फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Patients are buying medicines from the market for everything from heart pain to stomach pain.

Rohtak News: हृदय से पेट दर्द तक की दवा बाजार से खरीद रहे मरीज

Tue, 12 Mar 2024 12:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 12 Mar 2024 12:30 PM IST
विज्ञापन
Patients are buying medicines from the market for everything from heart pain to stomach pain.
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (पीजीआईएमएस) की ओपीडी महाशिवरात्रि पर्व और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को खुली। सुबह से ही ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए काउंटर पर मरीजों की भीड़ रही। यहां लोगों का एक-एक घंटे बाद नंबर आया। भीड़ के चलते मरीजों के परिजनों व पीजीआई के सुरक्षा कर्मचारियों के बीच कहासुनी भी हो गई।
विज्ञापन

भीड़ में लंबे इंतजार के बाद चिकित्सक से परामर्श मिला। यहां से दवा लेने के लिए काउंटर पर फिर लंबी कतार में डेढ़ से दो घंटे खड़े रहना पड़ा। यहां मरीजों को कार्ड में दर्ज दवाओं में आधी ही मिली। किसी को दिल के दर्द का इलाज नहीं मिला तो किसी को पेट दर्द में राहत नहीं मिली। थायराइड की दवा व अन्य जरूरी दवाओं के लिए भी मरीजों को बाजार का रुख करना पड़ा। सोमवार को अमर उजाला ने व्यवस्था पर नजर दौड़ाई तो ये हालात नजर आए।
विज्ञापन

पीजीआईएमएस में सुबह से ही प्रदेश के कोने-कोने से आए मरीज और उनके परिजनों का तांता लग गया। घंटों बस और अन्य साधनों से आए मरीजों के लिए पीजीआई में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए पर्याप्त समय लेकर आना हो था क्योंकि यहां कार्ड बनाने से लेकर हर एक प्रक्रिया में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इन सबके बावजूद भी मरीजों को चिकित्सकों की लिखी सभी दवा नहीं मिल पा रही है। सोमवार को दवा काउंटर पर तो पेट दर्द की भी दवा नहीं मिल पाई। हृदय रोग और थायराइड के मरीजों का भी यही हाल रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हृदय रोग से पीड़ित हूं। पिछले पांच-छह माह से पीजीआई आकर इलाज करा रहा हूं। सुबह आठ बजे ही कार्ड बनाने के लिए लाइन में लग गई। कार्ड बनाने के दौरान भीड़ इतनी हो गई हाथापाई तक नौबत आ गई। बड़ी मेहनत से कार्ड का नंबर आया तब जाकर जांच करा पाई।
रश्मि, एकता कॉलोनी।


बीते कुछ माह से पेट दर्द समस्या है। क्षेत्रीय चिकित्सकों से इलाज कराते रहे हैं लेकिन मर्ज जाने को नाम नहीं ले रहा है। इसलिए परिजनों और दोस्ताें के कहने पर पहली बार यहां आया हूं। लेकिन यहां पेट दर्द की दवा नहीं मिली। दवा बाजार से खरीदनी पड़ी।
प्रदीप, चरखी-दादरी।


थायराइड की मरीज हूं। यहां पिछले छह माह से इलाज के लिए आ रही हूं। कभी पूरी दवा नहीं मिलती है। ऊपर से समय बहुत लगता है। इलाज अच्छा है इसलिए यहां आते हैं वरना कार्ड बनाने के लिए तो आज झगड़े के हालात हो गए। दवा बाजार से खरीदनी पड़ी जबकि रुपये कम थे।

गीता, जींद।

- यह दवा नहीं मिली
निकोरेंडिल: यह एनजाइना छाती के दर्द का इलाज करता है।
रामीप्रिल : हृदय के तनाव को कम करता है।
रैनोलैजाइन : हृदय की मांसपेशियों को आराम देता है।
नैजोम सैलाइन नैजल स्प्रे : नाक के अंदर की त्वचा के जलन को मिटाता है।
थायरोनोर्म : सामान्य थायरॉइड हार्मोन लेवल को रीस्टोर करता है।



मरीज के कहने पर ही बाजार की दवा लिखी जाती है। प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज देने के लिए हम प्रयासरत हैं। प्रदेश और दूसरे राज्यों के मरीज बेहतर इलाज के लिए यहां आते हैं। मरीजों को कोई परेशानी न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है।
डॉ. ममता, फिजीशियन, पीजीआईएमएस।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed