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Rohtak News: सेवानिवृत्त हवलदार के खाते में पड़ोसी किरायेदार ने लगाई सेंध, 11.22 लाख ठगे
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शिवाजी काॅलोनी क्षेत्र की शीतल नगर कॉलोनी में एक किरायेदार ने सेना से सेवानिवृत्त हवलदार के मोबाइल में छेड़छाड़ करके उनके खाते से 11.22 लाख रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी उस समय हुई, जब हवलदार कैंटीन से घर का सामान लेने गए तो खाता खाली हो चुका था। पीड़ित हवलदार ने पेंशन की कई साल की राशि बेटे की शादी के लिए जोड़ रखी थी। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी मनीष पांचाल से पूछताछ करनी शुरू कर दी है।
शीतल नगर निवासी नरेंद्र सिंह सेना से सेवानिृवत्त हैं। उन्होंने कई साल की पेंशन छोटे बेटे की शादी के लिए जोड़ रखी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी चार साल की पोती को पड़ोस में किराये पर रहने वाला मनीष पांचाल (19) अकसर खेलने-खिलाने के लिए आ जाता था। वह कई बार बच्ची को अपने साथ घर पर भी ले जाता था। घर पर बच्ची को ले जाने के दौरान उसका मोबाइल भी ले जाता था। इसी दौरान उसने मोबाइल की सेटिंग में बदलाव करते हुए खाते के मैसेज अपने मोबाइल पर डायवर्ट कर लिए। इससे हवलदार के मोबाइल पर मैसेज आने बंद हो गए। इसके बाद आरोपी ने 30 सितंबर से 23 दिसंबर 2024 तक तीन माह में 11,22,600 रुपये ट्रांसफर कर लिए। रुपये के निकालने की जानकारी पीड़ित को नहीं हो पाई।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हवलदार घर का कुछ सामान लाने कैंटीन गए थे और वहां पर जब भुगतान करने लगे तो खाते में जीरो बैलेंस बताया। यह सुनकर उनके पैरों तले से जमीन खिसकने लगी। पीड़ित उसी दिन बैंक गए और खाते की एक साल की स्टेटमेंट निकलवाई तो राशि पड़ोसी मनीश पांचाल के खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। उन्होंने शिवाजी कॉलोनी थाने में जाकर पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मनीष का नाम सामने आया। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की जा रही है।
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आधार कार्ड से लिया ओटीपी और खुद बना खाते का मालिक
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल फोन से पीड़ित के फोन में आधार कार्ड की फोटो ले ली। इसके बाद हवलदार के मोबाइल की जगह अपना मोबाइल नंबर दर्ज करा लिया। सत्यापन के लिए आधार नंबर मांगा तो उसे भी आरोपी ने दे दिया। इसके बाद वह यूपीआई प्रयोग करके 11.22 लाख खर्च कर गया।
तीन माह में बदली मनीष की जीवनशैली
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन माह से मनीष की जीवनशैली में काफी बदलाव आ गया था। उसने अच्छे कपड़े और मोबाइल आदि खरीद लिए, जबकि वह कोई काम भी नहीं करता और जब परिजन पूछते तो उनको कोई काम करने का बहाना बना देता था।
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किसी के न दें अपना मोबाइल फोन
मोबाइल में कसी भी व्यक्ति का हर कीमती डाटा रहता है। इसमें आधार-पेन कार्ड और समेत अन्य दस्तावेज भी होते हैं। इनका गलत प्रयोग करके आर्थिक हानि तो कॉल करके किसी से रंगदारी या फिर धमकी देने जैसा अपराध भी किया जा सकता है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को अपना मोबाइल नहीं देना चाहिए।
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सेना से सेवानिवृत्त हवलदार नरेंद्र सिंह के मोबाइल फोन से छेड़छाड़ करके पड़ोस में किराये पर रहने वाले युवक ने धोखाधड़ी की है। केस दर्ज करके आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
- दिलबाग सिंह, थानाप्रभारी निरीक्षक शिवाजी कॉलोनी।
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शीतल नगर निवासी नरेंद्र सिंह सेना से सेवानिृवत्त हैं। उन्होंने कई साल की पेंशन छोटे बेटे की शादी के लिए जोड़ रखी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी चार साल की पोती को पड़ोस में किराये पर रहने वाला मनीष पांचाल (19) अकसर खेलने-खिलाने के लिए आ जाता था। वह कई बार बच्ची को अपने साथ घर पर भी ले जाता था। घर पर बच्ची को ले जाने के दौरान उसका मोबाइल भी ले जाता था। इसी दौरान उसने मोबाइल की सेटिंग में बदलाव करते हुए खाते के मैसेज अपने मोबाइल पर डायवर्ट कर लिए। इससे हवलदार के मोबाइल पर मैसेज आने बंद हो गए। इसके बाद आरोपी ने 30 सितंबर से 23 दिसंबर 2024 तक तीन माह में 11,22,600 रुपये ट्रांसफर कर लिए। रुपये के निकालने की जानकारी पीड़ित को नहीं हो पाई।
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दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हवलदार घर का कुछ सामान लाने कैंटीन गए थे और वहां पर जब भुगतान करने लगे तो खाते में जीरो बैलेंस बताया। यह सुनकर उनके पैरों तले से जमीन खिसकने लगी। पीड़ित उसी दिन बैंक गए और खाते की एक साल की स्टेटमेंट निकलवाई तो राशि पड़ोसी मनीश पांचाल के खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। उन्होंने शिवाजी कॉलोनी थाने में जाकर पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मनीष का नाम सामने आया। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की जा रही है।
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आधार कार्ड से लिया ओटीपी और खुद बना खाते का मालिक
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल फोन से पीड़ित के फोन में आधार कार्ड की फोटो ले ली। इसके बाद हवलदार के मोबाइल की जगह अपना मोबाइल नंबर दर्ज करा लिया। सत्यापन के लिए आधार नंबर मांगा तो उसे भी आरोपी ने दे दिया। इसके बाद वह यूपीआई प्रयोग करके 11.22 लाख खर्च कर गया।
तीन माह में बदली मनीष की जीवनशैली
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन माह से मनीष की जीवनशैली में काफी बदलाव आ गया था। उसने अच्छे कपड़े और मोबाइल आदि खरीद लिए, जबकि वह कोई काम भी नहीं करता और जब परिजन पूछते तो उनको कोई काम करने का बहाना बना देता था।
किसी के न दें अपना मोबाइल फोन
मोबाइल में कसी भी व्यक्ति का हर कीमती डाटा रहता है। इसमें आधार-पेन कार्ड और समेत अन्य दस्तावेज भी होते हैं। इनका गलत प्रयोग करके आर्थिक हानि तो कॉल करके किसी से रंगदारी या फिर धमकी देने जैसा अपराध भी किया जा सकता है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को अपना मोबाइल नहीं देना चाहिए।
सेना से सेवानिवृत्त हवलदार नरेंद्र सिंह के मोबाइल फोन से छेड़छाड़ करके पड़ोस में किराये पर रहने वाले युवक ने धोखाधड़ी की है। केस दर्ज करके आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
- दिलबाग सिंह, थानाप्रभारी निरीक्षक शिवाजी कॉलोनी।