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अब कलेक्टर रेट का पांच फीसदी देना होगा डेवलपमेंट चार्ज
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रोहतक। प्रदेश सरकार ने बजट पेश करने से पहले ही जनता पर डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर बोझ डाल दिया है। आवासीय पर 120 रुपये और व्यावसायिक पर 837 रुपये प्रति गज से वसूला जाने वाला डेवलपमेंट चार्ज अब कलेक्टर रेट का पांच फीसदी देना होगा। यही नहीं, जिन्होंने भुगतान कर दिया है, उन्हें एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट), नक्शा पास अथवा खरीद-फरोख्त करने से पहले भुगतान करना होगा। डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडीज की तरफ से जारी पत्र में तत्काल प्रभाव से आदेश लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसको लेकर निगम प्रशासन ने डाटा तैयार करना शुरू कर दिया है।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 20300 प्रॉपर्टी हैं जिनमें करीब सवा लाख आवासीय और शेष व्यावसायिक व खाली प्लॉट हैं। इन प्रॉपर्टी स्वामियों से निगम एक बार डेवलपमेंट चार्ज वसूल करता है। आवासीय से 120 रुपये प्रति वर्गगज और व्यावसायिक से 837 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से चार्ज लिया जाता है। विगत दिवस डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडीज की तरफ से असिस्टेंट टाउन प्लानर ने 18 फरवरी को आदेश (संख्या डीयूएलबी/टीपी/2022/904-1040) जारी किया है। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि निगम आवासीय और व्यावसायिक प्रॉपर्टी से प्रति वर्गगज कलेक्टर रेट का पांच फीसदी होगा। यानी अब डेवलपमेंट चार्ज का भुगतान सैकड़ों के हिसाब से नहीं हजारों के हिसाब से करना होगा। यही नहीं, यदि किसी ने डेवलपमेंट चार्ज का पहले भुगतान कर दिया है और एनडीसी अथवा अब नक्शा पास कराना चाहता है या बिक्री करना चाहता है, तो अंतर (पांच फीसदी चार्ज और पूर्व में किए गए भुगतान का अंतर) जमा करना होगा। पत्र में डेवलपमेंट चार्ज की वसूली का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के मिलने के बाद निगम के बिल्डिंग विभाग ने डाटा तैयार करना शुरू कर दिया है। वहीं, इस आदेश के मिलने के बाद से अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।
वर्जन
मुख्यालय से डेवलपमेंट चार्ज कलेक्टर रेट का पांच फीसदी लेने के आदेश मिल गए हैं। मुख्यालय के निर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से आदेश को लागू करना है। आवासीय व व्यावसायिक प्रॉपर्टी पर कलेक्टर रेट का पांच फीसदी डेवलपमेंट चार्ज देना होगा। जो डेवलपमेंट चार्ज जमा करवा चुके हैं, उन्हें एनडीसी व नक्शा जमा कराते समय पांच फीसदी के अंतर से भुगतान करना होगा।
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- सुरेश कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त
विकास शुल्क के नाम पर टूटेगी जनता की कमर
कांग्रेस नेता और शौरी क्लॉथ मार्केट के प्रधान गुलशन इशपुनियानी ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के आर्थिक हालात बिहार से भी बदतर हो गए हैं। महंगाई के चलते जनता की कमर पहले ही टूटी हुई है और सरकार अनाप-शनाप टैक्स लगा रही है। अब नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगमों में विकास शुल्क 10 गुना बढ़ाकर कलेक्टर रेट का पांच फीसदी कर दिया है। कांग्रेस सरकार में यही शुल्क पालिका में 30 रुपये, नगर परिषद में 50 रुपये और नगर निगम में 100 रुपये प्रति वर्ग गज था। अब पहले से जमा विकास शुल्क काटकर नया शुल्क कलेक्टर रेट पर जमा करना होगा। खास बात यह कि लाल डोरा के मकान, दुकान आदि पर विकास शुल्क नहीं लगता था। अब लाल डोरा में आने वाली संपत्ति पर भी विकास शुल्क देना पड़ेगा। सरकार ने डेवलपमेंट चार्ज बढ़ाकर जनता को दोहरी मार मारी है।
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नगर निगम क्षेत्र में करीब 20300 प्रॉपर्टी हैं जिनमें करीब सवा लाख आवासीय और शेष व्यावसायिक व खाली प्लॉट हैं। इन प्रॉपर्टी स्वामियों से निगम एक बार डेवलपमेंट चार्ज वसूल करता है। आवासीय से 120 रुपये प्रति वर्गगज और व्यावसायिक से 837 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से चार्ज लिया जाता है। विगत दिवस डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडीज की तरफ से असिस्टेंट टाउन प्लानर ने 18 फरवरी को आदेश (संख्या डीयूएलबी/टीपी/2022/904-1040) जारी किया है। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि निगम आवासीय और व्यावसायिक प्रॉपर्टी से प्रति वर्गगज कलेक्टर रेट का पांच फीसदी होगा। यानी अब डेवलपमेंट चार्ज का भुगतान सैकड़ों के हिसाब से नहीं हजारों के हिसाब से करना होगा। यही नहीं, यदि किसी ने डेवलपमेंट चार्ज का पहले भुगतान कर दिया है और एनडीसी अथवा अब नक्शा पास कराना चाहता है या बिक्री करना चाहता है, तो अंतर (पांच फीसदी चार्ज और पूर्व में किए गए भुगतान का अंतर) जमा करना होगा। पत्र में डेवलपमेंट चार्ज की वसूली का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के मिलने के बाद निगम के बिल्डिंग विभाग ने डाटा तैयार करना शुरू कर दिया है। वहीं, इस आदेश के मिलने के बाद से अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।
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मुख्यालय से डेवलपमेंट चार्ज कलेक्टर रेट का पांच फीसदी लेने के आदेश मिल गए हैं। मुख्यालय के निर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से आदेश को लागू करना है। आवासीय व व्यावसायिक प्रॉपर्टी पर कलेक्टर रेट का पांच फीसदी डेवलपमेंट चार्ज देना होगा। जो डेवलपमेंट चार्ज जमा करवा चुके हैं, उन्हें एनडीसी व नक्शा जमा कराते समय पांच फीसदी के अंतर से भुगतान करना होगा।
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- सुरेश कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त
विकास शुल्क के नाम पर टूटेगी जनता की कमर
कांग्रेस नेता और शौरी क्लॉथ मार्केट के प्रधान गुलशन इशपुनियानी ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के आर्थिक हालात बिहार से भी बदतर हो गए हैं। महंगाई के चलते जनता की कमर पहले ही टूटी हुई है और सरकार अनाप-शनाप टैक्स लगा रही है। अब नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगमों में विकास शुल्क 10 गुना बढ़ाकर कलेक्टर रेट का पांच फीसदी कर दिया है। कांग्रेस सरकार में यही शुल्क पालिका में 30 रुपये, नगर परिषद में 50 रुपये और नगर निगम में 100 रुपये प्रति वर्ग गज था। अब पहले से जमा विकास शुल्क काटकर नया शुल्क कलेक्टर रेट पर जमा करना होगा। खास बात यह कि लाल डोरा के मकान, दुकान आदि पर विकास शुल्क नहीं लगता था। अब लाल डोरा में आने वाली संपत्ति पर भी विकास शुल्क देना पड़ेगा। सरकार ने डेवलपमेंट चार्ज बढ़ाकर जनता को दोहरी मार मारी है।