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Rohtak News: एमडीयूू ने चार से पांच गुना फीस बढ़ाई, छात्र संगठनों में रोष
Wed, 29 May 2024 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 29 May 2024 12:05 AM IST
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विकास सैनी
रोहतक। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों के लिए एमडीयू से अध्ययन करना मुश्किल हो गया है। इसकी वजह विवि प्रशासन की ओर से नए सिलेबस के साथ फीस में चार से पांच गुना वृद्धि करना बताया जा रहा है।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रॉस्पेक्टस में दर्ज फीस ने विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के होश उड़ा दिए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को सीवाईएसएस (छात्र युवा संघर्ष समिति) ने दाखिला कमेटी के कन्वीनर एवं एमडीयू के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान को ज्ञापन सौंपा है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने फीस वृद्धि की निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। विवि के अन्य छात्र संगठनों में फीस वृद्धि को लेकर भी रोष पनप रहा है।
एमडीयू के नए प्राॅस्पेक्टस में नई शिक्षा नीति के तहत पहली बार नया सिलेबस लागू किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न कोर्सों की फीस भी बढ़ा दी गई है। यह फीस वृद्धि चार से पांच गुना की गई है। पहले पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन दोनों हो जाते थे। एमए इकोनॉमिक्स, एमए इंग्लिश, एमए हिस्ट्री, एमएससी गणित, एमए हिंदी, एमए पब्लिक एड कोर्स की फीस सालाना 8500 रुपये थी। अब यह बढ़कर 42 हजार रुपये हो गई है। यह वृद्धि 4.9 प्रतिशत है। बीएससी गणित, बीएससी जेनेटिक्स, बीकॉम, बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की फीस 8500 रुपये से बढ़कर 40600 रुपये कर दी गई है।
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बीसीए व होटल मैनेजमेंट की फीस 45000 रुपये से बढ़ाकर 61000 रुपये कर दी गई है। यानी इंटीग्रेटेड कोर्स पांच साल में 50 हजार रुपये में हो जाता था। अब यह कोर्स दो लाख से अधिक फीस देने पर होगा। छात्र अमन आलड़िया ने कहा कि प्रदेश में दो महीने पहले ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल लगभग नष्ट हो गई थी। फसल नष्ट होने के साथ किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। उनके साथ मजदूर भी खेतों में काम नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। विवि प्रशासन बढ़ाई गई फीस जल्द वापस ले। ऐसा नहीं होने पर विद्यार्थियों को सड़क पर उतरना पड़ेगा। इस मौके पर साहिल चावरिया, ललित सैनी मौजूद रहे।
एनईपी के नाम पर 8592 से 40660 रुपये हुई बीएससी की फीस
एमडीयू ने स्नातक कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर प्राॅस्पेक्टस जारी किया है। इसमें नए सत्र से एनईपी (न्यू एजुकेशन पॉलिसी) के तहत नए कोर्स शुरू किए गए हैं। इन कोर्सों की फीस चार से पांच गुना बढ़ गई है। स्नातक कोर्स भी अब तीन के बजाय चार साल में पूरा होगा। महंगी शिक्षा को लेकर एमडीयू के छात्र संगठनों में रोष पनप रहा है। एमडीयू ने बीकॉम और बीएससी की फीस 8592 से 40660 रुपये व बीए कोर्स की फीस 8522 रुपये से 30660 रुपये कर दी है। प्राॅस्पेक्टस में ऐसे में और भी कोर्स नहीं है, जिनकी फीस बढ़ाई गई है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) फीस वृद्धि की निंदा करता है। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
- उमेश मौय, प्रदेश सचिव, एआईडीएसओ
नई शिक्षा नीति के तहत एमडीयू प्रशासन ने भारी फीस वृद्धि की है। अब तक पांच साल में होने वाले पाठ्यक्रमों को समाप्त कर दिया गया है। उनकी जगह चार साल के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए एक साल अलग से दाखिला लेकर पढ़ना होगा। फीस वृद्धि और चार साल का ग्रेजुएशन कोर्स का कदम शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण को बढ़ावा देने व कॉर्पोरेट घराने का मुनाफा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षा में यह बदलाव शिक्षा को वैश्विक बाजार में खरीद-फरोख़्त की वस्तु में बदल कर इससे अधिकतम मुनाफा लूटने के लिए किया गया है।
- दीपक धनखड़, पूर्व अध्यक्ष, सीवाईएसएस
एमडीयू में 5 वर्षीय पीजी कोर्स की फीस का ब्योरा (पुरानी फीस)
कोर्स फीस रुपये में
एमए अंग्रेजी 8522
एमए इकोनोमिक्स 8522
एमकॉम ऑनर्स 8592
एमएससी मैथ 8592
एमबीए 43692
मास्टर इन फाइन आर्ट्स 23612
एमडीयू में 4 वर्षीय यूजी कोर्स की फीस का ब्योरा (नई फीस)
कोर्स फीस रुपये में
बीए अंग्रेजी 30660
बीए इकोनोमिक्स 30660
बीए पब्लिक एड 30660
बीए संस्कृत 30660
बीए इतिहास 30660
बीएससी जैनेटिक्स 40660
बीएससी मैथ 40660
बीएससी स्टेटिस्टिक्स 40660
बीकॉम 40660
बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स 40660
बीबीए 61650
बीसीए 61650
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रोहतक। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों के लिए एमडीयू से अध्ययन करना मुश्किल हो गया है। इसकी वजह विवि प्रशासन की ओर से नए सिलेबस के साथ फीस में चार से पांच गुना वृद्धि करना बताया जा रहा है।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रॉस्पेक्टस में दर्ज फीस ने विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के होश उड़ा दिए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को सीवाईएसएस (छात्र युवा संघर्ष समिति) ने दाखिला कमेटी के कन्वीनर एवं एमडीयू के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान को ज्ञापन सौंपा है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने फीस वृद्धि की निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। विवि के अन्य छात्र संगठनों में फीस वृद्धि को लेकर भी रोष पनप रहा है।
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एमडीयू के नए प्राॅस्पेक्टस में नई शिक्षा नीति के तहत पहली बार नया सिलेबस लागू किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न कोर्सों की फीस भी बढ़ा दी गई है। यह फीस वृद्धि चार से पांच गुना की गई है। पहले पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन दोनों हो जाते थे। एमए इकोनॉमिक्स, एमए इंग्लिश, एमए हिस्ट्री, एमएससी गणित, एमए हिंदी, एमए पब्लिक एड कोर्स की फीस सालाना 8500 रुपये थी। अब यह बढ़कर 42 हजार रुपये हो गई है। यह वृद्धि 4.9 प्रतिशत है। बीएससी गणित, बीएससी जेनेटिक्स, बीकॉम, बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की फीस 8500 रुपये से बढ़कर 40600 रुपये कर दी गई है।
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बीसीए व होटल मैनेजमेंट की फीस 45000 रुपये से बढ़ाकर 61000 रुपये कर दी गई है। यानी इंटीग्रेटेड कोर्स पांच साल में 50 हजार रुपये में हो जाता था। अब यह कोर्स दो लाख से अधिक फीस देने पर होगा। छात्र अमन आलड़िया ने कहा कि प्रदेश में दो महीने पहले ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल लगभग नष्ट हो गई थी। फसल नष्ट होने के साथ किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। उनके साथ मजदूर भी खेतों में काम नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। विवि प्रशासन बढ़ाई गई फीस जल्द वापस ले। ऐसा नहीं होने पर विद्यार्थियों को सड़क पर उतरना पड़ेगा। इस मौके पर साहिल चावरिया, ललित सैनी मौजूद रहे।
एनईपी के नाम पर 8592 से 40660 रुपये हुई बीएससी की फीस
एमडीयू ने स्नातक कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर प्राॅस्पेक्टस जारी किया है। इसमें नए सत्र से एनईपी (न्यू एजुकेशन पॉलिसी) के तहत नए कोर्स शुरू किए गए हैं। इन कोर्सों की फीस चार से पांच गुना बढ़ गई है। स्नातक कोर्स भी अब तीन के बजाय चार साल में पूरा होगा। महंगी शिक्षा को लेकर एमडीयू के छात्र संगठनों में रोष पनप रहा है। एमडीयू ने बीकॉम और बीएससी की फीस 8592 से 40660 रुपये व बीए कोर्स की फीस 8522 रुपये से 30660 रुपये कर दी है। प्राॅस्पेक्टस में ऐसे में और भी कोर्स नहीं है, जिनकी फीस बढ़ाई गई है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) फीस वृद्धि की निंदा करता है। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
- उमेश मौय, प्रदेश सचिव, एआईडीएसओ
नई शिक्षा नीति के तहत एमडीयू प्रशासन ने भारी फीस वृद्धि की है। अब तक पांच साल में होने वाले पाठ्यक्रमों को समाप्त कर दिया गया है। उनकी जगह चार साल के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए एक साल अलग से दाखिला लेकर पढ़ना होगा। फीस वृद्धि और चार साल का ग्रेजुएशन कोर्स का कदम शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण को बढ़ावा देने व कॉर्पोरेट घराने का मुनाफा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षा में यह बदलाव शिक्षा को वैश्विक बाजार में खरीद-फरोख़्त की वस्तु में बदल कर इससे अधिकतम मुनाफा लूटने के लिए किया गया है।
- दीपक धनखड़, पूर्व अध्यक्ष, सीवाईएसएस
एमडीयू में 5 वर्षीय पीजी कोर्स की फीस का ब्योरा (पुरानी फीस)
कोर्स फीस रुपये में
एमए अंग्रेजी 8522
एमए इकोनोमिक्स 8522
एमकॉम ऑनर्स 8592
एमएससी मैथ 8592
एमबीए 43692
मास्टर इन फाइन आर्ट्स 23612
एमडीयू में 4 वर्षीय यूजी कोर्स की फीस का ब्योरा (नई फीस)
कोर्स फीस रुपये में
बीए अंग्रेजी 30660
बीए इकोनोमिक्स 30660
बीए पब्लिक एड 30660
बीए संस्कृत 30660
बीए इतिहास 30660
बीएससी जैनेटिक्स 40660
बीएससी मैथ 40660
बीएससी स्टेटिस्टिक्स 40660
बीकॉम 40660
बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स 40660
बीबीए 61650
बीसीए 61650