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Rohtak News: स्कूल के कमरों में मच्छरों का घर...नीम की पत्तियों की धूनी देते फिर कक्षा लगाते
Sat, 02 Aug 2025 02:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 02 Aug 2025 02:11 AM IST
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गांव लाढौत के शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बरामदे से गिरा प्लास्टर।
रोहतक। लाढ़ौत में चार एकड़ में बने शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहली से 12वीं कक्षा तक के बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल को तीन हिस्सों में बांटा हुआ है। इसमें कक्षा पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं व नौवीं से 12वीं कक्षा शामिल है। खेल मैदान ऊबड़-खाबड़ है। बारिश का पानी भरा रहता है। स्कूल के आसपास तालाब है। इस कारण भू जलस्तर ऊपर है। मच्छरों की भरमार है। विद्यार्थी व शिक्षक नीम की पत्तियों की धूनी देते हैं, फिर कक्षा लगाते हैं।
भूमिगत जलस्तर (चव्वा) ऊपर होने से जमीन में नमी बनी रहती है। कक्षा के कमरों की दीवारों में ओस की बूंदों की तरह पानी हर समय मौजूद रहता है। मैदान में फिसलन बनी रहती है। बच्चों के चोटिल होने का खतरा रहता है। प्राइमरी के 66 विद्यार्थियों के लिए दो शिक्षक और छह कमरे हैं। इनकी हालत जर्जर है। इसके अलावा, तीन कमरे कंडम होने के कारण बंद हैं। एक कमरे में कार्यालय बना है।
कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तीन कमरे हैं जो जर्जर हैं। इनमें सीलन है। फर्श से भी बूंद-बूंद पानी रिस रहा है। बरामदों के पिलर से प्लास्टर झड़ रहा है। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए सात कमरे हैं। इनमें से चार में कक्षाएं लगती हैं। एक कमरे में शिक्षक बैठते हैं। दूसरे कमरे में चौकीदार रहता है व तीसरे कमरे में विज्ञान की लैब बनाई गई है। यहां चार और कमरों की जरूरत है। कक्षा छह से 12वीं तक 12 शिक्षक हैं। इनमें से दो शिक्षक एचकेआरएन के तहत, एक शिक्षक डेपुटेशन पर हैं। गणित का कोई शिक्षक ही नहीं है। इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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जर्जर हाल है शौचालय
स्कूल में लड़के व लड़कियां साथ में पढ़ते हैं। सफाई कर्मचारी न होने से शौचालय की सफाई तक नहीं हो पाती है। प्राथमिक पाठशाला में लड़कियों के लिए शौचालय है। लड़कों का शौचालय जर्जर है। इसकी सीट टूटी हुई है।
लाइब्रेरी का ढाई साल से अटका है निर्माण
स्कूल में विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी बनाने का बजट पास हुआ था। इससे ढांचा तो तैयार हो गया। इसके बाद से यहां ताला लगा है। लाइब्रेरी का निर्माण अधूरा पड़ा है। इस बारे में न तो अधिकारियों का ध्यान गया है न किसी अन्य ने तवज्जो दी है।
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स्कूल मैदान से पानी निकासी कराई जाती है। बारिश का पानी भर गया है। इसे भी निकलवाया जाएगा।
- संदीप कुमार, सरपंच, लाढ़ौत।
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स्कूल में पानी भरा हुआ है। बच्चे या स्टाफ इधर नहीं जाते हैं। सफाई के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जरूरत है। स्कूल में लाइब्रेरी का निर्माण ग्रांट के इंतजार में अधूरा है।
- सरोज, प्राचार्य, शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाढ़ौत।
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लाढ़ौत स्कूल की व्यवस्था बनाने के लिए अधिकारियों से कहा गया है। स्कूलों के हालात पूरे प्रदेश में ही खराब हैं। सरकार सभी स्कूलों का सर्वे कराए। कंडम भवन ध्वस्त किए जाएं। बच्चों के लिए व्यवस्था बनाई जाए।
- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री।
लाढ़ौत स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
लाढौत के शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड
विद्यार्थियों की संख्या : 187
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 18
कार्यरत शिक्षक : 14
रिक्त पद : 04
स्कूल में कमरे : 18
कंडम कमरे : 03
जर्जर कमरे : 08
कमरों की जरूरत : 11
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भूमिगत जलस्तर (चव्वा) ऊपर होने से जमीन में नमी बनी रहती है। कक्षा के कमरों की दीवारों में ओस की बूंदों की तरह पानी हर समय मौजूद रहता है। मैदान में फिसलन बनी रहती है। बच्चों के चोटिल होने का खतरा रहता है। प्राइमरी के 66 विद्यार्थियों के लिए दो शिक्षक और छह कमरे हैं। इनकी हालत जर्जर है। इसके अलावा, तीन कमरे कंडम होने के कारण बंद हैं। एक कमरे में कार्यालय बना है।
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कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तीन कमरे हैं जो जर्जर हैं। इनमें सीलन है। फर्श से भी बूंद-बूंद पानी रिस रहा है। बरामदों के पिलर से प्लास्टर झड़ रहा है। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए सात कमरे हैं। इनमें से चार में कक्षाएं लगती हैं। एक कमरे में शिक्षक बैठते हैं। दूसरे कमरे में चौकीदार रहता है व तीसरे कमरे में विज्ञान की लैब बनाई गई है। यहां चार और कमरों की जरूरत है। कक्षा छह से 12वीं तक 12 शिक्षक हैं। इनमें से दो शिक्षक एचकेआरएन के तहत, एक शिक्षक डेपुटेशन पर हैं। गणित का कोई शिक्षक ही नहीं है। इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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जर्जर हाल है शौचालय
स्कूल में लड़के व लड़कियां साथ में पढ़ते हैं। सफाई कर्मचारी न होने से शौचालय की सफाई तक नहीं हो पाती है। प्राथमिक पाठशाला में लड़कियों के लिए शौचालय है। लड़कों का शौचालय जर्जर है। इसकी सीट टूटी हुई है।
लाइब्रेरी का ढाई साल से अटका है निर्माण
स्कूल में विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी बनाने का बजट पास हुआ था। इससे ढांचा तो तैयार हो गया। इसके बाद से यहां ताला लगा है। लाइब्रेरी का निर्माण अधूरा पड़ा है। इस बारे में न तो अधिकारियों का ध्यान गया है न किसी अन्य ने तवज्जो दी है।
स्कूल मैदान से पानी निकासी कराई जाती है। बारिश का पानी भर गया है। इसे भी निकलवाया जाएगा।
- संदीप कुमार, सरपंच, लाढ़ौत।
स्कूल में पानी भरा हुआ है। बच्चे या स्टाफ इधर नहीं जाते हैं। सफाई के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जरूरत है। स्कूल में लाइब्रेरी का निर्माण ग्रांट के इंतजार में अधूरा है।
- सरोज, प्राचार्य, शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाढ़ौत।
लाढ़ौत स्कूल की व्यवस्था बनाने के लिए अधिकारियों से कहा गया है। स्कूलों के हालात पूरे प्रदेश में ही खराब हैं। सरकार सभी स्कूलों का सर्वे कराए। कंडम भवन ध्वस्त किए जाएं। बच्चों के लिए व्यवस्था बनाई जाए।
- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री।
लाढ़ौत स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
लाढौत के शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड
विद्यार्थियों की संख्या : 187
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 18
कार्यरत शिक्षक : 14
रिक्त पद : 04
स्कूल में कमरे : 18
कंडम कमरे : 03
जर्जर कमरे : 08
कमरों की जरूरत : 11

गांव लाढौत के शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बरामदे से गिरा प्लास्टर।

गांव लाढौत के शहीद लांस नायक कुलदीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बरामदे से गिरा प्लास्टर।