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वैश्य संस्था से प्रशासक हटाने का आदेश

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 11:36 PM IST
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रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्थान की जिम्मेदारी संभालने के लिए लगाए गए प्रशासक हटाए जाएंगे। सरकार इस संबंध में 30 जुलाई को जारी अपने आदेश वापस लेगी। यह आदेश हाईकोर्ट ने जारी किए हैं। सरकार ने नियमों के विरुद्ध यहां प्रशासक नियुक्त कर दिया। जबकि कोरोना के चलते सभी संस्थाओं की तरह वैश्य संस्था में भी पुरानी कार्यकारिणी को ही जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए थी। इसके चलते संस्था प्रधान विकास गोयल ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
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सरकार ने पिछले दिनों वैश्य संस्था में प्रशासक की नियुक्ति की थी। नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बारे में प्रशासन की ओर से 30 जुलाई को पत्र जारी किया गया। इस नियुक्ति को संस्था प्रधान ने अदालत में चुनौती देते हुए न्याय की गुहार लगाई। अदालत में दी गई अर्जी में कहा गया कि कोरोना के चलते संस्था के चुनाव दूसरी संस्थाओं की तरह अटक गए हैं। अदालत ने भी इस बारे में 15 जुलाई के बाद संस्थाओं के चुनाव बकाया होने पर एक्सटेंशन दिए जाने की बात कही थी। लॉकडाउन हटने के बाद तीन महीने का समय चुनाव कराने के लिए तय हुआ। चुनाव होने तक सभी संस्थाओं की पुरानी कार्यकारिणी ही संस्था का कामकाज देखेगी। इसके बावजूद सरकार ने अपने ही फैसले के विरुद्ध पत्र जारी करते हुए संस्था में प्रशासक नियुक्त कर दिया। इस पर एतराज के चलते अदालत ने केस की सुनवाई की। अदालत में सरकार की ओर से एजी ने पक्ष रखा। यहां एजी ने सरकार की ओर से माना कि सरकार 30 जुलाई का आदेश वापस लिया जाएगा। यह आदेश पांच अक्तूबर वापस ले लिया जाएगा। एडहॉक कमेटी को कारण बताओ नोटिस भेज कर कानूनन कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव को लेकर उभरा था संस्था में विवाद
पिछले दिनों वैश्य संस्था के चुनाव को लेकर विवाद उभरा था। संस्था की कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने के चलते नई कार्यकारिणी गठन के लिए चुनाव कराना था। इसे लेकर दो धड़े आमने-सामने हो गए। प्रधान-महासचिव के बीच चुनाव मुद्दा काफी खिंच गया। दोनों ही पक्षों ने अपने स्तर पर बैठकों का भी आयोजन किया। इन्हें जिला रजिस्ट्रार ने बाद में मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन की नियुक्ति हो गई। तब से यह मामला लटका हुआ है।
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संस्था पर नियमों के विरुद्ध प्रशासक की नियुक्ति की गई। इस पर एतराज जताते हुए हाई कोर्ट में अपील की गई। अदालत ने इस गलत फैसले को लेकर सरकार को अपना आदेश वापस लेने का निर्देश दिया है। संस्था पर प्रशासन नियुक्त करने के बजाय नए चुनाव होने तक पुरानी कार्यकारिणी ही कामकाज संभालेगी।
-विकास गोयल, प्रधान, वैश्य शिक्षण संस्था।

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