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शिक्षा के मंदिर में घोटाले की बू
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 10 Sep 2015 02:27 AM IST
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9 कमरे, 55 लाख, सात साल। फिर भी काम अधूरा। स्कूल में कमरों के निर्माण में हुए घोटाले की यह बू भिवानी रोड स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से आ रही है। इसकी पुष्टि खुद शिक्षा अधिकारी भी कर रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों ने इस खेल में बड़े घोटाले की आशंका जताई है।
उन्हाेंने स्कूल प्रशासन से रिपोर्ट भी तलब की है। इतनी बड़ी राशि के भी कमरों का निर्माण पूरा नहीं हो पाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2009 में स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा में छात्रों की संख्या करीब 2700 थी और कमरों की कम। अकेले 11वीं और 12वीं में लगभग 1800 छात्र थे और साइंस संकाय में करीब 500 छात्र। इसके लिए स्कूल प्रशासन ने कमरों की शिक्षा विभाग से मांग की थी।
चूंकि, स्कूल के पुराने फंड में एकत्रित लगभग 47 लाख रुपये थे तो इसी फंड से छह कमरों के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग के निदेशक ने मंजूरी दी थी। इसके लिए डीसी और एडीसी की कमेटी बनाई गई थी। जिन्होंने स्कूल के हिंदी लेक्चर रण सिंह को कमरों के निर्माण के लिए डीडी पॉवर दी थी। वे साल 2012 में रिटायर हो गए, पर कमरों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उस समय पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने प्रत्येक कमरे की लागत करीब सात लाख रुपये लगाई थी। इसके अलावा, साल 2011 में तीन और कमरों के लिए 7 लाख 41 हजार रुपये की ग्रांट आई थी। इसमें से दो कमरे ही बने हैं और एक कमरा अधूरा ही रह गया।
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प्राचार्य ने दिया गोलमाल जवाब
इस पूरे मामले में स्कूल के प्राचार्य राजकुमार शर्मा ने बताया कि चार माह पहले ही कार्यभार संभाला है। स्कूल में नौ स्टडी रूम का निर्माण चल रहा है। छह कमरों के निर्माण के बारे मेें ज्यादा जानकारी नहीं है, तीन कमरों में से दो में फर्श डाल दिया गया है। इस मामले में ज्यादा जानकारी मैथ लेक्चर को होगी। वे ही इस मामले को देख रहे थे।
भिवानी रोड पर ब्वॉयज स्कूल के लिए डीसी और एडीसी की कमेटी बनाई गई थी या नहीं। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिक्षा अधिकारियों से इस मामले को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी।
- अमित खत्री, एडीसी, रोहतक।
ग्रांट के हिसाब से कुछ भी नहीं हुआ काम
तीन-चार दिन पहले डीईओ के साथ स्कूल का निरीक्षण किया था। नौ कमरों के निर्माण के लिए जो ग्रांट दी गई है, उस हिसाब से कुछ भी काम नहीं हुआ है। यह पूरा मामला एक जांच का विषय है। इसके लिए स्कूल प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी है कि कुल कितना पैसा था और कितना खर्च हुआ है?
