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जलभराव की समस्या का निकालें स्थायी समाधान

Fri, 01 Oct 2021 02:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 02:09 AM IST
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Permanent solution to the problem of waterlogging
सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि बारिश से होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। ताकि हर साल होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। सितंबर में अधिक बारिश से खेतों में भरे पानी की निकासी युद्ध स्तर पर की जाए, ताकि मौजूदा फसल बचाने के साथ अगली फसल की बिजाई हो सके। वह जिला विकास भवन में जिला विकास समन्वयक व निगरानी समिति (दिशा) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सांसद रामचंद्र जांगड़ा, विधायक बलराज कुंडू, मेयर मनमोहन गोयल भी मौजूद रहे।
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सांसद ने कहा कि बारिश के दौरान खेतों में जलभराव की समस्या सामने आई है। संबंधित अधिकारी भविष्य के लिए ऐसी स्थायी योजना बनाएं कि जलभराव न हो। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 24 घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। जहां लोग जलभराव से संबंधित समस्याएं बता सकें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा काम करवाए जाएं। केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाए। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल पर पीएम नरेंद्र मोदी का मुख्य फोकस है। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शहर और गांवों में समितियां गठित की जाएं ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने ग्रामीण क्षेत्र की शिकायतों के निवारण को ग्रामीण दर्शन पोर्टल लांच किया है। अधिकारी इस पर अपलोड होने वाली समस्याओं का तुरंत निवारण सुनिश्चित करें। परियोजना उप निदेशक दर्शन राठी ने बैठक में बिंदुवार योजनाओं की समीक्षा करवाई।
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प्रशासन युद्ध स्तर पर करवा रहा जल निकासी का काम : उपायुक्त
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बैठक में कहा कि प्रशासन युद्ध स्तर पर जल निकासी का काम कर रहा है। सभी एसडीएम ने फील्ड में जाकर रिपोर्ट प्रस्तुत की है। उसी के आधार पर जल निकासी के प्रबंध किए गए हैं। इस वर्ष सामान्य से ज्यादा 1500 एमएम बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे सड़क निर्माण करते समय अन्य संबंधित विभागों को सूचित करें ताकि निर्माण के बाद अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए सड़कों को न उखाड़ा जाए। संबंधित विभाग द्वारा एस्टीमेट तैयार करते समय सूचित किया जाए। आम जनता की मेहनत की कमाई से सड़कों का निर्माण होता है, जो व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। अगर किसी अधिकारी ने लापरवाही बरती तो वह खुद जिम्मेवार होगा। इस मौके पर निगमायुक्त नरहरि सिंह बांगड़, एडीसी महेंद्र पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, एसडीएम राकेश सैनी, व श्वेता सुहाग, जिला परिषद के सीईओ महेश कुमार, आरटीए डॉ. संदीप गोयल भी मौजूद रहे।
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