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Rohtak News: एमडीयू ने नहीं दिया कुलपति आवास के रखरखाव व मरम्मत के खर्च का ब्योरा
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला कुलपति आवास के रखरखाव व मरम्मत पर हुआ खर्च है। एमडीयू ने सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई सूचना देने से इन्कार कर दिया है। चर्चा है कि कुलपति आवास पर हाल ही लाखों रुपये खर्च हुए हैं। इसी को लेकर आरटीआई लगाई गई थी। आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. जयपाल ने राज्य सूचना आयोग में अपील कर कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. जयपाल ने बताया कि प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों के कुलपति आवास के निर्माण की लागत, मरम्मत व रखरखाव के खर्च संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसमें से 9 विश्वविद्यालयों ने जानकारी दे दी है। एमडीयू ने जानकारी देने से इन्कार कर दिया है। जानकारी अलग-अलग जगह फैली होने का हवाला देते हुए प्रथम अपील काे खारिज कर दिया। अब राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील की है।
एमडीयू के इंजीनियरिंग सेल की ओर से संभावित वित्तीय गड़बड़ी व सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आंशका है। आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने व तत्काल तथ्यों को उजागर करने की मांग की है।
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एमडीयू की आरटीआई शाखा ने मांगा गया जवाब दे दिया है। आरटीआई दायरे में आने वाली जानकारी दी गई है। -प्रो. प्रदीप के अहलावत, आरटीआई सेल, एमडीयू।
संवाद
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डॉ. जयपाल ने बताया कि प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों के कुलपति आवास के निर्माण की लागत, मरम्मत व रखरखाव के खर्च संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसमें से 9 विश्वविद्यालयों ने जानकारी दे दी है। एमडीयू ने जानकारी देने से इन्कार कर दिया है। जानकारी अलग-अलग जगह फैली होने का हवाला देते हुए प्रथम अपील काे खारिज कर दिया। अब राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील की है।
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एमडीयू के इंजीनियरिंग सेल की ओर से संभावित वित्तीय गड़बड़ी व सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आंशका है। आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने व तत्काल तथ्यों को उजागर करने की मांग की है।
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एमडीयू की आरटीआई शाखा ने मांगा गया जवाब दे दिया है। आरटीआई दायरे में आने वाली जानकारी दी गई है। -प्रो. प्रदीप के अहलावत, आरटीआई सेल, एमडीयू।
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