- राम अवतार शर्मा, डिप्टी डीईओ, रोहतक।
जांच में सामने आएगा सच
भिवानी रोड स्थित ब्वॉयज स्कूल में नौ कमरों का निर्माण चल रहा है। इसमें छह कमरों के लिए करीब 47 लाख रुपये और तीन कमरों के लिए लगभग आठ लाख की ग्रांट आई थी। इसकी काफी काम बचा हुआ है। जिस समय कमरों के लिए ये पैसा दिया गया था, सभी कमरे तैयार हो जाने चाहिए थे। पर, ऐसा नहीं हुआ है और यह एक जांच का विषय है, तभी सच सामने आ पाएगा।
- वीरेंद्र मलिक, बीईओ, रोहतक ब्लॉक।
इस स्कूल के निर्माण कार्य से संबंधित मेरे विभाग को कोई भी काम नहीं दिया गया है। अगर मौका मिला तो जरूर करेंगे।
- प्रदीप रंजन, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, रोहतक।
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उन्हाेंने स्कूल प्रशासन से रिपोर्ट भी तलब की है। इतनी बड़ी राशि के भी कमरों का निर्माण पूरा नहीं हो पाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2009 में स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा में छात्रों की संख्या करीब 2700 थी और कमरों की कम। अकेले 11वीं और 12वीं में लगभग 1800 छात्र थे और साइंस संकाय में करीब 500 छात्र। इसके लिए स्कूल प्रशासन ने कमरों की शिक्षा विभाग से मांग की थी।
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चूंकि, स्कूल के पुराने फंड में एकत्रित लगभग 47 लाख रुपये थे तो इसी फंड से छह कमरों के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग के निदेशक ने मंजूरी दी थी। इसके लिए डीसी और एडीसी की कमेटी बनाई गई थी। जिन्होंने स्कूल के हिंदी लेक्चर रण सिंह को कमरों के निर्माण के लिए डीडी पॉवर दी थी। वे साल 2012 में रिटायर हो गए, पर कमरों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उस समय पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने प्रत्येक कमरे की लागत करीब सात लाख रुपये लगाई थी। इसके अलावा, साल 2011 में तीन और कमरों के लिए 7 लाख 41 हजार रुपये की ग्रांट आई थी। इसमें से दो कमरे ही बने हैं और एक कमरा अधूरा ही रह गया।
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प्राचार्य ने दिया गोलमाल जवाब
इस पूरे मामले में स्कूल के प्राचार्य राजकुमार शर्मा ने बताया कि चार माह पहले ही कार्यभार संभाला है। स्कूल में नौ स्टडी रूम का निर्माण चल रहा है। छह कमरों के निर्माण के बारे मेें ज्यादा जानकारी नहीं है, तीन कमरों में से दो में फर्श डाल दिया गया है। इस मामले में ज्यादा जानकारी मैथ लेक्चर को होगी। वे ही इस मामले को देख रहे थे।
भिवानी रोड पर ब्वॉयज स्कूल के लिए डीसी और एडीसी की कमेटी बनाई गई थी या नहीं। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिक्षा अधिकारियों से इस मामले को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी।
- अमित खत्री, एडीसी, रोहतक।
ग्रांट के हिसाब से कुछ भी नहीं हुआ काम
तीन-चार दिन पहले डीईओ के साथ स्कूल का निरीक्षण किया था। नौ कमरों के निर्माण के लिए जो ग्रांट दी गई है, उस हिसाब से कुछ भी काम नहीं हुआ है। यह पूरा मामला एक जांच का विषय है। इसके लिए स्कूल प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी है कि कुल कितना पैसा था और कितना खर्च हुआ है?
- राम अवतार शर्मा, डिप्टी डीईओ, रोहतक।
जांच में सामने आएगा सच
भिवानी रोड स्थित ब्वॉयज स्कूल में नौ कमरों का निर्माण चल रहा है। इसमें छह कमरों के लिए करीब 47 लाख रुपये और तीन कमरों के लिए लगभग आठ लाख की ग्रांट आई थी। इसकी काफी काम बचा हुआ है। जिस समय कमरों के लिए ये पैसा दिया गया था, सभी कमरे तैयार हो जाने चाहिए थे। पर, ऐसा नहीं हुआ है और यह एक जांच का विषय है, तभी सच सामने आ पाएगा।
- वीरेंद्र मलिक, बीईओ, रोहतक ब्लॉक।
इस स्कूल के निर्माण कार्य से संबंधित मेरे विभाग को कोई भी काम नहीं दिया गया है। अगर मौका मिला तो जरूर करेंगे।
- प्रदीप रंजन, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, रोहतक।