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निगम के फर्नीचर घोटाले की जांच पूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 27 Nov 2015 02:16 AM IST
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नगर निगम के फर्नीचर घोटाले की लंबित और विवादित जांच अब पूरी हो गई है।
जांच में बड़ा गोलमाल सामने आया है। डेढ़ साल पहले 19 लाख 63 हजार रुपये में पार्षदों के कार्यालय के लिए खरीदे गए फर्नीचर में घपला किया गया।
बाजार में जिस कुर्सी की कीमत 525 रुपये थी, उसे 800 में खरीदा दिखाया गया है। एक दुकानदार की कोटेशन तक फर्जी लगाई गई है। ट्रेनी आईएएस ने जांच पूरी कर रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है।
जांच में घोटाले की पुष्टि हो गई है। अब डीसी ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और एकाउंट ऑफिसर से पक्ष मांगा है। उसके बाद कानूनी तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम हाउस की बैठक में 19 फरवरी 2014 को एक प्रस्ताव पास किया गया।
इसमें पार्षदों को अपने वार्ड में कार्यालय खोलने के लिए कहा गया था। उन कार्यालयों के लिए फर्नीचर खरीदने को एक कमेटी बनाई गई। इसमें मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, एकाउंट ऑफिसर और एमई को रखा गया।
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उस समय तीन दुकानदारों से कुटेशन मंगवाई गई। इनमें से एक फर्नीचर हाउस से सामान भी मंगवा लिया और उसे 19 लाख 63 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।
यह भुगतान अगस्त से दिसंबर 2014 तक अलग-अलग किस्तों में किया गया। लेकिन भाजपा पार्षद अशोक खुराना, जयकिशन, पूनम किलोई, अजय जैन टाटू, ममता रानी, सुशीला इंदौरा ने सवाल खड़ा कर दिया।
जांच तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर अनु श्योकंद को सौंपी गई, लेकिन आरोप रहे कि उन्होंने जांच में खानापूर्ति कर दी। दोबारा से शिकायत पर ट्रेनी आईएएस विक्रम को जांच सौंपी गई। अब रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा हुआ है।
इस तरह पकड़ा घोटाला
ट्रेनी आईएएस विक्रम ने बाजार में कई दुकानों से सामान के रेट मंगवाए। इसमें पता चला कि जिन कुर्सियों को 850 रुपये में खरीदा गया है, उनका बाजार में रेट मात्र 525-530 रुपये है। कोई भी चीज ब्रांडेड नहीं है और अन्य सामान भी ज्यादा दाम पर खरीदा गया है। दुकानदारों से कुटेशन भी ज्यादा रेट का लिया गया है और एक कुटेशन फर्जी तरीके से लगाई गई है। मामले में बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षद अशोक खुराना, जयकिशन और पूनम किलोई के पति सूरजमल ने डीसी से मिले।
वर्जन
नगर निगम के फर्नीचर खरीद में जांच में काफी गड़बड़ी मिली है। रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। अब कार्रवाई करने से पहले सभी का पक्ष जाना जा रहा है।
डी. के. बेहेरा, डीसी, रोहतक।
इस तरह नगर निगम के रुपये को पानी की तरह बहाकर अपनी जेब भरने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए डीसी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
अशोक खुराना, भाजपा पार्षद, वार्ड 10
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जांच में बड़ा गोलमाल सामने आया है। डेढ़ साल पहले 19 लाख 63 हजार रुपये में पार्षदों के कार्यालय के लिए खरीदे गए फर्नीचर में घपला किया गया।
बाजार में जिस कुर्सी की कीमत 525 रुपये थी, उसे 800 में खरीदा दिखाया गया है। एक दुकानदार की कोटेशन तक फर्जी लगाई गई है। ट्रेनी आईएएस ने जांच पूरी कर रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है।
जांच में घोटाले की पुष्टि हो गई है। अब डीसी ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और एकाउंट ऑफिसर से पक्ष मांगा है। उसके बाद कानूनी तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम हाउस की बैठक में 19 फरवरी 2014 को एक प्रस्ताव पास किया गया।
इसमें पार्षदों को अपने वार्ड में कार्यालय खोलने के लिए कहा गया था। उन कार्यालयों के लिए फर्नीचर खरीदने को एक कमेटी बनाई गई। इसमें मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, एकाउंट ऑफिसर और एमई को रखा गया।
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उस समय तीन दुकानदारों से कुटेशन मंगवाई गई। इनमें से एक फर्नीचर हाउस से सामान भी मंगवा लिया और उसे 19 लाख 63 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।
यह भुगतान अगस्त से दिसंबर 2014 तक अलग-अलग किस्तों में किया गया। लेकिन भाजपा पार्षद अशोक खुराना, जयकिशन, पूनम किलोई, अजय जैन टाटू, ममता रानी, सुशीला इंदौरा ने सवाल खड़ा कर दिया।
जांच तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर अनु श्योकंद को सौंपी गई, लेकिन आरोप रहे कि उन्होंने जांच में खानापूर्ति कर दी। दोबारा से शिकायत पर ट्रेनी आईएएस विक्रम को जांच सौंपी गई। अब रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा हुआ है।
इस तरह पकड़ा घोटाला
ट्रेनी आईएएस विक्रम ने बाजार में कई दुकानों से सामान के रेट मंगवाए। इसमें पता चला कि जिन कुर्सियों को 850 रुपये में खरीदा गया है, उनका बाजार में रेट मात्र 525-530 रुपये है। कोई भी चीज ब्रांडेड नहीं है और अन्य सामान भी ज्यादा दाम पर खरीदा गया है। दुकानदारों से कुटेशन भी ज्यादा रेट का लिया गया है और एक कुटेशन फर्जी तरीके से लगाई गई है। मामले में बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षद अशोक खुराना, जयकिशन और पूनम किलोई के पति सूरजमल ने डीसी से मिले।
वर्जन
नगर निगम के फर्नीचर खरीद में जांच में काफी गड़बड़ी मिली है। रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। अब कार्रवाई करने से पहले सभी का पक्ष जाना जा रहा है।
डी. के. बेहेरा, डीसी, रोहतक।
इस तरह नगर निगम के रुपये को पानी की तरह बहाकर अपनी जेब भरने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए डीसी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
अशोक खुराना, भाजपा पार्षद, वार्ड 10