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Rohtak News: मोबाइल बजा रहा वैवाहिक संबंधों में खतरे की घंटी
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23सीटीके11..अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
रोहतक। वैवाहिक संबंधों में खटास बढ़ती जा रही है। इसका अहम कारण, स्मार्ट फोन को माना जा रहा है। साल 2023-24 में जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग में 374 शिकायतें आईं। इनमें से 219 केस अदालत में तलाक के लिए चले गए। केवल 39 मामलों में विभाग परिवार को मिलवाने में कामयाब रहा। अधिकतर मामले कोर्ट में चल रहे हैं। साल 2024-25 में अभी तक कुल 227 मामले आए हैं। इनमें केवल 22 मामलों में ही समझौता हो सका है। 40 फीसदी से अधिक घर टूटने का बड़ा कारण मोबाइल और उस पर सोशल मीडिया का प्रयोग करना सामने आया है। कोर्ट और पुलिस एवं विभाग के पास हर माह करीब 45 से 50 केस इस तरह के आ रहे हैं।
केस-1
रोहतक के मदीना जिंदरान गांव में इंटरनेट शेयर न करने पर अजय ने पत्नी रेखा की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। वह मोबाइल में रील देखने के लिए पत्नी से इंटरनेट शेयर करने के लिए कह रहा था। 31 जुलाई को इसी बात पर हत्या कर दी थी।
केस-2
रोहतक निवासी सोनी (काल्पनिक) प्राइवेट नौकरी करती है। उसकी शादी दो साल पहले हुई थी। शादी के बाद फेसबुक पर पति की फ्रेंड बन गई और इसी बात को लेकर विवाद हो गया। अब अदालत में तलाक का केस चल रहा है। महिला पुलिस ने दोनों की काउंसिलिंग कराई, लेकिन बात नहीं बनी।
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केस-3
राजवंती उर्फ राज (काल्पनिक) की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी, पति दिल्ली में नौकरी करता है। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने काउंसिलिंग की तो पता चला कि महिला फोन पर ज्यादा समय बिताती है। घर में मोबाइल ही विवाद का बड़ा कारण है।
केस-4
रोहतक की एक कॉलोनी निवासी रागिनी (काल्पनिक) का घर केवल इस कारण टूटा, वह फेसबुक और इंस्टाग्राम ज्यादा चलाती थी। महिला एक कंपनी में काम करती है। पति दुकान चलाता है। लेकिन, उसे पत्नी का मोबाइल चलाना पसंद नहीं था।
हर रोज की जाती है काउंसिलिंग
महिला पुलिस और जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रोजाना महिलाओं और पुरुषों की काउंसिलिंग करतीं हैं।इसमें केवल मोबाइल ही नहीं बल्कि सास-ससुर और ननद भी वैवाहिक संबंधों के टूटने का कारण है। जिसके लिए विभागों की ओर काउंसिलिंग की जाती है।
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
एकांकी परिवारों में वैवाहिक संबंध बड़ी समस्या बनकर उभरी है। चूंकि, उन्हें परिवार का कोई व्यक्ति समझाने वाला नहीं है। यदि कोई समझाता है तो दंपती में समझने-मानने की क्षमता नहीं है। मोबाइल की आदत भी इसका बड़ा कारण है। दंपती आपस में एक दूसरे से ज्यादा मोबाइल को समय दे रहे हैं। इससे आपसी सामंजस्य खत्म होता जा रहा है।
डॉ. विपिन नयन, मनोचिकित्सक नागरिक अस्पताल।
मोबाइल पर सोशल मीडिया के अधिक प्रयोग करने पर महिलाओं-पुरुषों को एक दूसरे से परेशानी है। चूंकि उनमें अफेयर को लेकर विवाद की लगातार संख्या बढ़ रही हैं, जो घर टूटने का एक बड़ा कारण है।
करमिंदर कौर, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी।
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केस-1
रोहतक के मदीना जिंदरान गांव में इंटरनेट शेयर न करने पर अजय ने पत्नी रेखा की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। वह मोबाइल में रील देखने के लिए पत्नी से इंटरनेट शेयर करने के लिए कह रहा था। 31 जुलाई को इसी बात पर हत्या कर दी थी।
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केस-2
रोहतक निवासी सोनी (काल्पनिक) प्राइवेट नौकरी करती है। उसकी शादी दो साल पहले हुई थी। शादी के बाद फेसबुक पर पति की फ्रेंड बन गई और इसी बात को लेकर विवाद हो गया। अब अदालत में तलाक का केस चल रहा है। महिला पुलिस ने दोनों की काउंसिलिंग कराई, लेकिन बात नहीं बनी।
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केस-3
राजवंती उर्फ राज (काल्पनिक) की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी, पति दिल्ली में नौकरी करता है। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने काउंसिलिंग की तो पता चला कि महिला फोन पर ज्यादा समय बिताती है। घर में मोबाइल ही विवाद का बड़ा कारण है।
केस-4
रोहतक की एक कॉलोनी निवासी रागिनी (काल्पनिक) का घर केवल इस कारण टूटा, वह फेसबुक और इंस्टाग्राम ज्यादा चलाती थी। महिला एक कंपनी में काम करती है। पति दुकान चलाता है। लेकिन, उसे पत्नी का मोबाइल चलाना पसंद नहीं था।
हर रोज की जाती है काउंसिलिंग
महिला पुलिस और जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रोजाना महिलाओं और पुरुषों की काउंसिलिंग करतीं हैं।इसमें केवल मोबाइल ही नहीं बल्कि सास-ससुर और ननद भी वैवाहिक संबंधों के टूटने का कारण है। जिसके लिए विभागों की ओर काउंसिलिंग की जाती है।
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
एकांकी परिवारों में वैवाहिक संबंध बड़ी समस्या बनकर उभरी है। चूंकि, उन्हें परिवार का कोई व्यक्ति समझाने वाला नहीं है। यदि कोई समझाता है तो दंपती में समझने-मानने की क्षमता नहीं है। मोबाइल की आदत भी इसका बड़ा कारण है। दंपती आपस में एक दूसरे से ज्यादा मोबाइल को समय दे रहे हैं। इससे आपसी सामंजस्य खत्म होता जा रहा है।
डॉ. विपिन नयन, मनोचिकित्सक नागरिक अस्पताल।
मोबाइल पर सोशल मीडिया के अधिक प्रयोग करने पर महिलाओं-पुरुषों को एक दूसरे से परेशानी है। चूंकि उनमें अफेयर को लेकर विवाद की लगातार संख्या बढ़ रही हैं, जो घर टूटने का एक बड़ा कारण है।
करमिंदर कौर, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी।