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अजायब के युवा पंचायत चुनाव में शराब के खिलाफ लड़ेंगे जंग
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 12 Sep 2015 02:32 AM IST
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अजायब और अजायब खास दो पंचायतों में बंटे अजायब गांव में पंचायत चुनाव को
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लेकर युवा वर्ग खासा उत्साहित है। गांव के युवाओं ने एकजुट होकर एलान किया
है कि जो भी प्रत्याशी शराब आदि का लालच देकर वोट हथियाने का प्रयास करेगा,
उसके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
युवाओं का तर्क है कि चुनाव के समय तो प्रत्याशी शराब बांटकर वोट ले लेते हैं, लेकिन जीतकर गांव की समस्याओं से मुंह फेर लेते हैं। इस बार गांव के युवा ऐसे प्रत्याशी पर दांव लगाने की तैयारी में हैं जो व्यक्तिगत हित के बजाय सार्वजनिक हित के लिए काम करे।
गांव में गंदे पानी और बरसाती पानी की निकासी की समस्या नासूर बन गई है। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पानी निकासी सहित कई अन्य ज्वलंत मुद्दे भी चुनाव में उठाए जाएंगे और प्रत्याशियों से राय ली जाएगी। युवाओं के साथ गांव के बुजुर्ग भी पंचायत चुनाव में आपसी भाईचारा हर कीमत पर बनाए जाने का पक्षधर हैं।
अजायब पंचायत में नौ ठोलों में होगी चौधर की जंग
अजायब पंचायत के लगभग 3100 मतदाता 13 वार्डों में बंटे हैं। इस बार सरपंच का पद सामान्य है। जाट बाहुल्य मतदाताओं वाली पंचायत में मुख्य रूप से आधा पाना बनाम गढ़ी पाना चुनाव होता है। लेकिन अब यह परंपरा टूट चुकी है। आधा पाना में शामिल लाखा, उदया, खिड़वाली वाले, लेखराम, परसा व छत्रवाला ठोला सहित गढ़ी पाना में साहसाण, बख्शी व पोलिया ठोला अपना-अपना वर्चस्व रखते हैं। पंचायत चुनाव में ठोले में वर्चस्व की लड़ाई शबाब पर होती है। लेकिन चौधरी का फैसला ब्राह्मणों सहित अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के 1300 से अधिक मतदाताओं के हाथों से होगा।
पूरे राम नैन से निर्मला नैन तक पहुंचा पंचायत का सफर
अजायब ग्राम पंचायत में सर्व प्रथम पूरे राम नैन को सरपंच बनने का सौभाग्य मिला। इनके बाद पंचायती विरासत में हुकम सिंह, धर्मा, टेकचंद बनिया, किताब सिंह, उजाला राम, सुमित्रा देवी, समुंदर सिंह, श्री भगवान, रामकुमार (आरक्षित) और निर्मला देवी नैन संभाली।
खूब करवाए गए हैं विकास कार्य
सरपंच निर्मला देवी ने बताया कि उन्होंने गांव में विकास कार्य कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए दो ट्यूबवैल लगवाए। पंचायत क्षेत्र की गलियां भी पक्की करवाई गईं। निर्मला देवी के पति जयवीर सिंह ने बताया कि पांच साल में वह स्कूल भवन बनवाना, फिरनी पक्की करने व खेल स्टेडियम बनवाने के अलावा पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की गई है।
अजायब खास में गैर जाट करेंगे चौधरी का फैसला
नौ वार्डों में बंटे लगभग 1600 मतदाताओं वाली अजायब खास पंचायत में चौधरी का फैसला गैर जाट मतदाता करेंगे। सरपंच पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। पंचायत में जाटों के मुकाबले आधे गैर जाट मतदाता हैं। पंचायत में जाटों के मुख्य रूप से देबिया, सरदारा, चिड़ीवाले और बपनवाल ठोला शामिल हैं। पंचायत की चौधर ज्यादातर देबिया ठोला के इर्द-गिर्द रही है। चुनाव में देबिया व सरदारा ठोला के बीच वर्चस्व की शानदार चुनावी जंग देखने को मिलती है। बावजूद इसके जिस ठोले के प्रत्याशी को अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के मतदाता अपना समर्थन देते हैं वही चौधरी बन जाता है। अजायब खास में इस बार सरपंच का पद महिला के लिए आरक्षित है।
निवर्तमान सरपंच बिजेंद्र ने हैट्रिक के लिए कसी कमर
अजायब पंचायत से अलग होकर साल 1987 में पंचायत बनी अजायब खास में निवर्तमान सरपंच बिजेंद्र सिंह हैट्रिक बनाने के लिए अपनी पत्नी के साथ चुनाव मैदान में आ खड़े हुए हैं। गांव में सरपंच का पद महिला के लिए रिजर्व है। पंचायत गठन के बाद उमेद सिंह पुत्र भरथू सरपंच बने थे। उसके बाद उमेद सिंह पुत्र रिजकू राम, बिजेंद्र सिंह, राज सिंह, भतेरी देवी (आरक्षित) और बिजेंद्र सिंह ने कमान संभाली है।
बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था पर ग्रामीण चिंतित
अजायब खास में सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। नए भवन निर्माण के लिए सरकार से आग्रह के बाद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। शिक्षा की बिगड़ती व्यवस्था से ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।
युवाओं का तर्क है कि चुनाव के समय तो प्रत्याशी शराब बांटकर वोट ले लेते हैं, लेकिन जीतकर गांव की समस्याओं से मुंह फेर लेते हैं। इस बार गांव के युवा ऐसे प्रत्याशी पर दांव लगाने की तैयारी में हैं जो व्यक्तिगत हित के बजाय सार्वजनिक हित के लिए काम करे।
गांव में गंदे पानी और बरसाती पानी की निकासी की समस्या नासूर बन गई है। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पानी निकासी सहित कई अन्य ज्वलंत मुद्दे भी चुनाव में उठाए जाएंगे और प्रत्याशियों से राय ली जाएगी। युवाओं के साथ गांव के बुजुर्ग भी पंचायत चुनाव में आपसी भाईचारा हर कीमत पर बनाए जाने का पक्षधर हैं।
अजायब पंचायत में नौ ठोलों में होगी चौधर की जंग
अजायब पंचायत के लगभग 3100 मतदाता 13 वार्डों में बंटे हैं। इस बार सरपंच का पद सामान्य है। जाट बाहुल्य मतदाताओं वाली पंचायत में मुख्य रूप से आधा पाना बनाम गढ़ी पाना चुनाव होता है। लेकिन अब यह परंपरा टूट चुकी है। आधा पाना में शामिल लाखा, उदया, खिड़वाली वाले, लेखराम, परसा व छत्रवाला ठोला सहित गढ़ी पाना में साहसाण, बख्शी व पोलिया ठोला अपना-अपना वर्चस्व रखते हैं। पंचायत चुनाव में ठोले में वर्चस्व की लड़ाई शबाब पर होती है। लेकिन चौधरी का फैसला ब्राह्मणों सहित अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के 1300 से अधिक मतदाताओं के हाथों से होगा।
पूरे राम नैन से निर्मला नैन तक पहुंचा पंचायत का सफर
अजायब ग्राम पंचायत में सर्व प्रथम पूरे राम नैन को सरपंच बनने का सौभाग्य मिला। इनके बाद पंचायती विरासत में हुकम सिंह, धर्मा, टेकचंद बनिया, किताब सिंह, उजाला राम, सुमित्रा देवी, समुंदर सिंह, श्री भगवान, रामकुमार (आरक्षित) और निर्मला देवी नैन संभाली।
खूब करवाए गए हैं विकास कार्य
सरपंच निर्मला देवी ने बताया कि उन्होंने गांव में विकास कार्य कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए दो ट्यूबवैल लगवाए। पंचायत क्षेत्र की गलियां भी पक्की करवाई गईं। निर्मला देवी के पति जयवीर सिंह ने बताया कि पांच साल में वह स्कूल भवन बनवाना, फिरनी पक्की करने व खेल स्टेडियम बनवाने के अलावा पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की गई है।
अजायब खास में गैर जाट करेंगे चौधरी का फैसला
नौ वार्डों में बंटे लगभग 1600 मतदाताओं वाली अजायब खास पंचायत में चौधरी का फैसला गैर जाट मतदाता करेंगे। सरपंच पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। पंचायत में जाटों के मुकाबले आधे गैर जाट मतदाता हैं। पंचायत में जाटों के मुख्य रूप से देबिया, सरदारा, चिड़ीवाले और बपनवाल ठोला शामिल हैं। पंचायत की चौधर ज्यादातर देबिया ठोला के इर्द-गिर्द रही है। चुनाव में देबिया व सरदारा ठोला के बीच वर्चस्व की शानदार चुनावी जंग देखने को मिलती है। बावजूद इसके जिस ठोले के प्रत्याशी को अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के मतदाता अपना समर्थन देते हैं वही चौधरी बन जाता है। अजायब खास में इस बार सरपंच का पद महिला के लिए आरक्षित है।
निवर्तमान सरपंच बिजेंद्र ने हैट्रिक के लिए कसी कमर
अजायब पंचायत से अलग होकर साल 1987 में पंचायत बनी अजायब खास में निवर्तमान सरपंच बिजेंद्र सिंह हैट्रिक बनाने के लिए अपनी पत्नी के साथ चुनाव मैदान में आ खड़े हुए हैं। गांव में सरपंच का पद महिला के लिए रिजर्व है। पंचायत गठन के बाद उमेद सिंह पुत्र भरथू सरपंच बने थे। उसके बाद उमेद सिंह पुत्र रिजकू राम, बिजेंद्र सिंह, राज सिंह, भतेरी देवी (आरक्षित) और बिजेंद्र सिंह ने कमान संभाली है।
बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था पर ग्रामीण चिंतित
अजायब खास में सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। नए भवन निर्माण के लिए सरकार से आग्रह के बाद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। शिक्षा की बिगड़ती व्यवस्था से ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।