहतक।
पीजीआईएमएस (पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय) में दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। इन्हें घर बैठे ही संस्थान के चिकित्सा विशेषज्ञ परामर्श मुहैया कराएंगे।
इसके लिए विभिन्न विभागों के चिकित्सकों ने टेली कंसल्टेशन माध्यम से प्रदेश के लोगों को इलाज उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। वीरवार को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में बनाए गए टेली कंसल्टेशन रूम का शुभारंभ किया।
कुलपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का प्रयास है कि प्रदेश के अंतिम छोर तक के व्यक्ति को भी सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा पाना सभी का हक है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पीजीआईएमएस को इसका केंद्र बनाया है, इसलिए अब संस्थान के अनुभवी चिकित्सक आयुष्मान-आरोग्य मंदिर और अन्य सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ) पर आने वाले मरीजों का टेली कंसल्टेशन के माध्यम से उपचार करेंगे।
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कुलपति ने कहा कि संस्थान में यह सुविधा संस्थान शुरू होना गर्व व खुशी देने वाला पल रहा। वीरवार को मेडिसिन, डेंटल, मनोरोग, ऑर्थो, स्त्री रोग, शिशु रोग, ईएनटी, चर्म रोग विभाग के चिकित्सकों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश से ई-संजीवनी पोर्टल पर ऑनलाइन वीडियो कॉल कर मरीजों का इलाज किया। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) हरियाणा का भी इस काम में सहयोग रहा। इससे मरीजों का धन व समय दोनों बचेगा।
चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि अतिरिक्त मुख्यसचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान हरियाणा सुधीर राजपाल व कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल के प्रयासों से यह टेली कंसल्टेशन सुविधा शुरू हो पाई है।
सोमवार से शनिवार उपलब्ध होगी सुविधा :
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. पुष्पा दहिया ने बताया कि यह सुविधा सोमवार से शनिवार सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक प्रदान की जाएगी। प्रतिदिन दस विभागों के चिकित्सक एक जगह बैठकर ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का इलाज करेंगे।
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पीजीआईएमएस (पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय) में दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। इन्हें घर बैठे ही संस्थान के चिकित्सा विशेषज्ञ परामर्श मुहैया कराएंगे।
इसके लिए विभिन्न विभागों के चिकित्सकों ने टेली कंसल्टेशन माध्यम से प्रदेश के लोगों को इलाज उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। वीरवार को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में बनाए गए टेली कंसल्टेशन रूम का शुभारंभ किया।
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कुलपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का प्रयास है कि प्रदेश के अंतिम छोर तक के व्यक्ति को भी सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा पाना सभी का हक है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पीजीआईएमएस को इसका केंद्र बनाया है, इसलिए अब संस्थान के अनुभवी चिकित्सक आयुष्मान-आरोग्य मंदिर और अन्य सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ) पर आने वाले मरीजों का टेली कंसल्टेशन के माध्यम से उपचार करेंगे।
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कुलपति ने कहा कि संस्थान में यह सुविधा संस्थान शुरू होना गर्व व खुशी देने वाला पल रहा। वीरवार को मेडिसिन, डेंटल, मनोरोग, ऑर्थो, स्त्री रोग, शिशु रोग, ईएनटी, चर्म रोग विभाग के चिकित्सकों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश से ई-संजीवनी पोर्टल पर ऑनलाइन वीडियो कॉल कर मरीजों का इलाज किया। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) हरियाणा का भी इस काम में सहयोग रहा। इससे मरीजों का धन व समय दोनों बचेगा।
चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि अतिरिक्त मुख्यसचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान हरियाणा सुधीर राजपाल व कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल के प्रयासों से यह टेली कंसल्टेशन सुविधा शुरू हो पाई है।
सोमवार से शनिवार उपलब्ध होगी सुविधा :
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. पुष्पा दहिया ने बताया कि यह सुविधा सोमवार से शनिवार सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक प्रदान की जाएगी। प्रतिदिन दस विभागों के चिकित्सक एक जगह बैठकर ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का इलाज करेंगे।