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उमर खालिद और शरजीम इमाम को रिहा करने की मांग का विरोध
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शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पर सभा में बैठे किसान। -संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर से लगभग 15 किलोमीटर तक फैले किसान आंदोलन में शुक्रवार को आंदोलकारियों के विभिन्न रूप देखने को मिले। कई राज्यों से आए लोगों ने जहां किसानों को समर्थन दिया, वहीं शरजील इमाम और उमर खालिद जैसों को रिहा करने की मांग का विरोध भी हुआ। टोहाना से आए ग्राम पंचायत के सदस्य रवि ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर पंच पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। बहादुरगढ़ के जीवन ज्योति हॉस्पिटल की स्वास्थ्य कर्मी राखी ने आंदोलनकारी किसानों पर फूल बरसाए।
केवल किसान की हो बात
हिसार जिले के सीसर से आए भाकियू नेता विकास ने विभिन्न आपराधिक मुकदमों में जेलों में बंद लोगों को रिहा करने के लिए किसानों के बीच बैठकर पोस्टर लहराने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह किसानों का आंदोलन है। इसमें केवल किसानों की बात होनी चाहिए। भगत सिंह के फोटो बेशक लेकर आएं, लेकिन अपने विवादास्पद मुद्दों पर यहां बहस न करें। वीरवार को टीकरी बॉर्डर पर आंदोलकारी किसानों की सभा में कुछ छात्रों द्वारा अनेक लोगों को फोटो वाले पोस्टर लहराने को विकास ने ओछी हरकत बताया। गौरतलब है कि रविवार की सभा में कुछ युवाओं ने दिल्ली दंगों के मास्टर माइंड शरजील इमाम और उमर खालिद जैसे कई आरोपियों के फोटो लहराकर सरकार से उन्हें रिहा करने की मांग की थी।
वकील भी आए साथ
बहादुरगढ़ बार एसोसिएशन से जुड़े वकील टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे। सभी वकीलों ने एक सुर में किसान आंदोलन का समर्थन किया। केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान कानूनों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इन कानूनों पर किसानों की आपत्तियों पर विचार करते हुए पारित कानूनों में किसान हित में आवश्यक संशोधन किए जाएं। वकीलों ने फलों का भंडारा भी लगाया। पंजाब से आए किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस संघर्ष में साथ देने का आश्वासन किया। इस मौके बार एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष सतीश छिकारा, पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार छिल्लर, सचिव राजदीप छिल्लर, पूर्व सचिव रवीन, अमित छिकारा, राहुल छिल्लर, चंद्रमणि छिकारा, जितेंद्र, मनोज व अनिल छिकारा आदि मौजूद रहे।
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फाजिलपुरिया भी धरनास्थल पर पहुंचे
शुक्रवार को पंजाबी गायक जीत सिंह फाजिलपुरिया भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने किसानों को अपनी एक रचना भी सुनाई। तलवंडी से आए जसवंत दमदमा, जींद से आए भाकियू टिकैत गुट के रंगी राम नैन, बेरी से बीते विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार रहे अजय अहलावत, भाकियू नरवाना के हरप्रीत सिंह मोर, मनरेगा मजदूर मंच बेगमपुरा के प्रधान कर्मबीर दहिया, भाकियू नेता मनदीप नथवाल, राजस्थान के बीकानेर से आए किसान नेता राजदीप, चरखी दादरी से आए वकील सुदीप कलकल, भारतीय किसान सभा सिरसा के प्रहलाद सिंह, इंकलाब मजदूर केंद्र लुधियाना के जनरल सेक्रेटरी कमलजीत खन्ना, ऑल इंडिया आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन पंजाब की प्रधान हरगोविंद कौर, 50 भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के उप प्रधान कश्मीर सिंह सेलवाल के नेतृत्व में 50 से अधिक लोगों और नंबरदार एसोसिएशन पंजाब के प्रधान बलविंदर भी शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में टीकरी बॉर्डर पहुंचे।
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केवल किसान की हो बात
हिसार जिले के सीसर से आए भाकियू नेता विकास ने विभिन्न आपराधिक मुकदमों में जेलों में बंद लोगों को रिहा करने के लिए किसानों के बीच बैठकर पोस्टर लहराने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह किसानों का आंदोलन है। इसमें केवल किसानों की बात होनी चाहिए। भगत सिंह के फोटो बेशक लेकर आएं, लेकिन अपने विवादास्पद मुद्दों पर यहां बहस न करें। वीरवार को टीकरी बॉर्डर पर आंदोलकारी किसानों की सभा में कुछ छात्रों द्वारा अनेक लोगों को फोटो वाले पोस्टर लहराने को विकास ने ओछी हरकत बताया। गौरतलब है कि रविवार की सभा में कुछ युवाओं ने दिल्ली दंगों के मास्टर माइंड शरजील इमाम और उमर खालिद जैसे कई आरोपियों के फोटो लहराकर सरकार से उन्हें रिहा करने की मांग की थी।
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वकील भी आए साथ
बहादुरगढ़ बार एसोसिएशन से जुड़े वकील टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे। सभी वकीलों ने एक सुर में किसान आंदोलन का समर्थन किया। केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान कानूनों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इन कानूनों पर किसानों की आपत्तियों पर विचार करते हुए पारित कानूनों में किसान हित में आवश्यक संशोधन किए जाएं। वकीलों ने फलों का भंडारा भी लगाया। पंजाब से आए किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस संघर्ष में साथ देने का आश्वासन किया। इस मौके बार एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष सतीश छिकारा, पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार छिल्लर, सचिव राजदीप छिल्लर, पूर्व सचिव रवीन, अमित छिकारा, राहुल छिल्लर, चंद्रमणि छिकारा, जितेंद्र, मनोज व अनिल छिकारा आदि मौजूद रहे।
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फाजिलपुरिया भी धरनास्थल पर पहुंचे
शुक्रवार को पंजाबी गायक जीत सिंह फाजिलपुरिया भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने किसानों को अपनी एक रचना भी सुनाई। तलवंडी से आए जसवंत दमदमा, जींद से आए भाकियू टिकैत गुट के रंगी राम नैन, बेरी से बीते विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार रहे अजय अहलावत, भाकियू नरवाना के हरप्रीत सिंह मोर, मनरेगा मजदूर मंच बेगमपुरा के प्रधान कर्मबीर दहिया, भाकियू नेता मनदीप नथवाल, राजस्थान के बीकानेर से आए किसान नेता राजदीप, चरखी दादरी से आए वकील सुदीप कलकल, भारतीय किसान सभा सिरसा के प्रहलाद सिंह, इंकलाब मजदूर केंद्र लुधियाना के जनरल सेक्रेटरी कमलजीत खन्ना, ऑल इंडिया आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन पंजाब की प्रधान हरगोविंद कौर, 50 भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के उप प्रधान कश्मीर सिंह सेलवाल के नेतृत्व में 50 से अधिक लोगों और नंबरदार एसोसिएशन पंजाब के प्रधान बलविंदर भी शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में टीकरी बॉर्डर पहुंचे।