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मरीजों को नहीं मिलीं अस्पताल में दवाएं
अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 02 Jan 2014 12:19 AM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा घोषित मुफ्त इलाज योजना के शुरू होने के बावजूद बुधवार को अस्पतालों में मरीजों की जेब खाली हुई।
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जिला अस्पतालों में केवल तीस तरह के टेस्टों की सुविधा ही मुफ्त की गई है बाकी लगभग 70 और तरह के महंगे टेस्ट के लिए खर्चा करना पड़ रहा है।
वहीं, कई महंगी दवाएं भी मरीज बाहर से लाने को मजबूर हैं। पीजीआई निदेशक द्वारा डॉक्टरों को चेतावनी देने के बावजूद बुधवार को काफी दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से मरीजों ने खरीदी।
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वहीं, काफी मरीजों को इस योजना के बारे में जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के बारे में और प्रचार किया जाना चाहिए।
मेडिकल स्टोरों पर लगी भीड़
सीएम की घोषणा की हकीकत देखने के लिए अमर उजाला की टीम ने बुधवार को पीजीआई का दौरा किया। वहां स्थित मेडिकल स्टोरों पर दवा खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई थी।
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एक के बाद एक हरियाणा निवासी मरीज दवा खरीदने के लिए ओपीडी से सीधे मेडिकल स्टोरों पर जा रहे थे। यदि सीएम ने फ्री इलाज की घोषणा की थी तो अब बाहर से दवाएं क्यों लिखी जा रही है।
बुखार और एलर्जी की दवा भी नहीं
पीजीआई में बुखार और एलर्जी की दवा भी उपलब्ध नहीं हैं। एकता कॉलोनी निवासी अंकित नेहरा ने बताया कि उसके पैर पर एलर्जी है, इसके उपचार के लिए चिकित्सकों ने बाहर की दवा लिखी है।
बहादुरगढ़ निवासी राजू ने बताया कि उसे बच्चे अर्जुन को पेट दर्द रहता है। चिकित्सकों ने दोनों के लिए जो दवा लिखी हैं, बाहर से खरीदनी पड़ी है।
जुलाना निवासी रोहताश ने बताया कि कुछ समय पहले उसके पैर का ऑपरेशन हुआ था। अब फिर से उसके पैर में दर्द रहने लगा है।
पिछले लंबे समय से वह पीजीआई में उपचार करा रहा है और उसे बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। जींद निवासी संतोष ने भी यह परेशानी बताई। वहीं, पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि कोई चिकित्सक बाहर की दवा लिखता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिटी स्कैन और एमआरआई मुफ्त नहीं
सिरसा। प्रदेश सरकार की मुफ्त इलाज योजना के बारे में अधिकतर मरीजों को जानकारी ही नहीं थी। डॉक्टर ही मरीजों को इस बारे में जानकारी देते नजर आए।
उपायुक्त डॉ. जे गणेसन ने बताया कि इस योजना के तहत सभी प्रकार के मरीजों की सर्जरी नि:शुल्क की जाएगी। सड़क हादसों के पीड़ितों को छोड़कर गैर हरियाणा निवासी लोगों को कार्यक्रम के अंतर्गत कवर नहीं किया जाएगा।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों को भी नि:शुल्क सर्जरी का लाभ दिया जाएगा, लेकिन प्रत्यारोपण (इंप्लांट) के मामले में उन्हें भुगतान करना होगा।
जिला अस्पतालों में प्रयोगशाला में किए जाने वाले कम से कम 30 प्रकार के टेस्ट मुफ्त किए गए हैं। बाद में इस सूची में अन्य टेस्टों को भी जोड़ा जाएगा। मेडिकल कालेजों में 80 प्रकार के टेस्टों की सुविधा नि:शुल्क रहेगी। उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य जांचों को फ्री नहीं किया गया है।
कैथल में पहले दिन यह मिली राहत
सुविधा-----------------------------------राशि (रुपयों में)
सर्जिकल पैकेज के तहत तीन मरीज-----15000
81 डिजिटल एवं सामान्य एक्स-रे--------7000
36 दाखिले हुए मरीजों को राहत---------3600
23 मरीजों को ईसीजी के लिए-----------575
50 मरीजों को अल्ट्रासाउंड---------------3300
लैब में 30 प्रकार के टेस्टों की राशि-----3300
दंत चिकित्सा में 55 मरीजों को लाभ----700