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Rohtak News: दलित छात्र से कुकर्म, किन धाराओं में करें केस दर्ज...पशोपेश में पुलिस
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मनोज कुमार
रोहतक। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद रोहतक में कुकर्म का पहला मामला सामने आया है। इसमें एक युवक ने 10वीं कक्षा के दलित छात्र के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने आनन-फानन केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन पशोपेश में है कि आखिर किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। दरअसल, बीएनएस में इस धारा को हटा दिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इंटरनेट से लेकर आला अधिकारियों और कानूनविदों से इस मुद्दे पर गहन चर्चा करने की बात कही है। सदर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी 10वीं कक्षा का दलित छात्र अपने परिचित के पास जा रहा था। रास्ते में उसे एक अन्य युवक ने रोक लिया। जब वह जाने लगा तो डरा धमकाकर अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया। वहां पर खेत में ले जाकर छात्र के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब पीड़ित ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित छात्र ने घटना की सूचना परिजन को दी तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत तो ले ली, लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर असमंजस में है।
हालांकि, आला अधिकारियों ने आनन-फानन केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। इनमें एससी/एसटी एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन पुलिस के लिए परेशानी बढ़ गई है कि जिस तरह का आरोपी ने अपराध किया है, उस तरह की सजा भी दिलाने की कोशिश की जाए।
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रोहतक। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद रोहतक में कुकर्म का पहला मामला सामने आया है। इसमें एक युवक ने 10वीं कक्षा के दलित छात्र के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने आनन-फानन केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन पशोपेश में है कि आखिर किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। दरअसल, बीएनएस में इस धारा को हटा दिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इंटरनेट से लेकर आला अधिकारियों और कानूनविदों से इस मुद्दे पर गहन चर्चा करने की बात कही है। सदर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी 10वीं कक्षा का दलित छात्र अपने परिचित के पास जा रहा था। रास्ते में उसे एक अन्य युवक ने रोक लिया। जब वह जाने लगा तो डरा धमकाकर अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया। वहां पर खेत में ले जाकर छात्र के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब पीड़ित ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित छात्र ने घटना की सूचना परिजन को दी तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत तो ले ली, लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर असमंजस में है।
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हालांकि, आला अधिकारियों ने आनन-फानन केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। इनमें एससी/एसटी एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन पुलिस के लिए परेशानी बढ़ गई है कि जिस तरह का आरोपी ने अपराध किया है, उस तरह की सजा भी दिलाने की कोशिश की जाए।
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