{"_id":"611d606c8ebc3e79a15fd6f1","slug":"now-i-will-do-only-select-positive-characters-yashpal-rohtak-news-rtk6213048102","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब चुनिंदा सकारात्मक किरदार ही करूंगा : यशपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब चुनिंदा सकारात्मक किरदार ही करूंगा : यशपाल
विज्ञापन
जिम खाना क्लब में वेव सीरीज को लेकर पत्रकारों से वार्ता करते अभिनेता यशपाल शर्मा व अन्य कलाकार। अ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। हरियाणा में कला के हीरे छिपे हैं। इन्हें तलाशने व तराशने की जरूरत है। पिछले कुछ वर्षों में हरियाणवी फिल्मों ने अपनी खास पहचान बनाई है। जल्दी ही हम मराठी, पंजाबी, मलयालम फिल्मों के बराबर होंगे। अच्छा व बेहतर काम करने के लिए खुद भी चुनिंदा फिल्में ही कर रहा हूं। सकारात्मक किरदार पर फोकस है। इसके जरिये अपनी खलनायक वाली छवि बदलनी है। यह कहना है अभिनेता यशपाल शर्मा का। वे बुधवार को सेक्टर चार जिमखाना क्लब में हरियाणवी वेब सीरीज की स्क्रीनिंग पर बोल रहे थे।
अभिनेता ने कहा कि एक प्रशंसक बच्चे ने मासूमियत से कहा कि अंकल! आप खलनायक वाले किरदार अच्छे से करते हो। यही बात मेरे बेटे ने भी कही। इसलिए अब गंगाजल सरीखे किरदार की बजाय राउडी राठौर फिल्म की तरह सकारात्मक व अच्छे किरदार ही करूंगा। कुछ ढंग का व मन का काम करूंगा। छिपकली में कुछ इसी तरह का किरदार है। दादा लख्मी पर बनाई हरियाणावी फिल्म भी इसी ओर बड़ा कदम है। इसे देश विदेशों में खूब सराहा जा रहा है। फिल्म को अब तक 60 से ज्यादा अवॉर्ड मिल चुके हैं। लख्मी-टू की भी तैयारी है। इस फिल्म से हरियाणा और हरियाणवी फिल्मों को सम्मान मिला है। हरियाणी फिल्मों से फूहड़ता भी खत्म हो गई है। भद्दे नाच भी बंद हुए हैं। यह हरियाणवी फिल्मों, कलाकारों व युवाओं के बेहतर भविष्य का अच्छा संकेत है। सुपवा का भी इस ओर योगदान कम नहीं है। यहां से निकल रहे कलाकार, कैमरामैन, निर्देशन व अन्य क्षेत्रों में युवा अपनी खास पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह वेब सीरीज आने वाले साल में एक हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार देगी। इससे नए कलाकारों को मंच मिलेगा। इस ओर शुरू किया गया एप अहम योगदान देगा। लाफ्टर चैलेंज शो के फाइनलिस्ट विश्वास चौहान इसी की देन है। ऐसी और भी छिपी हुई प्रतिभा को मंच मिलने से वे सामने आएंगी। इस मौके पर विनय सिंघल, शशांक, वैष्णव, प्रवीण सिंगला, कृष्ण, सुनील चितकारा, डॉ. सतीश कश्यप भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिनेता ने कहा कि एक प्रशंसक बच्चे ने मासूमियत से कहा कि अंकल! आप खलनायक वाले किरदार अच्छे से करते हो। यही बात मेरे बेटे ने भी कही। इसलिए अब गंगाजल सरीखे किरदार की बजाय राउडी राठौर फिल्म की तरह सकारात्मक व अच्छे किरदार ही करूंगा। कुछ ढंग का व मन का काम करूंगा। छिपकली में कुछ इसी तरह का किरदार है। दादा लख्मी पर बनाई हरियाणावी फिल्म भी इसी ओर बड़ा कदम है। इसे देश विदेशों में खूब सराहा जा रहा है। फिल्म को अब तक 60 से ज्यादा अवॉर्ड मिल चुके हैं। लख्मी-टू की भी तैयारी है। इस फिल्म से हरियाणा और हरियाणवी फिल्मों को सम्मान मिला है। हरियाणी फिल्मों से फूहड़ता भी खत्म हो गई है। भद्दे नाच भी बंद हुए हैं। यह हरियाणवी फिल्मों, कलाकारों व युवाओं के बेहतर भविष्य का अच्छा संकेत है। सुपवा का भी इस ओर योगदान कम नहीं है। यहां से निकल रहे कलाकार, कैमरामैन, निर्देशन व अन्य क्षेत्रों में युवा अपनी खास पहचान बना रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह वेब सीरीज आने वाले साल में एक हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार देगी। इससे नए कलाकारों को मंच मिलेगा। इस ओर शुरू किया गया एप अहम योगदान देगा। लाफ्टर चैलेंज शो के फाइनलिस्ट विश्वास चौहान इसी की देन है। ऐसी और भी छिपी हुई प्रतिभा को मंच मिलने से वे सामने आएंगी। इस मौके पर विनय सिंघल, शशांक, वैष्णव, प्रवीण सिंगला, कृष्ण, सुनील चितकारा, डॉ. सतीश कश्यप भी मौजूद रहे।
विज्ञापन